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Dehradun News: दून में जैन समाज की ओर से मनाई गई वीर शासन जयंती
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संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। महावीर स्वामी के शासन काल के प्रारंभ दिवस वीर शासन जयंती के अवसर पर जैन समाज की ओर से कार्यक्रम किया गया। गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में धार्मिक कार्यक्रम संस्कार प्रणेता, ज्ञानयोगी, जीवन आशा हॉस्पिटल प्रेरणा स्रोत, उत्तराखंड के राजकीय अतिथि आचार्य सौरभ सागर महामुनिराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ।
शुक्रवार की सुबह भगवान जिनेंद्र का अभिषेक कर शांतिधारा की गई, जिसके बाद संगीतमय मंशापूर्ण महावीर विधान का शुभारंभ हुआ। विधानाचार्य संदीप जैन सजल (इंदौर) एवं संगीतकार रामकुमार एंड पार्टी (भोपाल) के भक्ति संगीत में वातावरण भक्तिमय हो उठा। आचार्य सौरभ सागर ने प्रवचन में बताया कि वीर शासन जयंती का दिन जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन से भगवान महावीर स्वामी का शासन काल प्रारंभ हुआ था। कार्यक्रम के पश्चात सामूहिक भोज का आयोजन चंदनबाला जैन, हर्ष जैन, मोनिका जैन, अनुज जैन, शालू जैन, प्रांशु, श्रेया, अनन्या व अनम्या जैन (रामपुर वाले परिवार) की ओर से किया गया। इस अवसर पर रोहिनी, बलबीर नगर, सूर्य नगर आदि मौजूद रहे। वहीं, पुष्प वर्षायोग समिति की ओर से बाहर से आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत कर प्रतीक चिह्न भेंट किए गए।
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देहरादून। महावीर स्वामी के शासन काल के प्रारंभ दिवस वीर शासन जयंती के अवसर पर जैन समाज की ओर से कार्यक्रम किया गया। गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में धार्मिक कार्यक्रम संस्कार प्रणेता, ज्ञानयोगी, जीवन आशा हॉस्पिटल प्रेरणा स्रोत, उत्तराखंड के राजकीय अतिथि आचार्य सौरभ सागर महामुनिराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ।
शुक्रवार की सुबह भगवान जिनेंद्र का अभिषेक कर शांतिधारा की गई, जिसके बाद संगीतमय मंशापूर्ण महावीर विधान का शुभारंभ हुआ। विधानाचार्य संदीप जैन सजल (इंदौर) एवं संगीतकार रामकुमार एंड पार्टी (भोपाल) के भक्ति संगीत में वातावरण भक्तिमय हो उठा। आचार्य सौरभ सागर ने प्रवचन में बताया कि वीर शासन जयंती का दिन जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन से भगवान महावीर स्वामी का शासन काल प्रारंभ हुआ था। कार्यक्रम के पश्चात सामूहिक भोज का आयोजन चंदनबाला जैन, हर्ष जैन, मोनिका जैन, अनुज जैन, शालू जैन, प्रांशु, श्रेया, अनन्या व अनम्या जैन (रामपुर वाले परिवार) की ओर से किया गया। इस अवसर पर रोहिनी, बलबीर नगर, सूर्य नगर आदि मौजूद रहे। वहीं, पुष्प वर्षायोग समिति की ओर से बाहर से आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत कर प्रतीक चिह्न भेंट किए गए।
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