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उत्तराखंड वन विभाग में 2010 से हुई सभी भर्तियों की होगी विजिलेंस जांच
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 03 Sep 2017 03:00 PM IST
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2010-11 के बाद की गई सभी भर्तियों की विजिलेंस जांच होगी
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वन विभाग में वर्ष 2010-11 के बाद की गई सभी भर्तियों की विजिलेंस जांच होगी। इसकी संस्तुति कर दी गई है।
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वहीं 2013 में राजाजी राष्ट्रीय पार्क में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर की गई वन आरक्षियों की भर्ती में तत्कालीन उप निदेशक व वर्तमान में प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार एचके सिंह को दोषी पाया गया है।
हालांकि, जांच की कार्रवाई तब हो पाएगी जब फाइल आगे बढ़ेगी। क्योंकि मई 2017 से फाइल वन विभाग में डंप पड़ी है। जबकि फाइल पर मुख्य सचिव एस रामास्वामी से लेकर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत तक के हस्ताक्षर हैं। आरटीआइ कार्यकर्ता विनोद जैन की ओर से मांगी गई सूचना में इस बात का खुलासा हुआ।
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