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Cyber Crime: ट्रेजरी अफसर बन डॉक्टर से की 10.50 लाख की ठगी, ऐसे शिकार बनाता है शातिर

Tue, 04 Apr 2023 06:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Tue, 04 Apr 2023 06:08 PM IST
सार

आरोपी विभिन्न वेबसाइट से नंबर निकालकर रिटायर्ड लोगों को ट्रेजरी अफसर बनकर कॉल करता है। इसके बाद उनके व्हाट्सएप पर पेंशन भुगतान संबंधी फार्मेट भेजता है।

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Cyber Crime: youth Arrested for fraud of 10.50 lakh from a doctor by becoming a treasury officer
गिरफ्तारी(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

खुद को ट्रेजरी अफसर बताकर सेवानिवृत्त सरकारी डॉक्टर से 10.50 लाख रुपये ठगने वाले शातिर साइबर ठग को एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने डॉक्टर की पेंशन बनवाने के नाम पर ठगी की थी। ठग के खिलाफ कोलकाता में भी ठगी का मुकदमा दर्ज है। उसका नाम एक अन्य ठगी में भी सामने आ रहा है।

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एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि हल्द्वानी निवासी सेवानिवृत्त डॉक्टर हरीश लाल को अक्तूबर 2022 में एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को ट्रेजरी अफसर बताया था। डॉ. हरीश लाल कुछ दिन पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे। ऐसे में उनकी पेंशन नहीं बनी थी। ट्रेजरी अफसर का फोन जान वह आसानी से ठग के जाल में फंस गए। साइबर ठग ने उनके फोन को रिमोट एक्सेस एप से अपने कंट्रोल में ले लिया और उनके खाते की जानकारी हासिल कर ली। बातों ही बातों में ओटीपी भी जान लिया।
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इसके बाद उनके खाते से 10.50 लाख रुपये निकाल लिए। उन्होंने इसकी शिकायत हल्द्वानी पुलिस थाने को दी, जहां से यह मामला साइबर थाने को ट्रांसफर कर दिया गया। एसटीएफ ने जांच में पाया कि यह रकम अलग-अलग खातों में जमा की गई है। इन खातों से लिंक सारे मोबाइल नंबर बंद थे। जांच में पता चला कि इस धन की निकासी पश्चिम बंगाल और बिहार के विभिन्न एटीएम से की गई है।
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इस पर एसटीएफ की टीमों को पश्चिम बंगाल रवाना किया गया। कोलकाता में टीम करीब 15 दिन रही। इस बीच शनिवार को वहां से अभिषेक शॉ निवासी बिदुपुर, वैशाली बिहार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से डेबिट कार्ड, 16 सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

कोलकाता के मुकदमे में जमानत पर था अभिषेक
अभिषेक शॉ को पिछले दिनों कोलकाता पुलिस ने भी साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन कुछ दिन बाद ही उसकी जमानत हो गई। पता चला है कि आरोपी ने उत्तराखंड के एक और व्यक्ति से एक लाख रुपये की ठगी की है।

...ताकि जल्द न हो सके जमानत
एसटीएफ एसएसपी ने बताया कि आरोपी द्वारा पूरे देश में ठगी करने की आशंका है। ऐसे में जहां-जहां उसने लोगों को ठगा है वहां की पुलिस को रिपोर्ट भेजी जाएगी। ताकि, अलग-अलग जगहों पर उसके खिलाफ मुदकमे दर्ज किए जा सकें। इससे उसकी आसानी से जमानत नहीं होगी।

ऐसे करता है ठगी
वह विभिन्न वेबसाइट से नंबर निकालकर रिटायर्ड लोगों को ट्रेजरी अफसर बनकर कॉल करता है। इसके बाद उनके व्हाट्सएप पर पेंशन भुगतान संबंधी फार्मेट भेजता है। पेंशन के सभी देयकों का भुगतान करवाने के झांसे में लेकर उनके मोबाइल का एक्सेस लेकर सिम स्वेपिंग कर ली जाती है। इसके बाद उनके इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस लेकर धनराशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवा ली जाती है। विभिन्न खातों में इंटरनेट बैंकिंग के जरिये मोबाइल नंबर बदलकर धनराशि प्राप्त कर ली जाती है। आरोपी नेटवर्क मार्केटिंग में काम कर चुका है। इसकी वजह से बातचीत करने और लोगों को झांसे में लेने में एक्सपर्ट है।

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