उत्तराखंड वन्यजीव बोर्ड बैठक: शिवालिक एलिफेंट रिजर्व की अधिसूचना होगी निरस्त
- सीएम की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में दी गई मंजूरी
- बोर्ड ने पर्यटन की राह खोली, कई सड़कों और ट्रेक रूटों को अनुमति
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उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड ने शिवालिक एलिफेंट रिजर्व की अधिसूचना निरस्त करने को मंजूरी दे दी है। अब शासन स्तर पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में कहा गया कि शिवालिक रिजर्व की अधिसूचना वर्ष 2002 में प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई थी। प्रदेश सरकार के स्तर से अधिसूचना जारी होने के कारण राज्य वन्यजीव बोर्ड के अनुमोदन की ही जरूरत होगी।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने बताया कि बोर्ड के अनुमोदन के बाद शासन इस अधिसूचना को निरस्त कर सकेगा। बताया गया कि वर्तमान में 5000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले शिवालिक रिजर्व में 14 वन प्रभाग भी शामिल हैं। इस रिजर्व की अधिसूचना निरस्त होने से कई क्षेत्रों में खनन, उप खनिज चुगान आदि के लिए अतिरिक्त अनुमति की जरूरत प्रदेश सरकार को नहीं होगी। इसी के साथ वन मंत्री हरक सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट लालढांग चिल्लरखाल मार्ग के मामले को फिर से राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेजने का फैसला किया गया। अब राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को अंडरपास पांच मीटर तक सीमित रखने के संशोधन के साथ प्रस्ताव भेजा जाएगा।
बैठक में वन मंत्री हरक सिंह रावत, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी, उपाध्यक्ष वन पंचायत वीरेंद्र बिष्ट, प्रमुख सचिव आनंदवर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक रंजना काला, पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जेएस सुहाग, विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव सोनिका आदि शामिल रहे।
बोर्ड ने पर्यटन को भी दी तवज्जो, सड़कों, ट्रेक रूटों को मंजूरी
राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में चार सड़कों, चार ट्रेक रूटों को खोले जाने और एक पेयजल योजना को मंजूरी दी गई।
इन सड़कों को मिली मंजूरी
- उत्तरकाशी के मोरी में नैटवाड़ से नुराणू तक 12 किमी
- नैटवाड से हल्द्वाड़ी 23 किमी
- हल्द्वाड़ी से सेवा 13 किमी,
- पॉव से सिरगा 8 किमी
पेयजल योजना
- केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के तहत रुद्रनाथ मंदिर पेयजल योजनापुल निर्माण
- कार्बेट टाइगर रिजर्व में रामनगर क्षेत्र में धनगढ़ी नाले में 150 मीटर पुल
- पनोद नाले में 90 मीटर स्पान का पुल
इन ट्रेक रूटों का खोले जाने को भी मंजूरी
- गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क मेंनादुंग से जनकताल का दस किलोमीटर का ट्रेक रूट
- दुमकू से चोरगाड़ तक का 18 किमी का ट्रेक रूट
- झाला से अवाना बुग्याल
- जसपुर से ब्रहमीताल ट्रेक रूट