उत्तराखंड: फिर टूटा गर्मी का रिकॉर्ड, शुक्रवार अब तक का सबसे गर्म दिन, तापमान में इसलिए हो रहा इजाफा
देहरादून में शुक्रवार को एक बार फिर गर्मी का रिकॉर्ड टूटा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो फरवरी का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। जबकि, इससे पहले फरवरी का सर्वाधिक गर्म दिन बीता बृहस्पतिवार था। रोजाना तापमान में हो रही बढ़ोतरी से गर्मी में तेजी से इजाफा हो रहा है।
मौसम केंद्र के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम 31.8 व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। यह अभी तक के फरवरी महीने का सबसे गर्म दिन रहा। दोपहर से लेकर शाम तक उमस भी महसूस होती रही।
बर्फ की सफेद चादर में लिपटा हेमकुंड साहिब, गुरुद्वारा भी ढका, देखें खूबसूरत तस्वीरें...
रात को भी खासी गर्मी महसूस की गई। तापमान में हुए इजाफे से मौसम वैज्ञानिक भी हैरत में हैं। मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि यह तापमान मार्च मध्य या अंत में दर्ज किया जाता है, लेकिन फरवरी अंत में इस तापमान की उम्मीद नहीं थी।
तापमान और बढ़ने के आसार
बताया कि अगले कुछ दिनों में भी तापमान में इजाफा होने के आसार हैं। इससे गर्मी बढ़ सकती है। कहा कि अभी तक वर्ष 2006 के फरवरी में सर्वाधिक तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, इसका रिकॉर्ड बृहस्पतिवार को 31.3 डिग्री तापमान के साथ टूटा था। इसके अगले ही दिन पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए।
घर-दुकानों में चले पंखे और एसी
शुक्रवार को गर्मी का ही असर रहा कि कई दुकानों व घरों में महीनों से बंद पंखे व एसी चालू करने पड़े। दोपहर से शाम तक गर्मी व उमस महसूस होती रही। इस कारण लोगों ने दुकानों व घरों के पंखें व एसी चलाए, जिसके बाद थोड़ी राहत मिली।
पश्चिमी विक्षोभ रहा बेअसर, इसलिए तापमान में हो रहा इजाफा
फरवरी में रिकॉर्ड तापमान दर्ज हो रहा है। इसके पीछे मौसम वैज्ञानिक पश्चिमी विक्षोभ के बेअसर रहने को मुख्य वजह मान रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ दो-तीन पर्वतीय जिलों में देखने को मिला। अन्य जिलों में इसका बिल्कुल भी असर नहीं रहा। इस कारण बारिश भी कम हुई। जनवरी व फरवरी में सामान्य से करीब 50 फीसदी कम बारिश हुई। इसके अलावा उष्ण कटिबंधीय तूफान को भी वजह बताया जा रहा है।
उत्तराखंड व अन्य हिमालयी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर सीमित रहा। इस वजह से इस बार बर्फबारी और बारिश में कमी देखी गई। मैदानी जिलों में बारिश बेहद कम हुई। इस वजह से तापमान में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। अगले कुछ दिनों में भी तापमान बढ़ने के आसार हैं।
- रोहित थपलियाल, मौैसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून
पश्चिमी विक्षोभ को तापमान बढ़ने का कारण माना जा सकता है। इसके अलावा उष्ण कटिबंधीय तूफान भी दूसरा कारण कहा जा सकता है। यह यूरोप, अफ्रीका व एशिया के गर्म इलाकों से चलता है। भारत में इसका केंद्र मुख्य तौर पर हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व दिल्ली रहता है। उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में भी आंशिक असर रहता है। इसके प्रभाव के कारण भी तापमान में इजाफा होता है।
- सुरेंद्र सिंह सुथर, एसोसिएट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ एनवायरमेंट एंड नैचुरल रिसोर्स
पिथौरागढ़ में भी फरवरी में ही चढ़ने लगा पारा
सीमांत जिले पिथौरागढ़ में पिछले सप्ताह से पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। मुनस्यारी और धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्र को छोड़कर निचले इलाकों में तापमान बढ़ने लगा है। पिछले सप्ताह 19 फरवरी को अधिकतम तापमान 19 डिग्री, न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस था। 20 फरवरी को अधिकतम तापमान 20 डिग्री, न्यूनतम तापमान आठ डिग्री दर्ज किया गया। 21 फरवरी को अधिकतम तापमान 21 डिग्री, न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री रहा।
22 फरवरी को 22.1 अधिकतम, न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री, जबकि 23 को तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 20.3, न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस रहा। 24 फरवरी को अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री, न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री, 25 फरवरी को अधिकतम तापमान 21.7, न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस रहा। 26 फरवरी को सुबह आठ बजे जिले का अधिकतम तापमान 22.2, न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश न होने से वातावरण में धुंध छायी है। इससे दृश्यता में काफी कमी आई है। दिनभर धुंध छाने से हिमालय की चोटियां भी ओझल होने लगी हैं।
गर्मी के सीजन की खरीदारी करने लगे लोग
पिछले सप्ताह तक जहां पिथौरागढ़ में कंपकंपी छूट रही थी, वहां अब तापमान बढ़ने के साथ बाजार में आइसक्रीम की बिक्री भी होने लगी है। लोग गर्मी के लिए जरूरी सामान की खरीदारी भी करने लगे हैं। रेडीमेड गारमेंट्स की दुकानों पर टी शर्ट सहित हल्के कपड़ों की मांग बढ़ने लगी है। मांग बढ़ाने के लिए व्यापारियों ने कई ऑफर भी चलाए हैं।