फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   dehradun weather: water Flood in bandal valley again five house collapse

बारिश देख सहमे लोग: बांदल घाटी में आपदा के कुछ दिन बाद ही फिर आया पानी का सैलाब, पांच मकान बहे

Tue, 30 Aug 2022 12:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 30 Aug 2022 12:00 AM IST
सार

कुछ दिन पहले आई आपदा में जो क्षतिग्रस्त रास्ते प्रशासन ने बनाए थे, वह फिर से टूट गए। आपदा से दहशत में जी रहे लोग पानी बढ़ते ही घरों के बाहर निकल गए।

विज्ञापन
dehradun weather: water Flood in bandal valley again five house collapse
मलबे में दबा मकान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देहरादून में सरखेत समेत पूरी बांदल वैली में रविवार देर रात झमाझम बारिश होने से फिर से पानी और मलबे का सैलाब आया। सरखेत और आसपास के गांवों के पांच से अधिक मकान बह गए, जबकि कई घरों में मलबा घुस गया। 

विज्ञापन


कुछ दिन पहले आई आपदा में जो क्षतिग्रस्त रास्ते प्रशासन ने बनाए थे, वह फिर से टूट गए। आपदा से दहशत में जी रहे लोग पानी बढ़ते ही घरों के बाहर निकल गए। कई गांवों के सैकड़ों लोगों ने रात खुले आसमान के नीचे गुजारी। जिले में रविवार शाम से लगातार हो रही बारिश से बांदल नदी का जलस्तर बढ़ गया।
विज्ञापन

दर्दनाक: घर में चल रही थी लाड़ले के नामकरण की तैयारी, बारिश से ढह गया घर और मां के साथ जिंदा दफन हुआ मासूम

विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं, नालों में भी उफान आने लगा। नदी-नालों का पानी कई घरों में घुस गया। सरखेत में पूर्व प्रधान बिजेंद्र पंवार के दो मकान टूट गए। वहीं, घंतू का सेरा गांव के गोविंद पंवार ने बताया कि क्षेत्र में रास्ते जगह-जगह टूट गए हैं। सरखेत सामुदायिक भवन से आगे नदी का पानी और पहाड़ से मलबा सड़कों पर आने से वाहनों की आवाजाही भी बंद हो गई, जिससे पैदल ही ग्रामीणों को जंगल के रास्ते से आना-जाना पड़ रहा है।

जहां दबे थे पांच शव, वहां फिर आया पानी
सरखेत के अंतिम छोर में जहां एक ही परिवार के एक बच्चे समेत पांच लोग दब गए थे, वहां फिर नाला उफान पर आ गया है। अतिवृष्टि के चलते बना नाला अपने साथ पानी और मलबे का सैलाब लेकर दिनेश के मकान को बहा ले गया था। इस जगह से तीन शव बरामद कर लिए गए थे, जबकि दो शवों का अभी तक पता नहीं लग पाया है।

बांदल घाटी में एक बार फिर सहमे लोग
बांदल घाटी में रविवार रात्रि से लगातार हो रही तेज बारिश से नदी का जलस्तर फिर से बढ़ गया। साथ ही कुमाल्डा गांव में महिला मिलन केंद्र की दीवारें टूट गईं और पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। देर रात्रि से सोमवार तक क्षेत्र में बारिश होने के चलते पहाड़ों से मलबा अधिक मात्रा में आने से मथेड़ खाला में लाल पुल के पास पुलिया टूट गई, जिससे रास्ता बाधित रहा। वहीं, मोड़ा खाला स्थित झील में भी पानी और मलबा अधिक मात्रा में आ गया है। लोगों ने बताया कि रात को डर से सो नहीं पाए।

सत्यों की तरफ जाने वाली पुलिया टूटी

टिहरी जिले के ग्राम कुमाल्डा स्थित यूनियन बैंक के पिछले हिस्से में कटान होने से बैंक का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा कुमाल्डा के अन्य मकानों में भी बारिश से नुकसान हुआ है। रायपुर से सत्यों की तरफ जाने वाले मोटर मार्ग में लालपुल के पास बनी पुलिया पूरी तरह टूट गई, जिससे सत्यों-कद्दूखाल जाने वाले मोटर मार्ग में वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। टिहरी गढ़वाल के ग्राम सीतापुर के जंगल गदेरा पर अत्यधिक पानी आने से सीतापुर, ताछिला आदि जगहों से संपर्क मार्ग टूट गए हैं। ग्राम सीतापुर में दो घरों में पानी घुस गया। इसके अलावा भारी बारिश के कारण नए बने खालों-गदेरों में पानी आने से खेतों में कटान हो गया है।

सीतापुर में लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले गए
छह घरों को सामान समेत पूरी तरह से खाली कराकर उन लोगों को ग्राम सीतापुर में ही सुरक्षित स्थान में शरण दी गई है। 19 अगस्त की रात आई आपदा से सीतापुर के कुछ परिवार सीतापुर जूनियर हाई स्कूल में रह रहे थे। वहां भी मलबा आने की संभावना बनी हुई है। इसके मद्देनजर पीड़ितों को दूसरे सुरक्षित स्थान ले जाया गया। सीतापुर और बांदल वैली के आसपास के क्षेत्रों में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए एसडीआरएफ, देहरादून व टिहरी गढ़वाल की पुलिस मौके पर मौजूद है। जंगल गदेरा में झूला पुल बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा ग्राम दुबड़ा से चिफल्टी जाने वाला मार्ग भी भारी बारिश से कई स्थान पर टूट गया है। चिफल्टी नदी में बना अस्थायी पुल भी बह गया है।

सौड़ा-सरोली पुल का डीएम ने किया निरीक्षण
कुछ दिन पहले आई आपदा में क्षतिग्रस्त हुए सौंग नदी पर बने सौड़ा-सरौली पुल का भी बारिश के दौरान पानी बढ़ने से डीएम सोनिका ने अफसरों संग निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारी को जरूरी निर्देश दिए। इस मौके पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद थे। पूर्व में आई आपदा में इस पुल की एप्रोच रोड के टूटने से आवागमन बंद हो गया था, जिसे कुछ दिन बाद ठीक कर आवागमन शुरू किया गया था।

मालदेवता में फिर सक्रिय हुई प्रशासनिक मशीनरी
मालदेवता क्षेत्र में सरकारी मशीनरी फिर सक्रिय हो गई है। सोमवार को डीएम सोनिका ने आपदा प्रभावित क्षेत्र मालदेवता का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक गाय के फंसे होने पर उन्होंने पशुओं को जलभराव स्थल से तत्काल एसडीआरएफ के माध्यम से रेस्क्यू करवाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। डीएम के निर्देश पर एडीएम डॉ. केके मिश्र, डॉ. एसके बरनवाल, सहायक निदेशक सूचना बद्रीचंद्र नेगी, जिला पंचायतीराज अधिकारी एमएम खान और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपशिखा रावत कई विभागों से समन्वय कर आपदा राहत कार्यों के संचालन में मदद करते रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed