उत्तराखंड: मैदान में बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का अलर्ट, कई जगह ओलावृष्टि के आसार
देश के समुद्र तटीय राज्यों केरल, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा समेत कई राज्यों में समुद्री चक्रवात ताउते की तबाही के बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड में भी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है।
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उत्तराखंड में मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी के मुताबिक राज्य के उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गर्जना के साथ ही आकाशीय बिजली गिरने और तेज बौछार के साथ बारिश के आसार हैं। राजधानी देहरादून, टिहरी, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने 19 और 20 मई को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जैसे जिलों में भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना का अलर्ट जारी किया है।
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जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के मद्देनजर आपदा से जुड़े सभी विभागाध्यक्षों को संबंधित सेवाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए आपदा से जुड़ी तमाम तैयारियों को समय रहते पूरा करने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा आपदा परिचालन केंद्र देहरादून को सभी सूचनाएं तत्काल मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मानसून से पहले कर लिए जाएं बाढ़ सुरक्षा संबंधी कार्य
बाढ़ सुरक्षा से संबंधित सभी कार्य मानसून से पहले पूरे कर लिए जाएं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मानसून से पहले तैयारी और बाढ़ नियंत्रण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके निर्देश दिए।
उन्होंने सभी एसडीएम और सिंचाई विभाग, जल संस्थान, स्वास्थ्य विभाग, यूपीसीएल, खाद्य आपूर्ति, पुलिस, नगर निगम व पालिका, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारियों को मानसून से पहले योजनाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षात्मक कार्यों, जुटाए जाने वाले मानवीय व अन्य संसाधनों, मानसून सीजन में होने वाली किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव के एहतियातन उपाय करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर से उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता, उनकी कार्य स्थिति समेत अन्य सुविधाओं का ब्योरा तैयार कर लें और एनआईडीएम पोर्टल पर समयबद्ध रूप से अपलोड करें। देहरादून व ऋषिकेश निगम और नगर पालिका परिषदों के प्रभारी अधिकारी बरसात से पहले अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क व संपर्क मार्ग के किनारों और नालों व नालियों की साफ-सफाई सुनिश्चित करा लें। उन्होंने संभावित भूस्खलन वाले पहाड़ी क्षेत्रों में पर्याप्त जेसीबी तैनात करने की व्यवस्था बनाने को कहा। इसके अलावा जिले में दवाओं, मेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस, खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक रखने के भी निर्देश दिए।
तुरंत हटाए जाएं गिरासू भवन
जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को गिरासू भवनों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन भवनों का मामला कोर्ट में लंबित न होम, उन्हें तुरंत हटाने की कार्रवाई की जाए। आपदा के दौरान मकान की क्षति या किसी की मृत्यु होने पर संबंधित परिवार को 24 घंटे के दौरान सहायता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान जिन सड़कों पर भूस्खलन की संभावना बनी रहती है, उनमें रात की आवाजाही प्रतिबंधित की जाए।