उत्तराखंड: इन चार जिलों में होगी बेहद भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया खतरे का अलर्ट
प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में बुधवार को भी बारिश होगी। विशेषकर कुमाऊं के चार जिलों में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल में सबसे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
मंगलवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में दिनभर बारिश होती रही। राजधानी दून समेत आस-पास के क्षेत्रों में सुबह से बारिश शुरू हो गई। दिनभर सूरज और बादलों के बीच आंख-मिचौली चलती रही। दोपहर बाद एक बार फिर आसमान काले बादलों से घिर गया और हल्की बूंदाबांदी हुई। शाम के समय कई इलाकों में काफी तेज बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी और उमस से खासी राहत मिली।
मुनस्यारी क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश रिकॉर्ड
इस दौरान वहां 140, हरिद्वार व धारचूला में 70, रुड़की, हल्द्वानी में 60, पंतनगर, ऊखीमठ, देवप्रयाग, बनबसा, मसूरी में 40 और देहरादून, लक्सर व जोशीमठ में 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश के कुछ स्थानों को छोड़कर अन्य सभी जगह बारिश होगी।
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए चंपावत जिला प्रशासन ने बुधवार को भी इंटर तक के सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। वहीं, मुनस्यारी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आठ जुलाई तक परीक्षा स्थगित कर दी गई हैं। परीक्षा अब 19 जुलाई के बाद नए पेपर आने पर होगी।
यमुनोत्री हाईवे अभी भी बंद
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे पर मंगलवार को भी यातायात बहाल नहीं हो पाया। ओजरी डबरकोट में बिना बारिश के भी पहाड़ी से बोल्डरों की बरसात होने से राजमार्ग के आज बुधवार को भी वाहनों के लिए खुलने की संभावना नहीं है। ऐसे में तीर्थयात्री कुंसाला तिर्खली होते हुए चार किमी पैदल दूरी तय कर यमुनोत्री धाम की यात्रा करने को मजबूर हैं।
चमोली जिले में चट्टान से मलबा और बोल्डर आने से अवरुद्ध हुए जोशीमठ-मलारी हाईवे पर 18 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई है। हालांकि अभी भी चट्टान पर अटका मलबा और बोल्डर खतरे का सबब बने हुए हैं।
बारिश के दौरान दोबारा हाईवे के अवरुद्ध होने की आशंका बनी हुई है। यह हाईवे चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ता है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही सेना के जवानों को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।