फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   village land pass for ukd leader son

मंत्री जी का दबदबा, बेटे के नाम पर जमीन के आदेश

Tue, 20 Jun 2017 09:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला,हरिद्वार Updated Tue, 20 Jun 2017 09:25 PM IST
विज्ञापन
village land pass for ukd leader son
DIWAKAR BHATT - फोटो : AmarUjala

पिछली भाजपा सरकार में राजस्व मंत्री रहे यूकेडी नेता दिवाकर भट्ट के बेटे के नाम श्यामपुर ग्राम पंचायत की जमीन अदला-बदली करने का आदेश राजस्व परिषद ने निरस्त कर दिया है।

विज्ञापन


लेखपाल की गवाही के आधार पर यह भी माना गया है जमीन की अदला-बदली में दिवाकर भट्ट के मंत्री होने का प्रभाव भी रहा है। वहीं परिषद ने तत्कालीन सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन


आदेश के बाद शिकायतकर्ता और श्यामपुर के पूर्व प्रधान हेमराज ने प्रशासन से जमीन को दोबारा ग्राम सभा के खसरा नंबर में दर्ज करने की मांग की है।   

विज्ञापन
विज्ञापन

यह था मामला

village land pass for ukd leader son
DIWAKAR BHATT - फोटो : AmarUjala

प्रदेश की भाजपा सरकार में राजस्व मंत्री रहे और इस समय उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट के बेटे ललित भट्ट ने वर्ष 2009 में एक प्रार्थना पत्र उप जिलाधिकारी को देते हुए बताया था कि उनकी श्यामपुर नौआबाद में जमीन है, लेकिन जमीन पर जाने के लिए रास्ता नहीं है।

ग्राम समाज की खाली पड़ी भूमि को उनकी जमीन के बदले विनिमय (अदला-बदली) कर दी जाए। सहायक कलेक्टर ने 23 मार्च 2010 को प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए ललित भट्ट की भूमि ग्राम समाज और ग्राम समाज की भूमि ललित भट्ट के नाम दर्ज करने के आदेश कर दिए थे।

इस आदेश के विरुद्ध श्यामपुर के तत्कालीन प्रधान हेमराज ने पांच सितंबर 2012 को आपत्ति दाखिल की, लेकिन इसे सहायक कलेक्टर ने निरस्त कर दिया। जिसके बाद हेमराज ने राजस्व परिषद का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई करते हुए राजस्व परिषद ने पाया कि मामले में भूमि व्यवस्था नियमावली का उल्लंघन हुआ है।

लेखपाल की आख्या में मंत्रीजी का दबदबा दिखा

village land pass for ukd leader son

प्रस्ताव पास करने में सक्षम अधिकारी की अनुमति नहीं ली गई है। लेखपाल की आख्या से यह साफ हो जाता है ऐसा ललित भट्ट के पिता जो राजस्व मंत्री रहे हैं, उनके प्रभाव में किया गया है। ग्राम समाज की भूमि सड़क किनारे और ललित भट्ट की भूमि नदी तल में स्थित थी।

ऐसे में तहसील कर्मचारियों ने दोनों भूमियों का मूल्यांकन भी त्रुटिपूर्ण और अवास्तविक किया है। राजस्व परिषद ने हैरानी जताई है कि जिला राजस्व प्रशासन (जिलाधिकारी) के संज्ञान में आने के बाद भी उन्होंने सहायक कलेक्टर के फैसले पर कोई विधिक कार्रवाई नहीं की और न निगरानी प्रस्तुत की।

यदि जांच हुई और अनियमितता मिली थी तो राज्य सरकार मूकदर्शक कैसे बन गई। परिषद के न्यायिक सदस्य पीएस जंगपांगी ने सुनवाई करते हुए 23 मार्च 2010 के आदेश निरस्त करने के आदेश दिए हैं। इस आदेश के साथ श्यामपुर के पूर्व प्रधान हेमराज ने जिलाधिकारी दीपक रावत को पत्र सौंपते हुए मांग की है कि ललित भट्टके नाम दर्ज की गई भूमि के दस्तावेजों में फिर से ग्राम समाज का नाम दर्ज किया जाए।    
     
मामले में लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा कि उसके हस्ताक्षर खाली कागज पर यह कहकर कराए गए थे कि जमीन पर चिकित्सालय और पशु चिकित्सालय का निर्माण किया जाना है। पूरे मामले में सहायक कलेक्टर सहित कई तहसील कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ है कि मामला बेटे से जुड़ा होने के चलते तत्कालीन राजस्व मंत्री दिवाकर भट्ट का प्रभाव रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed