Landslide: सलधार में जोशीमठ-मलारी हाईवे पर वाहनों की आवाजाही थमी, गंगोत्री में फंसे डेढ़ हजार तीर्थयात्री
मंगलवार सुबह करीब दस बजे अचानक रैणी व सलधार के बीच चट्टान से भारी मात्रा में मलबा जोशीमठ-मलारी हाईवे पर आ गया जिससे यहां सेना, आईटीबीपी के साथ ही स्थानीय लोगों के वाहनों की आवाजाही थम गई।
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चीन सीमा को जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे मंगलवार को सलधार में बंद हो गया है। यहां चट्टान से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा हाईवे पर आने से हाईवे के दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही थम गई।
सेना और आईटीबीपी के वाहन भी यहां फंस गए जबकि कई ग्रामीण दो किमी पैदल चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचे। सूचना पर बीआरओ ने जेसीबी लगाकर हाईवे खोलने का काम शुरू कर दिया। देर शाम तक हाईवे खोलने का काम जारी रहा।
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मंगलवार सुबह करीब दस बजे अचानक रैणी व सलधार के बीच चट्टान से भारी मात्रा में मलबा जोशीमठ-मलारी हाईवे पर आ गया जिससे यहां सेना, आईटीबीपी के साथ ही स्थानीय लोगों के वाहनों की आवाजाही थम गई। ग्रामीणों को भी आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई ग्रामीण तो करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर गंतव्य तक पहुंचे। स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि नीती घाटी में इन दिनों लाता की मां नंदा की दिवारा यात्रा चल रही है।
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कई प्रवासी ग्रामीण भी मां नंदा की दिवारा यात्रा में पहुंचे हैं लेकिन हाईवे बंद होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। इधर, बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि हाईवे खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। देर रात तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी जाएगी।
गंगोत्री में फंसे डेढ़ हजार तीर्थयात्री
उत्तरकाशी जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण मलबा-बोल्डर आने से गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह बंद रहे। यमुनोत्री में तो हाईवे खुल गया लेकिन गंगोत्री में हाईवे बंद होने से दोनों ओर करीब डेढ़ हजार यात्री फंस गए हैं और हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं आपदा प्रबंधन विभाग का कहना है कि सभी यात्री सुरक्षित स्थानों पर रुके हैं। हाईवे खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मंगलवार को गंगोत्री हाईवे भटवाड़ी से हेलगूगाड़ तक जगह-जगह पांच स्थानों पर भूस्खलन के कारण बाधित रहा। यहां बीआरओ की मशीनें हाईवे से मलबा और बोल्डर हटाने के काम में लगी हैं, लेकिन बारिश के कारण हाईवे पर यातायात सुचारु करने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डाबरकोट में पहाड़ी से रुक-रुककर मलबा व बोल्डर आ रहे हैं जिससे यहां बार-बार आवाजाही बाधित हो रही है।
मंगलवार देर शाम को ओजरी डाबरकोट को सुचारु आवाजाही के लिए खोला गया। वहीं गंगोत्री हाईवे पर करीब डेढ़ हजार यात्री आवाजाही सुचारु होने का इंतजार कर रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि गंगोत्री हाईवे खोलने के लिए बीआरओ की मशीनें लगातार काम कर रही हैं। जल्द मार्ग खोलने के प्रयास जारी हैं।
रत्नोगाड़ में ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे हुआ खतरनाक
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर रत्नोगाड़ में करीब 100 मीटर हिस्से में रुक-रुककर भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ी से गिर रहे बोल्डर और मलबे से जहां हाईवे पर आवाजाही खतरनाक बनी हुई है वहीं रत्नों गांव के लोगों के खेतों में गिरने से धान की खड़ी फसल बरबाद हो रही है। ग्रामीणों ने सड़क किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण करने की मांग की है।
रत्नोगाड़ में भूस्खलन जोन पिछले एक साल से सक्रिय है लेकिन पिछले तीन दिनों से यहां पहाड़ी से रुक-रुककर हर दिन मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। मलबा और बोल्डर गिरने से बीते दिन 20 घंटे तक हाईवे यातायात के लिए बाधित रहा। मलबा साफ कर बीआरओ ने किसी तरह से वाहनों का संचालन शुरू करवा दिया है लेकिन यह मलबा अब रत्नों गांव के खेतों के लिए मुसीबत बन गया है।
प्रधान गबर सिंह नेगी ने बताया कि मलबा और पत्थर धान के खेतों में गिर रहे हैं जिससे फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने बताया कि सड़क के नीचे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. शंकर सिंह पंवार की स्मृति में अमृत सरोवर का निर्माण किया गया है। वहां भी हाईवे का मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। सावित्री देवी के खेतों में भारी मात्रा में मलबा गिरने से फसल को नुकसान पहुंचा है। आजाद सिंह नेगी ने सड़क के नीचे सुरक्षा दीवार निर्माण करने की मांग की है।
भूस्खलन से भीरी में एक घंटे बंद रहा रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे
बारिश के चलते रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भीरी के समीप पहाड़ी से भारी मलबा आने से एक घंटे बंद रहा। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इधर, बदरीनाथ हाईवे नौगांव, नरकोटा और सिरोहबगड़ में अति संवेदनशील हो रखा है।
मंगलवार दोपहर को हुई तेज बारिश से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भीरी में पहाड़ी से हुए भूस्खलन से एक घंटे बंद रहा। पहाड़ी से गिरे मलबा व पत्थरों का सड़क पर ढेर लग गया, जिस कारण बरसाती पानी भी जमा हो गया। एनएच द्वारा बारिश बंद होने के बाद मलबे की सफाई कर यातायात बहाल किया गया। इधर, ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग नरकोटा में रेल लाइन निर्माण के चलते खतरनाक हो रखा है। यहां पर हाईवे का लगभग तीन सौ मीटर हिस्सा कीचड़ से सना हुआ है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। यही स्थिति नौगांव व सिरोहबगड़ में भी बनी हुई है।