उत्तराखंड के लैंसडाउन में बना सेना में भर्ती होने का रिकॉर्ड!
- लैंसडाउन सेंटर में बना नया रिकार्ड, एक रैली में चुने गए 1300 अभ्यर्थी
- रैली में औसतन चुने जाते हैं 700 से 800 युवा
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सेना में भर्ती होने के लिए पूरे देश में युवाओं में खूब जोश देखा जाता है पर उत्तराखंड के युवा इन सबसे आगे हैं। सेना भर्ती के मामले में उत्तराखंड के लैंसडाउन सेंटर पर युवाओं ने अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते नया रिकॉर्ड बनाया है।
एक आर्मी रिक्रूटमेंट आफिस (एआरओ) की एक रैली में होने वाले चयन में लैंसडाउन देश के बाकी सेंटरों से आगे है। अक्टूबर 2015 में हुई भर्ती रैली से सेना को 1300 युवा मिले हैं। भर्ती कार्यालय लैंसडाउन के मुताबिक एक रैली में चयनित होने वाले अभ्यर्थियों की यह सर्वाधिक संख्या है। देश भर में किसी भी भर्ती कार्यालय की रैली में औसतन 700 से 800 युवा ही चयनित होते हैं।
8 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2015 को एआरओ ने गढ़ी कैंट में सैनिक जनरल ड्यूटी, क्लर्क और टेक्निकल के पदों के लिए रैली हुई थी। रैली के लिए 33 हजार युवा पंजीकृत हुए। रैली में फिजिकल टेस्ट में लगभग साढ़े तीन हजार युवा मेडिकल और लिखित परीक्षा के लिए पास हुए। मेडिकल के बाद लिखित परीक्षा के नतीजे भर्ती अधिकारियों के लिए भी चौंकाने वाले रहे। गढ़वाल के टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, चमोली और देहरादून जनपद से 1300 युवा अंतिम लिस्ट में शामिल हुए।
30 जून तक पहुंच जाएंगे ट्रेनिंग सेंटर
चयनित अभ्यर्थियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए उन्हें ट्रेनिंग सेंटर भेजने की प्रक्रिया अप्रैल में शुरू कर दी गई। अभी तक 950 युवाओं को विभिन्न सेंटरों में भेज दिया गया है। शेष की रिक्तियां सेंटरों से उपलब्ध होने के बाद 30 जून तक प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
इनका है कहना
एक एआरओ से एक रैली में चयनित होने वाले युवाओं की अब तक की यह सर्वाधिक संख्या है। उत्तराखंड में सेना में जाने का युवाओं में क्रेज के साथ भर्ती पूर्व प्रशिक्षण कैंप की सुविधाएं भी हैं। यह नतीजे भविष्य में भर्ती रैली के लिए भी बेहद उत्साहजनक है। चयनित युवाओं को आवंटित ट्रेनिंग सेंटरों में भेजने की प्रकिया चल रही है।
-कर्नल बीएमएस तलवाल, एआरओ लैंसडाउन