Uttarkashi Tunnel Rescue: बीमार होने लगे सुरंग में छह दिन से फंसे मजदूर, स्वास्थ्य विभाग ने दवाई भेजी
Uttarkashi Tunnel Rescue: सुरंग में दो-दो घंटे के अंतराल पर मजदूरों को खाना दिया जा रहा है। वहां एक मुरमुरे की बोरी भी रखी गई है। जिसे पाइप लाइन में भरकर हवा के प्रेशर से आगे भेजा जा रहा है।
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पिछले छह दिनों से सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों ने कब्ज की शिकायत की है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें दवा भेजी गई है। दरअसल मजदूरों को पाइपलाइन के माध्यम से खाने में सूखे मेवे ही दिए जा रहे हैं। जिसमें काजू, बादाम, पॉपकॉर्न, भूने चने व मुरमुरे आदि शामिल है। फाइबर की कमी के चलते मजदूरों के पेट में ड्राइनेस हो गई है। बृहस्पतिवार शाम को जब मजदूरों से कंपनी के कुछ लोगों ने बात की तो उन्होंने पेट दर्द और कब्ज शिकायत की थी। कंपनी की ओर से स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गई।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आरसीएस पंवार ने बताया कि अंदर फंसे लोगों के लिए पेट दर्द व कब्ज की दवा भेजी गई है। उन्होंने कहा कि, हमने दूध व अंडे भोजन में देने का सुझाव दिया था, लेकिन पाइपलाइन से यह भेजना संभव नहीं है। सब्जी व छिलके वाले खाद्य पदार्थ नहीं दिए जाने से फाइबर की कमी के चलते कब्ज की दिक्कत होना आम है। फिजिशियन डॉ. नवीन सेमवाल ने उन्हें विटामिन सी, डी व बी कॉम्प्लेक्स देने का सुझाव दिया है।
मुरमुरे की रखी गई है बोरी
सुरंग में दो-दो घंटे के अंतराल पर मजदूरों को खाना दिया जा रहा है। वहां एक मुरमुरे की बोरी भी रखी गई है। जिसे पाइप लाइन में भरकर हवा के प्रेशर से आगे भेजा जा रहा है। बिहार व पूर्वांचल के लोगों को मुरमुरा पसंद होने से इसकी मजदूरों की ओर से ही मांग की गई थी।