Uttarakhand Weather: दो सितंबर तक पहाड़ी इलाकों में बारिश का येलो अलर्ट, मलबा आने से यमुनोत्री हाईवे बंद
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एवं वरिष्ठ मौसम विज्ञानी विक्रम सिंह ने बताया कि बारिश की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ ही आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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उत्तराखंड में अभी दो सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, ज्यादातर इलाकों में तेज गर्जना के साथ कहीं-कहीं बिजली गिरने की भी आशंका है।
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मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक, कई इलाकों में तेज गर्जना के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एवं वरिष्ठ मौसम विज्ञानी विक्रम सिंह ने बताया कि बारिश की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ ही आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।
मलबा आने से दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे बंद, सैकड़ों लोग जाम से हलकान
दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार दूसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। हाईवे पर बार-बार मलबा आने के कारण यातायात अवरुद्ध होता रहा और लोगों को जाम के झाम से जूझना पड़ा। हालात यह थे कि जाम खुलवाने के लिए यात्रियों को खुद मोर्चा संभालना पड़ा।
दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम जुड्डो से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित एक झरने के पास भारी मलबा आ जाने के कारण सोमवार को मार्ग बंद हो गया था। जिससे सेब से लदे सैकड़ों वाहन समेत पर्यटक व क्षेत्रीय लोग फंस गए थे। उधर, रास्ता बंद होने की सूचना पाकर लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड ने मलबे को साफ करने के लिए मार्ग के दोनों ओर से जेसीबी लगाई थी।
लेकिन, बार-बार मलबा आने के कारण मार्ग खोलने में काफी परेशानी हुई। मंगलवार की सुबह लगभग दस बजे 24 घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग पर आए मलबे को पूरी तरह साफ करके यातायात के लिए खोल दिया गया। लेकिन, इस दौरान मार्ग के दोनों और लगी वाहनों की लंबी कतार के कारण पूरे क्षेत्र में जाम की स्थिति पैदा हो गई। प्रशासन व पुलिस की मौजूदगी नहीं होने के कारण यात्रियों व लोडर वाहन चालकों को कई घंटे जाम की समस्या से जूझना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड देहरादून के अधिशासी अभियंता जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मार्ग को पूरी तरह खोल दिया गया है। मार्ग पर फिलहाल यातायात सुचारू हो गया है।
जागड़ा पर्व में जाने वाले श्रद्धालुओं को हुई परेशानी
कालसी। मंगलवार को क्षेत्र के लखवाड़, लक्स्यार, बिसोई आदि के प्रमुख मंदिरों में जागड़ा कार्यक्रम का आयोजन था। जागड़े में शामिल होने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग यहां पहुंचे। लेकिन मार्ग बंद होने के कारण वह जाम में फंस गए और उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आने से अधेड़ की मौत
थुनाई-मिहिनिया मोटर मार्ग पर द्वारिकाछीना की पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आकर एक अधेड़ की मौत हो गई है। अधेड़ अपनी स्कूटी पर सवार होकर अमतौड़ा गांव की ओर जा रहे थे। पुलिस ने व्यक्ति का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
मंडलसेरा सलीम अहमद (57) पुत्र अजीज अहमद निवासी पीपलचौक, मंडलसेरा मंगलवार सुबह निजी कार्य से अमतौड़ा की ओर जा रहे थे। पिछले दिनों हुई बारिश से थुनाई-मिहिनिया मार्ग पर कीचड़ जमा था। कीचड़ में उनका वाहन फंस गया। वह वाहन को निकालने की कोशिश करने लगे। अचानक पहाड़ी से मलबा भरभराकर गिरने लगा और सलीम को संभलने का मौका नहीं मिला। भारी मात्रा में गिरे मलबे में वह दब गए।
थुनाई के लोगों ने उन्हें मलबे की चपेट में आते देखकर पुलिस और फायर सर्विस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने अधेड़ को मलबे से बाहर निकाला। तक तक उनकी सांसें बंद हो चुकी थी। फिर उन्हें जिला अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
कोतवाल जगदीश सिंह ढकरियाल ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। सलीम मीट की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत के बाद पत्नी, बेटा और अन्य परिजन शोकाकुल हैं। नगर के व्यापारियों ने भी अधेड़ के असामयिक निधन पर शोक जताया है।
कई वर्षों से खतरनाक बनी है द्वारिकाछीना की पहाड़ी
बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर द्वारिकाछीना के पास पहाड़ी कई सालों से खतरनाक बनी हुई है। करीब पांच साल से पहाड़ी कई बार भूस्खलन की जद में आई है जहां पर भूस्खलन हो रहा है वहां पर गिरेछीना सड़क भी बदहाल है। बारिश के दिनों में हालात अधिक खराब हो जाते हैं। गिरेछीना सड़क से मलबा सीधे मिहिनिया सड़क पर गिरता है। सड़क खोलने के दौरान भी मलबा साफ कर नीचे की ओर गिरा दिया जाता है। बारिश होते ही मलबा पानी के संपर्क में आने से नीचे की ओर बहने लगता है। कई बार पूर्व में भी इस सड़क पर वाहन कीचड़ में फंस चुके हैं। मलबा गिरने से अधेड़ की मौत के बाद लोगों ने सड़क की बदहाली को लेकर नाराजगी भी जताई है।