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तीन दिन बाद सूर्य देव ने दिए दर्शन, धनोल्टी में फंसे 200 से ज्यादा पर्यटक, गंगोत्री हाईवे बंद

Thu, 09 Jan 2020 02:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 09 Jan 2020 02:26 PM IST
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uttarakhand weather today: weather clear sun shines people get relief from bitter cold
चमोली में भी खुला मौसम - फोटो : अमर उजाला

लगातार तीन दिन बारिश और बर्फबारी के बाद आज गुरुवार को मौसम खुल गया है। राजधानी दून सहित राज्य के अधिकतर इलाकों में आज सुबह ही धूप खिल आई है। वहीं कई पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जारी है। वहीं मसूरी-धनोल्टी मार्ग बंद होने के कारण वहां 200 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। जेसीबी से बर्फ हटाकर मार्ग खोलने के प्रयास जारी हैं। वहीं गंगोत्री हाईवे भी सुक्की टॉप के पास बंद हो गया है। 

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पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी और डीडीहाट में आज सुबह भी बर्फबारी जारी रही। मुनस्यारी मुख्यालय में लगभग सवा फीट बर्फ जम चुकी है। लंबे अंतराल बाद चंपावत नगर में बर्फबारी हुई है। यहां कई जगह दो इंच तक बर्फ पड़ी है। बर्फबारी से बिजली आपूर्ति प्रभावित है। बारहमासी सड़क बेलखेत व स्वांला में बंद पड़ी हैं। तामली रोड भी बंद है। लोहाघाट में भारी बर्फबारी के बाद विद्युत लाइन में पेड़ गिर गया है।
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रीठा साहिब के ऊपरी इलाकों में भारी हिमपात से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बुधवार को यहां के ऊपरी इलाकों में भारी कोहरा छाया हुआ है। पाटी में भी जमकर बर्फ पड़ी है। वहीं रानीखेत के चौबटिया में बुधवार को साल का पहला हिमपात हुआ है। रुद्रपुर में बादल छाए हैं।  जसपुर और पंतनगर में बादल और कोहरा छाया है। यहां शीतलहर चलने से ठडं बढ़ गई है।
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भीमताल के जंगलियागांव और कर्कोटक की पहाड़ियों में 25 साल बाद बर्फबारी हुई। चम्पावत और लोहाघाट में हिमपात और मौसम खराब होने से प्रशासन ने टनकपुर-चम्पावत मार्ग में टनकपुर से आगे यातयात पर रोक लगाई है। आज सुबह से चम्पावत की ओर वाहनों को नहीं जाने दिया जा रहा है। वाया हल्द्वानी होकर वाहन जा रहे हैं।

मसूरी में करीब नौ इंच बर्फ

मसूरी में बुधवार को भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लगी है। मसूरी की ज्यादातर सड़कें बंद हैं। मार्ग खोलने के लिए यहां कई जेसीबी लगाई गईं है। लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतें आ रही है।

मसूरी-देहरादून मार्ग पर लंबा जाम लगा। जिला प्रशासन द्वारा जेसीबी की मदद से सड़क से बर्फ को हटाने का काम किया जा रहा है। मसूरी आने-जाने वाले सभी रास्ते बंद होने के कारण दूध-सब्जी आदि की सप्लाई प्रभावित हो रही है।

वहीं मसूरी में बुधवार को करीब नौ इंच बर्फ पड़ गई। पर्यटकों के भारी उत्साह और मौसम के सितम को देखते हुए बुधवार देर रात पुलिस ने मसूरी जाने वाले वाहनों की एंट्री बंद कर दी। मसूरी में दिनभर की बारिश के बाद शाम करीब पांच बजे से बर्फबारी शुरू हुई तो होटलों में ठहरे सैलानी बर्फबारी का लुत्फ उठाने बाहर निकल आए।

वहीं, धनोल्टी में फंसे पर्यटकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस से मदद मांगी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। उधर, चकराता, त्यूनी और कालसी में चार सड़कें बंद हो गई हैं।

केदारनाथ में 15 फीट बर्फ

नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में रात भर जमकर बर्फबारी हुई है। चंबा, धनोल्टी और जौनपुर के सैकड़ों गांव में विद्युत आपूर्ति रात भर से ठप है। पौड़ी जिले के सिलोगी, थैलीसैंण, धुमाकोट, चैकीसैंण, पौड़ी और लैंसडॉन में बर्फबारी हुई है। यहां कल्जीखाल, पाबौ, थैलीसैंण, ऐकेश्वर और पोखरा में बिजली सप्लाई बंद है।  काशीपुर-बुआखाल हाईवे में दीवा खाल तथा दोनों ओर भारी हिमपात होने से यातायात बाधित है। यहां भी बिजली सप्लाई ठप है। 

टिहरी जिले के भिलंगना क्षेत्र के सभी मोटर मार्ग बर्फबारी के कारण बंद हैं। यहां घनसाली में 33 साल बाद बर्फबारी हुई है। जिले के विकासखंड कीर्ति नगर वाले क्षेत्रों में भी जमकर बर्फबारी हुई है। जिले में बर्फबारी ने पिछले नौ सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बुधवार की रात को जिले में जमकर बर्फबारी हुई। नई टिहरी में लगभग एक फिट बर्फ गिरी। रात आठ बजे से यहां बिजली गुल है।

