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Uttarakhand: फार्मा और ऑटो मोबाइल हब बनेगा प्रदेश, रोजगार के खुलेंगे द्वार, 1500 से 2000 करोड़ का होगा निवेश

Mon, 04 Dec 2023 04:59 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 04 Dec 2023 04:59 PM IST
सार

वर्तमान में देश के कुल दवा उत्पादन में उत्तराखंड 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई, हरिद्वार, पंतनगर, रुद्रपुर में 249 औषधि निर्माण इकाइयां स्थापित हैं। निवेशक सम्मेलन से नए निवेश से उत्तराखंड ऑटो मोबाइल और फार्मा का हब बनेगा।
 

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Uttarakhand will become a pharma and automobile hub doors of employment will open
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड फार्मा और ऑटो मोबाइल सेक्टर का हब बन रहा है। नए निवेश और पहले से स्थापित उद्योगों के विस्तारीकरण से फार्मा और ऑटोमोबाइल क्षेत्र को पंख लगेंगे। इससे रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। वैश्विक निवेशक सम्मेलन से फार्मा सेक्टर में 1500 से 2000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

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कई कंपनियां निवेश में दिलचस्पी दिखा रही है। वर्तमान में देश के कुल दवा उत्पादन में उत्तराखंड 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई, हरिद्वार, पंतनगर, रुद्रपुर में 249 औषधि निर्माण इकाइयां स्थापित हैं।

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इसके अलावा ऊधमसिंह नगर जिले में पंतनगर, रुद्रपुर में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, बजाज, हीरो मोटर्स, अशोका लीलेंड ने विनिर्माण इकाइयां स्थापित कर बड़ा निवेश किया है। राज्य की जीडीपी में ऑटो उद्योग का सात प्रतिशत योगदान है। ऑटो मोबाइल और फार्मा सेक्टर की निर्यात में बड़ी भागीदारी है। निवेशक सम्मेलन से नए निवेश से उत्तराखंड ऑटो मोबाइल और फार्मा का हब बनेगा।

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हजारों लोगों को मिला है प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार

ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से प्रदेश सरकार फार्मा और ऑटो मोबाइल को भी प्रोत्साहन दे रही है। नई औद्योगिक नीति के कारण मिले अनुकूल माहौल से राज्य में फार्मा और ऑटो सेक्टर में निवेश बढ़ा है। प्रदेश में वर्ष 2022 के दौरान फार्मा सेक्टर में लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का कारोबार किया। अहम बात यह है कि इसमें से 1150 करोड़ रुपये की दवाएं निर्यात की गईं। प्रदेश में फार्मा सेक्टर से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर हजारों लोग जुड़े हैं। इस सेक्टर में निवेश और रोजगार की असीम संभावनाएं हैं।

सब जोन ऑफिस उत्तराखंड में स्थापित

सरकार के प्रयासों से निर्माता फर्मों के आवेदनों के निस्तारण के लिए केंद्रीय औषधि मानक संगठन के सब जोन ऑफिस उत्तराखंड में स्थापित किया है। फार्मा कंपनियों के लिए ऑनलाइन लाइसेंस प्रक्रिया होने से आवेदन की जटिलता को समाप्त किया गया है और उच्च गुणवत्ता की दृष्टि से सभी अनुमतियां केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त निरीक्षण बाद ही जारी की जाती है।

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उत्तराखंड फार्मा विनिर्माण हब के रूप में तेजी आगे बढ़ रहा है। निवेशक सम्मेलन से राज्य में 1500 से 2000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए निवेशक तैयार है। इससे पहले से स्थापित उद्योगों को नई उम्मीद है। फार्मा कंपनियों को दवाइयां बनाने के लिए कच्चा माल बाहर से मंगाना पड़ता है, जिसमें ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ती है। यदि सरकार ट्रांसपोर्ट पर सब्सिडी की सुविधा दे तो उत्तराखंड पूरे देश में फार्मा क्षेत्र में पहले स्थान पर होगा। - प्रमोद कलानी, अध्यक्ष, उत्तराखंड ड्रग्स मेन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन

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