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डॉ. नित्यानंद के सपने करेंगे साकार, 2025 तक श्रेष्ठतम राज्यों में होगा उत्तराखंड: धामी
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केदारपुरम स्थित दून विश्वविद्यालय परिसर में डॉ. नित्यानंद हिमालयि अनुसंधान एवं अध्ययन केंद्र क?
- फोटो : DEHRADUN
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हिमालय को समर्पित हिमालय ऋषि डॉ. नित्यानंद के सपनों को प्रदेश सरकार साकार करेगी। वर्ष 2025 तक उत्तराखंड देश के श्रेष्ठतम राज्यों में गिना जाएगा।
दून विवि में बने डॉ. नित्यानंद शोध एवं अध्ययन केंद्र के प्रेक्षागार में बृहस्पतिवार को दो दिवसीय वैज्ञानिक समागम के शुभारंभ पर धामी ने डॉ. नित्यानंद के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं। हमने चुनाव के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प लिया था, अब खाका तैयार करने के लिए समिति बना दी है। वर्ष 2025 तक जनता के सपनों के अनुरूप ऐसा राज्य बनाएंगे, जो देश के श्रेष्ठतम राज्यों में गिना जाए। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने डॉ. नित्यानंद के साथ अपने 50 साल के अनुभव साझा करते हुए संस्मरण सुनाए। दून विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि हिमालय से संबद्ध विषय भूगोल, भूगर्भशास्त्र, थिएटर, आंबेडकर पीठ आदि का संचालन इसी भवन में होगा। गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी यहां पढ़ाई जाएगी।
कहा कि सब कुछ हिमालय और डॉ. नित्यानंद के सपनों के अनुरूप होगा। उत्तराखंड स्त्री प्रधान राज्य है, यहां महिला पेड़ों से चिपक कर पर्यावरण की रक्षा का सबक देती है, जो विश्व के लिए अध्ययन का विषय बन जाता है। स्वाधीनता सेनानी कुंती देवी से लेकर बछेंद्री पाल तक उत्तराखंड की कई महिलाओं का योगदान गिनाते हुए कहा कि उत्तराखंड की महिला शोधार्थियों को सामर्थ्य देने के लिए हो रहे वैज्ञानिक समागम के अच्छे परिणाम निकलेंगे। इस मौके पर पूर्व सांसद तरुण विजय, गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति एसपी सिंह, अमेरिका से अए वैज्ञानिक डॉ. वनाकार समेत कई लोग मौजूद थे।
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दून विवि में बने डॉ. नित्यानंद शोध एवं अध्ययन केंद्र के प्रेक्षागार में बृहस्पतिवार को दो दिवसीय वैज्ञानिक समागम के शुभारंभ पर धामी ने डॉ. नित्यानंद के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं। हमने चुनाव के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प लिया था, अब खाका तैयार करने के लिए समिति बना दी है। वर्ष 2025 तक जनता के सपनों के अनुरूप ऐसा राज्य बनाएंगे, जो देश के श्रेष्ठतम राज्यों में गिना जाए। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने डॉ. नित्यानंद के साथ अपने 50 साल के अनुभव साझा करते हुए संस्मरण सुनाए। दून विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि हिमालय से संबद्ध विषय भूगोल, भूगर्भशास्त्र, थिएटर, आंबेडकर पीठ आदि का संचालन इसी भवन में होगा। गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी यहां पढ़ाई जाएगी।
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कहा कि सब कुछ हिमालय और डॉ. नित्यानंद के सपनों के अनुरूप होगा। उत्तराखंड स्त्री प्रधान राज्य है, यहां महिला पेड़ों से चिपक कर पर्यावरण की रक्षा का सबक देती है, जो विश्व के लिए अध्ययन का विषय बन जाता है। स्वाधीनता सेनानी कुंती देवी से लेकर बछेंद्री पाल तक उत्तराखंड की कई महिलाओं का योगदान गिनाते हुए कहा कि उत्तराखंड की महिला शोधार्थियों को सामर्थ्य देने के लिए हो रहे वैज्ञानिक समागम के अच्छे परिणाम निकलेंगे। इस मौके पर पूर्व सांसद तरुण विजय, गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति एसपी सिंह, अमेरिका से अए वैज्ञानिक डॉ. वनाकार समेत कई लोग मौजूद थे।
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