Uttarakhand Weather: बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से लौटी ठंड, मलारी-नीती हाईवे पर करीब तीन फीट बर्फ
Uttarakhand Weather Update: प्रदेशभर में मार्च के तीसरे सप्ताह के शुरुआती दिनों में मौसम बदला रहेगा। हालांकि, 14 मार्च के बाद मौसम शुष्क होने से अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।
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चमोली जनपद में सोमवार को मौसम ने फिर करवट बदली और दोपहर बाद बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। जबकि निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी होने से ठंड लौट आई है।
पिछले कुछ दिनों से चटख धूप खिलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिली थी लेकिन फिर से मौसम में ठंडक आ गई है। बदरीनाथ धाम में सोमवार को शाम चार बजे से बर्फबारी शुरू हुई जो देर शाम तक जारी रही। गोपेश्वर, जोेशीमठ, पोखरी, नंदानगर सहित अन्य क्षेत्रों में शाम को तेज हवाएं चलीं।
वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई है।
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सप्ताह के शुरुआती दिनों में बदला रहेगा मौसम
प्रदेशभर में मार्च के तीसरे सप्ताह के शुरुआती दिनों में मौसम बदला रहेगा। हालांकि, 14 मार्च के बाद मौसम शुष्क होने से अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, 11 से 13 मार्च तक पर्वतीय जिलों के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। इस बारिश का तापमान पर कोई खास देखने को नहीं मिलेगा। इसके बाद 14 मार्च से मौसम पूरे प्रदेश भर में शुष्क रहेगा।
मलारी-नीती हाईवे पर करीब तीन फीट बर्फ
चमोली में चीन सीमा क्षेत्र का अंतिम गांव नीती इन दिनों बर्फ से ढका हुआ है। नीती गांव में बर्फबारी से हुए नुकसान का निरीक्षण करने जा रहे भोटिया जनजाति के ग्रामीण फरकिया गांव से ही लौट आए। गांव से आगे मलारी-नीती हाईवे पर करीब तीन फीट बर्फ जमा है। ग्रामीणों ने बताया कि फरकिया गांव से आगे नीती हाईवे बर्फ से ढका हुआ है जबकि मकानों में बर्फ जमा है। वहीं मलारी में अभी करीब दो फीट तक बर्फ जमा है।
सोमवार को नीती गांव में बर्फबारी से हुए नुकसान का जायजा लेने जा रहे भोटिया जनजाति के ग्रामीणों को फरकिया गांव से ही लौटना पड़ा। कागा गांव के ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह राणा ने बताया कि फरकिया गांव से आगे हाईवे पर करीब तीन फीट बर्फ जमा है जिससे नीती गांव तक वाहन नहीं जा पा रहे हैं। बीआरओ की ओर से यहां बर्फ हटाने का काम किया जा रहा है। वहीं काली मंदिर और भापकुंड के पास हाईवे पर हिमखंड पसरे हैं थे लेकिन हिमखंड काटकर बीआरओ ने हाईवे खोल दिया गया है। कहा कि नीती घाटी के ग्रामीण सर्दियों में जिले के निचले क्षेत्रों में निवास करते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल के लिए अप्रैल माह में अपने पैतृक गांवों में पहुंच जाते हैं लेकिन इस बार घाटी में अधिक बर्फबारी होने से ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ सकती हैं।