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भवन स्वामी को समय पर आवास न देने पर बिल्डर पर दो लाख का जुर्माना
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भवन स्वामी की ओर से बिल्डर्स को आवंटित फ्लैट का पूरा भुगतान करने के बावजूद कब्जा नहीं देने के मामले में सुनवाई करते हुए रेरा ने बिल्डर पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इतना ही नहीं रेरा सदस्य नरेश सी मठपाल की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि बिल्डर को साढ़े नौ फीसदी वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा।
रेरा सदस्य नरेश सी मठपाल ने बताया कि अमित राणा की ओर से पैरेट्स रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ वाद दायर किया गया था। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई थी अमित राणा की ओर से आवंटित फ्लैट का पूरा भुगतान किए जाने के बावजूद उन्हें न तो कब्जा दिलाया गया और न ही विलंब के लिए कोई ब्याज का भुगतान किया गया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए रेरा सदस्य नरेश सी मठपाल ने भूसंपदा विनियमन एवं विकास अधिनियम- 2016 की धारा 63 के तहत बिल्डर पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया।
रेरा सदस्य नरेश सी मठपाल ने बताया कि भुगतान के बावजूद नियत तिथि पर फ्लैट का कब्जा नहीं दिलाया गया। उस नियत तिथि से लेकर जिस तिथि तक कब्जा दिया जाएगा, इतने समय का साढ़े नौ फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से प्रत्येक माह का ब्याज का भी भुगतान बिल्डर को करना होगा। विलंब ब्याज वसूलने के लिए जिलाधिकारी के जरिये बिल्डर को आरसी भी जारी की जाएगी। दूसरी ओर इस संबंध में जब पैरेट्स रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो पाया।
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रेरा सदस्य नरेश सी मठपाल ने बताया कि अमित राणा की ओर से पैरेट्स रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ वाद दायर किया गया था। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई थी अमित राणा की ओर से आवंटित फ्लैट का पूरा भुगतान किए जाने के बावजूद उन्हें न तो कब्जा दिलाया गया और न ही विलंब के लिए कोई ब्याज का भुगतान किया गया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए रेरा सदस्य नरेश सी मठपाल ने भूसंपदा विनियमन एवं विकास अधिनियम- 2016 की धारा 63 के तहत बिल्डर पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया।
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रेरा सदस्य नरेश सी मठपाल ने बताया कि भुगतान के बावजूद नियत तिथि पर फ्लैट का कब्जा नहीं दिलाया गया। उस नियत तिथि से लेकर जिस तिथि तक कब्जा दिया जाएगा, इतने समय का साढ़े नौ फीसदी वार्षिक ब्याज की दर से प्रत्येक माह का ब्याज का भी भुगतान बिल्डर को करना होगा। विलंब ब्याज वसूलने के लिए जिलाधिकारी के जरिये बिल्डर को आरसी भी जारी की जाएगी। दूसरी ओर इस संबंध में जब पैरेट्स रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो पाया।
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