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क्वांसी पहुंचे सीएचसी प्रभारी का ग्रामीणों ने घेराव कर हंगामा काटा
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सही समय पर उपचार न मिलने के कारण खारसी गांव निवासी महिला की मौत के बाद बुधवार को सीएचसी चकराता के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र चौहान ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्वांसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने उनका घेराव कर खूब खरी खोटी सुनाई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में तैनात फॉर्मासिस्ट, एएनएम और एक वॉर्ड ब्वॉय के बीते बुधवार को गायब रहने की बात प्रकाश में आई। जिस पर उन्होंने गायब चल रहे कर्मचारियों का वेतन काटने की संस्तुति की है।
ग्रामीणों ने कहा कि अक्सर स्टॉफ अस्पताल से गायब रहता है। देखभाल के अभाव में अस्पताल परिसर में लंबी-लंबी घास उग आई है। अस्पताल भवन शोपीस साबित हो रहा है। बुखार, जुकाम, खांसी जैसी मामूली बीमारी के लिए भी लोग करीब 26 किमी दूर चकराता की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। जिस कारण खारसी गांव निवासी ऊषा देवी सही समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। मालूम हो कि बीते बुधवार को खारसी गांव निवासी ऊषा देवी को बुखार और सीने में जकड़न मससूस होने की शिकायत पर अस्पताल में लाया गया था। लेकिन यहां पर चिकित्सक और अन्य स्टॉफ के मौजूद न होने के कारण परिजनों को उन्हें सीएचसी चकराता लेकर जाना पड़ा। लेकिन बीच रास्ते में ही ऊषा देवी ने उपचार न मिलने के कारण दम तोड़ दिया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र चौहान ने बताया कि निरीक्षण और ग्रामीणों से वार्ता के बाद इस बात की पुष्टि हुई है है कि बीते बुधावर को अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट कल्पना रानी, वॉर्ड ब्वाय प्यारदास और एएनएम राखी अस्पताल में नहीं थे। इस संबंध में उन्होंने उच्चाधिकारियों को कोई सूचना नहीं दी। जिस पर इनके वेतन काटने की संस्तुति उच्चाधिकारियों से की गई है। घेराव करने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष सूर्यपाल चौहान, सूरत सिंह, भागीराम, सरदार सिंह, मुन्ना चौहान, सूरत सिंह, जोधवीर रावत, जवाहर सिंह, बलबीर सिंह, अजब सिंह, आनंद सिंह, भगतराम, कमलदास, अमित, बबलू, नरेंद्र कुमार, गुड्डू आदि शामिल रहे।
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ग्रामीणों ने कहा कि अक्सर स्टॉफ अस्पताल से गायब रहता है। देखभाल के अभाव में अस्पताल परिसर में लंबी-लंबी घास उग आई है। अस्पताल भवन शोपीस साबित हो रहा है। बुखार, जुकाम, खांसी जैसी मामूली बीमारी के लिए भी लोग करीब 26 किमी दूर चकराता की दौड़ लगाने को मजबूर हैं। जिस कारण खारसी गांव निवासी ऊषा देवी सही समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। मालूम हो कि बीते बुधवार को खारसी गांव निवासी ऊषा देवी को बुखार और सीने में जकड़न मससूस होने की शिकायत पर अस्पताल में लाया गया था। लेकिन यहां पर चिकित्सक और अन्य स्टॉफ के मौजूद न होने के कारण परिजनों को उन्हें सीएचसी चकराता लेकर जाना पड़ा। लेकिन बीच रास्ते में ही ऊषा देवी ने उपचार न मिलने के कारण दम तोड़ दिया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र चौहान ने बताया कि निरीक्षण और ग्रामीणों से वार्ता के बाद इस बात की पुष्टि हुई है है कि बीते बुधावर को अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट कल्पना रानी, वॉर्ड ब्वाय प्यारदास और एएनएम राखी अस्पताल में नहीं थे। इस संबंध में उन्होंने उच्चाधिकारियों को कोई सूचना नहीं दी। जिस पर इनके वेतन काटने की संस्तुति उच्चाधिकारियों से की गई है। घेराव करने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष सूर्यपाल चौहान, सूरत सिंह, भागीराम, सरदार सिंह, मुन्ना चौहान, सूरत सिंह, जोधवीर रावत, जवाहर सिंह, बलबीर सिंह, अजब सिंह, आनंद सिंह, भगतराम, कमलदास, अमित, बबलू, नरेंद्र कुमार, गुड्डू आदि शामिल रहे।
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