फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   very long sugarcane crop in haridwar

बिना रासायनिक उर्वरकों के जमीन में उगा इतना लंबा गन्ना, किसान हुआ हैरान

Fri, 07 Jul 2017 02:55 PM IST
अजब सिंह / अमर उजाला, पथरी
अजब सिंह / अमर उजाला, पथरी Updated Fri, 07 Jul 2017 02:55 PM IST
विज्ञापन
very long sugarcane crop in haridwar
डेमो - फोटो : demo pic

हरिद्वार जिले के रानीमाजरा के किसान देशराज सैनी ने खेत में नई प्रजाति की अगेती गन्ने की दस फीट लंबी फसल तैयार कर सभी हैरान कर दिया है।

विज्ञापन


करीब दस माह की मेहनत के बाद तैयार हुई फसल से किसान देशराज सैनी काफी उत्साहित है। सबसे बड़ी खासियत बात यह है कि उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया। उनसे अन्य किसान भी फसल पैदा करने के गुर सीख रहे हैं।
विज्ञापन

      
किसान देशराज सैनी पिछले कई सालों से कृषि विभाग की ओर से तमिलनाडु व कई राज्यों में अनुसंधान केंद्रों में जाकर खेती करने का प्रशिक्षण ले चुके है। इसलिए अब देशराज सैनी खेती में नए-नए प्रयोग आजमा रहे है। देशराज सैनी का कहना है कि उन्होंने रासायनिक खाद से किनारा करते हुए 13 एकड़ गन्ने की फसल तैयार की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बगैर रासायनिक खाद की गन्ने की फसल पैदा करने में खर्च कम आया

very long sugarcane crop in haridwar

किसान देशराज सैनी का कहना है बगैर रासायनिक खाद के कारण इस गन्ने की फसल पैदा करने में खर्च कम आया है। वह प्रजापति 0238 अरली गन्ने का बीज अनुसंधान केंद्र काशीपुर से खरीद कर लाए थे। खेत में इस गन्ने के बीज की बुआई पिछले साल सितंबर माह में की थी। प्रति एकड़ में छह क्विंटल गन्ने का बीज डाला गया।

गन्ने की बुवाई से पहले खेत में गोबर की खाद डाली गई। इसके बाद गन्ने की फसल में किसी भी रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं किया गया। एक बार गन्ने की बंधाई भी हुई है। गन्ने कीअन्य फसलों के अपेक्षा इस गन्ने की फसल की लंबाई व मोटाई अधिक है। देशराज सैनी का दावा है कि पेराई का सत्र शुरू होने तक इस गन्ने की फसल की लंबाई व मोटाई और बढ़ेगी।

किसान देशराज सैनी ने बताया कि पिछले पांच साल में कृषि विभाग की ओर से वह तमिलनाडु के कोयमबटूर, अकोला, नानदेड़ व हरियाणा के करनाल, हिमाचल के सोलन और उत्तराखंड के काशीपुर, पंतनगर, धनौरी अनुसंधान केंद्रों में खेती करने का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है। दूसरी ओर कृषि विभाग के एडीओ साहबराज का कहना है कि उन्होंने मौके पर जाकर इस गन्ने की फसल का जायजा लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed