Uttarakhand Weather: पांच जिलों में बारिश का येलो अलर्ट, मलबा आने से यमुनोत्री हाईवे बंद, यात्री रोके
Uttarakhand Weather Update: वैज्ञानिकों ने हिदायत देते हुए कहा, पर्वतीय जिलों में तेज बारिश के दौरान दिन के साथ रात के समय भी सतर्कता के साथ रहें।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में देर शाम मौसम ने करवट बदली। राजधानी देहरादून में हल्की बारिश हुई। वहीं, यमुनोत्री धाम में भी जमकर बारिश हुई। उधर, यमुनोत्री हाईवे ओजरी डाबरकोट में मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया है। बारिश के चलते यहां लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से वाहनों को दोनों तरफ सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।
वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून समेत बागेश्वर, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, अन्य जिलों में कई दौर की तेज बारिश के आसार हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में प्रदेशभर में तेज दौर की बारिश होने की संभावना है। इसके चलते मैदानी इलाकों में जलभराव होने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा वैज्ञानिकों ने हिदायत देते हुए कहा, पर्वतीय जिलों में तेज बारिश के दौरान दिन के साथ रात के समय भी सतर्कता के साथ रहें।
Uttarakhand: सारकोट का जवान लेह में देश पर हुआ बलिदान, पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम
30 अगस्त तक वाहन संचालन के लिए तैयार हो सकता है सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग
सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर वाहन संचालन 30 अगस्त तक शुरू हो सकता है। मार्ग को भूस्खलन और नदी के भू-कटाव से नुकसान पहुंचा है। मार्ग की मरम्मत के लिए एनएच की टीम जुटी है।
31 जुलाई को आपदा में सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा था। पांच किमी लंबा मार्ग सात जगह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद से मार्ग को दुरुस्त करने का काम चल रहा है, परठीक करने में चुनौती बनी हुई है। भूस्खलन के साथ नदी से कटाव भी हो रहा है।
एनएच के मुख्य अभियंता दयानंद के मुताबिक, नदी से जहां पर कटाव हो रहा, वहां पर बचाव के लिए सुरक्षात्मक स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा भूस्खलन प्रभावित इलाके में भी कार्य हो रहा है। कहा, एनएच की टीम मार्ग को वाहन संचालन के लिए तैयार करने में जुटी है। कोशिश है कि 30 अगस्त तक मार्ग को बनाकर वाहन संचालन के लिए खोल दिया जाए।