बिना रासायनिक उर्वरकों के जमीन में उगा इतना लंबा गन्ना, किसान हुआ हैरान
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हरिद्वार जिले के रानीमाजरा के किसान देशराज सैनी ने खेत में नई प्रजाति की अगेती गन्ने की दस फीट लंबी फसल तैयार कर सभी हैरान कर दिया है।
करीब दस माह की मेहनत के बाद तैयार हुई फसल से किसान देशराज सैनी काफी उत्साहित है। सबसे बड़ी खासियत बात यह है कि उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं किया। उनसे अन्य किसान भी फसल पैदा करने के गुर सीख रहे हैं।
किसान देशराज सैनी पिछले कई सालों से कृषि विभाग की ओर से तमिलनाडु व कई राज्यों में अनुसंधान केंद्रों में जाकर खेती करने का प्रशिक्षण ले चुके है। इसलिए अब देशराज सैनी खेती में नए-नए प्रयोग आजमा रहे है। देशराज सैनी का कहना है कि उन्होंने रासायनिक खाद से किनारा करते हुए 13 एकड़ गन्ने की फसल तैयार की है।
बगैर रासायनिक खाद की गन्ने की फसल पैदा करने में खर्च कम आया
किसान देशराज सैनी का कहना है बगैर रासायनिक खाद के कारण इस गन्ने की फसल पैदा करने में खर्च कम आया है। वह प्रजापति 0238 अरली गन्ने का बीज अनुसंधान केंद्र काशीपुर से खरीद कर लाए थे। खेत में इस गन्ने के बीज की बुआई पिछले साल सितंबर माह में की थी। प्रति एकड़ में छह क्विंटल गन्ने का बीज डाला गया।
गन्ने की बुवाई से पहले खेत में गोबर की खाद डाली गई। इसके बाद गन्ने की फसल में किसी भी रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं किया गया। एक बार गन्ने की बंधाई भी हुई है। गन्ने कीअन्य फसलों के अपेक्षा इस गन्ने की फसल की लंबाई व मोटाई अधिक है। देशराज सैनी का दावा है कि पेराई का सत्र शुरू होने तक इस गन्ने की फसल की लंबाई व मोटाई और बढ़ेगी।
किसान देशराज सैनी ने बताया कि पिछले पांच साल में कृषि विभाग की ओर से वह तमिलनाडु के कोयमबटूर, अकोला, नानदेड़ व हरियाणा के करनाल, हिमाचल के सोलन और उत्तराखंड के काशीपुर, पंतनगर, धनौरी अनुसंधान केंद्रों में खेती करने का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है। दूसरी ओर कृषि विभाग के एडीओ साहबराज का कहना है कि उन्होंने मौके पर जाकर इस गन्ने की फसल का जायजा लिया है।