इस IAS की तरकीब से ग्रामीणों को घर बैठे मिल रही हैं दवाईयां, जानिए कैसे
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उत्तराखंड में प्रतिभावान और होनहार अफसरों की कमी नहीं है। एक ताजा उदाहरण इन आईएस का ही ले लीजिए, इनकी एक तरकीब से ग्रामीणों को घर बैठे दवाईयां मिल रही है। जानिए कैसे...
ये हैं नई टिहरी की डीएम सोनिका। इन्होंने एक टोल फ्री नंबर जारी किया और एक माह में ही इसका असर दिखने लगा है। अब तक 332 मरीजों को घर बैठे दवाईयां मिल चुकी है। क्रम जारी है।
निशुल्क 555 स्वास्थ्य सलाह सेवा का एक माह पूरा होने पर डीएम सोनिका ने कहा कि यह सेवा मरीजों के लिए बखूबी लाभदायक सिद्ध हो रही है। अब तक सेवा के माध्यम से 441 लोगों ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी हासिल की है। उन्होंने बताया कि सेवा को पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर अभी चंबा ब्लॉक में ही शुरू किया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो अन्य ब्लॉकों में भी शुरू किया जाएगा।
555 सेवा केंद्र में डीएम ने पत्रकार वार्ता में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव और जरूरतमंदों को घर पर ही दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निशुल्क सलाह सेवा 20 जून को शुरू की गई थी। जरूरतमंद मरीजों को घर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए चंबा ब्लॉक में 29 डीपो खोले गए हैं, जहां मरीज के जरूरत के अनुरूप दवाएं रखी गई हैं।
बीएसएनएल के उपभोक्ता 555 और अन्य नेटवर्क के उपभोक्ता 18001804112 पर कॉल आने पर चिकित्सकों से परामर्श के बाद एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी वर्करों के माध्यम से संबंधित मरीज को दवा उपलब्ध कराई जा रही है। डीएम ने बताया कि चंबा ब्लॉक के अलावा अन्य ब्लॉकों के मरीज भी सेवा से परामर्श ले सकते हैं।