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देहरादून में झमाझम बारिश, बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ और हनुमान चट्टी में अवरुद्ध, 457 यात्री रोके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 19 Aug 2018 11:14 AM IST
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शनिवार की सुबह राजधानी देहरादून में गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। वहीं भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे दो जगह बंद हो गया। बदरीनाथ में भी बारिश का दौर जारी है।
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देहरादून में सुबह से तेज बारिश का दौर जारी रहा। हालांकि यह बारिश राजधानी के सभी इलाकों में नहीं हुई। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई थी। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को सुबह से अधिकांश इलाकों में बादल छाए रहेंगे। दोपहर बाद कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। दिन में बारिश के एक-दो दौर हो सकते हैं। भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे पागलनाला और लामबगड़ में बंद हो गया। चमोली जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी जनजीवन अस्त-व्यस्त है। जिले में अभी भी 15 से ज्यादा ग्रामीण संपर्क मोटर मार्ग अवरुद्घ पड़े हुए हैं। जिससे ग्रामीणों को मीलों दूरी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।
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बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ और हनुमान चट्टी में आए मलबे के कारण हाईवे अवरुद्ध है। पुलिस की ओर से बदरीनाथ धाम की यात्रा पर जा रहे 457 तीर्थयात्रियों को पांडुकेश्वर में ही रोक लिया गया है। जबकि 70 तीर्थयात्री अपने वाहनों को पांडुकेश्वर में ही छोड़कर करीब तीन किलोमीटर पैदल चलने के बाद लामबगड़ बाजार पहुंचे और यहां से स्थानीय वाहनों में बैठकर बदरीनाथ धाम पहुंच गए हैं। शनिवार की सुबह चार बजे हुई भारी बारिश के बाद लामबगड़ में चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गए। दिनभर बारिश रहने से मेकाफेरी कंपनी की जेसीबी हाईवे को सुचारु नहीं कर पाई। हनुमानचट्टी में भी पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने से हाईवे अवरुद्ध पड़ा हुआ है।
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दशोली विकास खंड के कुहेड़-मथरपाल सड़क एक माह से अवरुद्घ पड़ी हुई है। जिससे मैड़, ठेली, भोंरा, बेदुला, धारकोट, भतंग्याला, बगना और मथरपाल गांव के ग्रामीण करीब पांच किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर अपने गंतव्य को पहुंच रहे हैं। निजमूला घाटी में भी बिरही-निजमूला-पगना सड़क भी एक माह से अवरुद्घ है। अवरुद्घ होने से पाण, ईराणी, झींझी और पगना गांव के ग्रामीण करीब आठ किमी की पैदल दूरी तय कर रहे हैं। घाट, पोखरी, थराली, देवाल, नारायणबगड़ और गैरसैंण क्षेत्र में भी ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कें भूस्खलन से क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं।
महावीर रावत और मोहन सिंह का कहना है कि इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में आलू, बेंगन, टमाटर, राई, मूली का अच्छा उत्पादन हुआ है। लेकिन सड़कें अवरुद्घ होने से ग्रामीण सब्जी को बाजार तक उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि बारिश होने से सड़कों को खोलने का काम प्रभावित हो रहा है। रात को हो रही बारिश से आवाजाही के लिए सुचारु की गई सड़क भी मलबा आने से बाधित हो रही है। उन्होंने बताया कि मौसम सामान्य होने के बाद सभी सड़कों को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।