ज्योतिष महाकुंभ 2019: वास्तु और टैरो एक्सपर्ट मुफ्त में बताएंगे कैसा होगा आपका भाग्य
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ज्योतिष को लोग भले ही धर्मशास्त्र की तरह देखते हैं, लेकिन यह एक विज्ञान है। ज्योतिष के मर्मज्ञ एवं आध्यात्मिक ज्ञान के विशेषज्ञ दोनों ही एक स्वर में इसे स्वीकारते भी हैं। मनुष्य के जीवन में परिवर्तन उसके कर्मों, विचारों, भावों एवं संकल्पों के अनुसार होता है। इसलिए मनुष्य के जन्म के क्षण का विशेष महत्व है।
यह वही क्षण है जो व्यक्ति को जीवन भर प्रभावित करता है। ज्योतिष विज्ञान में काफी कुछ समाहित हैं, खगोल विज्ञान, चिकित्सा जगत तक इस बात को अब कहीं न कहीं मानने भी लगा है। अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ में एक मई को जहां निशुल्क परामर्श होगा। वहीं दो तारीख को भविष्य जानने की विभिन्न विधाओं पर विद्वान चर्चा भी करेंगे।
पिछले तीन वर्षों के दौरान सफल ज्योतिष महाकुंभ की शृंखला में इस वर्ष भी देशभर के 180 से अधिक जाने-माने ज्योतिषी, रत्न शास्त्री, अंक शास्त्री, हस्त रेखा विशेषज्ञ, वास्तुशास्त्री, टैरो कार्ड रीडर समेत अन्य विधाओं के विशेषज्ञ एक और दो मई को देहरादून स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में एकत्र होंगे।
एक मई को जहां ज्योतिष लोगों की समस्याओं का निशुल्क निवारण करेंगे, वहीं अगले दिन ज्योतिष की अलग-अलग विधाओं पर चर्चा करेंगे। एक तारीख के कार्यक्रम में प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा। दो तारीख के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने अमर उजाला दफ्तर फोन करके पंजीकरण करा लिया है। यह पंजीकरण कार्यक्रम में सहभागिता के लिए है, परामर्श के लिए नहीं।
अपराजिताओं के लिए अलग से सत्र
महिलाओं के लिए अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत दो मई को विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में महिलाएं करियर संबंधी चिंता, पढ़ाई, विवाह के योग जैसे अहम सवाल लेकर महिलाएं प्रश्न कुंडली के माध्यम से जवाब पा सकेंगी। यह अवसर पहले रजिस्ट्रेशन कराने वाली 250 महिलाओं को मिलेगा।
दो तारीख को महिलाओं के लिए विशेष सत्र के अलावा किसी को भी सेमिनार में परामर्श का मौका नहीं दिया जाएगा। इसके लिए आप अमर उजाला के नंबर 9675201318 पर कॉल कर अपना नाम और फोन नंबर बताकर पंजीकरण करा सकते हैं।
निशुल्क है ज्योतिष महाकुंभ
अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ पूर्ण रूप से निशुल्क है। अगर कोई भी व्यक्ति आपसे इस महाकुंभ में परामर्श के लिए शुल्क मांगता है तो बिल्कुल न दें।
मंत्रों की ध्वनि को यंत्रों में परिवर्तित कर रोगों का करते हैं निवारण
मंत्रों की ध्वनि को यंत्रों में परिवर्तित कर असाध्य रोगों के निवारण और रोजगार व समस्याओं को दूर करने का दावा करने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त आचार्य चंडीप्रसाद घिल्डियाल भी इस ज्योतिष महाकुंभ में होंगे। उनका मानना है कि मंत्रों की शक्ति को यंत्रों में समाहित कर उसके उपयोग से बड़ी से बड़ी बाधाओं को नियंत्रित किया जा सकता है।
कुंडली में छिपा बीमारी का राज
आपकी कुंडली में आपकी सेहत का राज छिपा है। यह मानना है डॉ. संजीव सुंदरानी का। एक एनजीओ के माध्यम से कैंसर जैसे असाध्य रोगियों के प्रेरक कुरु डॉ. सुंदरानी ने 15 वर्षों के शोध के बाद पाया कि किसी भी व्यक्ति की कुंडली में होता है कि भविष्य में उसे क्या बीमारी हो सकती है। यह जानकर वह जातक को नियम, संयम की सलाह देते हैं। ताकि वह बीमारी, भविष्य में उसके लिए हानिकारक न बने।
प्रश्न कुंडली में माहिर
परिवार में अक्सर होने वाले छोटे-छोटे विवादों से हम परेशान रहते हैं। इनके पीछे भले ही वजह छोटी हो, लेकिन भविष्य में इनके गंभीर परिणाम के चलते परिवार तक टूट जाते हैं। इन विवादों का निवारण व्यक्ति की कुंडली में होता है। ऐसा माना है पीपीएस राणा का। यह पिछले कई वर्षों से इस पर शोध कर रहे हैं और इन्हें प्रश्न कुंडली के जरिए समस्याओं के निवारण में महारथ हासिल है।
ज्योतिष के क्षेत्र में जाना पहचाना नाम
आचार्य रामलखन गैरोला की कई भविष्यवाणियां सत्य साबित हुई हैं। सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही ज्योतिष विद्या के प्रति रामलखन गैरोला को भी बचपन में लगाव हुआ और इससे सीखने की ललक जगी। धीरे-धीरे उनके गहन अध्ययन के बाद उनकी कई भविष्यवाणियां सही साबित हुई। रामलखन गैरोला बच्चियों की निशुल्क कुंडली बनाते हैं। शिक्षा विभाग से ताल्लुक रखने वाले रामलखन गैरोला देवी के परम उपासक हैं।