बर्फबारी से चंबा-नई टिहरी, चंबा-धनोल्टी, लंबगांव-प्रतापनगर, लंबगांव-उत्तरकाशी, लंबगांव-चमियाला, नगनु-भवान सहित एक दर्जन मार्ग यातायात के बाधित हैं। अत्यधिक बर्फबारी के कारण लोग घरों में ही कैद होकर रह गए हैं।

बड़कोट में यमुना नदी के तट तक बर्फ पहुंच गई है। करीबन ढाई दशक बाद नगर के साथ यमुना नदी तट तक बर्फबारी हुई। श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में आज तीन दिन बाद बारिश थम गई है। यहां धूप निकलने की उम्मीद है। चमोली जिले में भी मौसम खुला है।

यहां तीन दिन बाद बारिश और बर्फबारी थमी है। रुद्रप्रयाग में तीन दिन की बारिश व ऊपरी इलाकों में बर्फबारी के बाद आज राहत मिली है। केदारनाथ में दस फीट तक नई बर्फ जम चुकी है। जबकि पहले से यहां पांच फीट बर्फ मौजूद हैं। इसके अलावा केदारनाथ-गौरीकुंड पैदल मार्ग पर छह से आठ फीट तक बर्फ है।

गौरीकुंड बाजार में डेढ़ फीट व गांव में तीन फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है। जनपद के तीस से अधिक गांव बर्फ से प्रभावित हैं। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे बांसवाड़ा में अति संवेदनशील बना हुआ है। सुरक्षा कारणों से यातायात विजयनगर-गुप्तकाशी मार्ग पर डायवर्ट किया गया है। कुंड-ऊखीमठ-मंडल-गोपेश्वर हाईवे समेत जनपद में पांच संपर्क मार्ग भी बंद पड़े हैं। 

 

आज भी हो सकती है बारिश

मौसम विभाग ने देहरादून में आज भी बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। दून और आसपास के कुछ इलाकों में बारिश भी हो सकती है। इसके बाद 10 और 11 जनवरी को शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया गया है।


पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने का कहा गया है। प्रदेश के पर्वतीय और ऊंचाई वालों के इलाकों में भारी बर्फबारी के चलते प्रदेश भर में 40 मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इनमें लोक निर्माण विभाग के 26 प्रमुख मार्ग भी शामिल हैं।

बर्फ की कैंद में 330 गांव

उत्तराखंड में उत्तरकाशी और चमोली जिले में बर्फ में कैद गांवों की संख्या बढ़कर करीब 330 पहुंच चुकी है। देहरादून जिले के अंतर्गत जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर हुए हिमपात ने 40 वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए।

टिहरी जिले के धनोल्टी, नई टिहरी, चंबा, सुरकंडा, कद्दूखाल आदि क्षेत्रों में अपराह्न बाद जमकर बर्फबारी हुई। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम में सात फुट तक नई बर्फ जम चुकी है, जबकि पांच फुट बर्फ पहले से मौजूद थी। वहीं रुद्रपुर में ठंड से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। कुमाऊं में कम से कम चार मार्ग बंद हो गए हैं।

मौसम की खराबी के कारण लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी नैनीसैनी एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं। सुबह से ही मौसम खराब होने से विमान देहरादून से पिथौरागढ़ नहीं आ सका। यात्रियों को घंटों तक इंतजार करने के बाद लौटना पड़ा।

बर्फबारी की वजह से बंद पड़े हैं ये मार्ग

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक मुक्तेश्वर मार्ग धानाचूली और मोटापत्थर पर भारी बर्फबारी की वजह से बंद पड़ा है। भारी बर्फबारी के कारण नैनीताल में माल रोड, राजभवन रोड, हाईकोर्ट कैंपस, भवाली मार्ग बंद पड़ा हुआ है।

अल्मोड़ा जिले में मोतियापत्थर शहर फाटक वालिक रोड, शहरफाटर अल्मोड़ा और मोरनौला जैंती, सुवाखान डोरम चलनीछीना, बारीछीना शेराघाट, अर्तोला जागेश्वर नैनी, पनुआनौला बृधजागेश्वर, काफरखान बिंसर मार्ग बर्फबारी के कारण बंद हैं। 

चंपावत में मुंच ताम्ली, खेतीखान, दूनाघाट-भिंराड़ा-रीठासाहिब, लालुवापानी-बनलेख, रीठामीनार मार्ग बर्फबारी के कारण बंद हैं। धारचूला में तवाघाट नारायण आश्रम मोटर मार्ग अत्यधिक बर्फबारी में बारिश हो रही है। जिस कारण मार्ग बंद है। मार्ग शुक्रवार दोपहर 2:00 बजे तक खुलने की संभावना है।

रानीखेत में मार्चुला स्यालदे देघाट सड़क पहाड़ी से मलबा आने से बंद है। कपकोट में शामा तेजम, शामा लिति, धर्माधर मार्ग बंद है। पिथौरागढ़ जिले में थल मुनस्यारी मोटर मार्ग भारी बर्फबारी के कारण बंद है। चकराता में कोटी कनासर रोड बर्फबारी के कारण बंद है। यहां दारागाड कथिया त्यूनी, कालसी चकराता, सहिया क्वानु, कालसी बैराटखाई, शहीद सुरेश तोमर, कोरुवा मार्ग बंद है। सभी को खोलने के जेसीबी काम कर रही हैं।

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