Weather Today : बागेश्वर में बारिश का कहर जारी, भारी बारिश से थल, नाचनी क्षेत्र में कई मकान खतरे की जद में
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बागेश्वर में बारिश लगातार आफत बरपा रही है। मंगलवार रात को एक बार फिर कपकोट और बागेश्वर में लगातार हुई बारिश से रवाईखाल के विल्लेख और ग्वाड़ पजेना में आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। तीन मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्वाड़ (देवलचौरा) और मंडलसेरा में मकान खतरे की जद में हैं। । कपकोट में 30 एमएम, बागेश्वर में 2.50 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।
मंगलवार को विल्लेख में नंद राम पुत्र किट राम का मकान ध्वस्त हो गया था। इधर मंगलवार रात करीब 11 बजे ग्वाड़ पजेना गांव में ममता देवी पत्नी पुष्कर राम का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। समय रहते ममता ने बच्चों को सुरक्षित बाहरनिकाल लिया। राजस्व विभाग की टीम ने नुकसान का जायजा लेकर क्षति का आकलन किया।
प्रभावित परिवार के पंचायत घर में ठहरने की व्यवस्था की गई। सूचना मिलने पर रेडक्रास सोसायटी के वाइस चेयरमैन संजय साह जगाती के नेतृत्व में जिला सचिव आलोक पांडेय, उमेश जोशी आदि ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवार को खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया। रेडक्रास सोसायटी को प्रभावितों की मदद के लिए प्रतिष्ठित व्यवसायी मुख्तार अहमद तिवाड़ी ने 10 किट राशन उपलब्ध कराया है।
किसी का आंगन टूट गया, किसी के मकान को है खतरा
बागेश्वर में बिलखेत क्षेत्र के ईडा में मोहनी देवी पत्नी नारायण दत्त, छुरमुल में हरीश चंद्र पुत्र बालकिशन, चचई में दयाकिशन पुत्र गोपाल दत्त का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। वहीं ग्वाड़ (देवलचौरा) गांव में पूरन सिंह का मकान खतरे की जद में है। मंडलसेरा उत्तरी में विपिन खेतवाल पुत्र मेहरबान सिंह खेतवाल के आंगन की दीवार, दयाल राम पुत्र जोगा राम का मकान और नवीन कुमार पुत्र बची राम के घर की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। बाली राम पुत्र कमल राम के आंगन की दीवार को भी नुकसान पहुंचा है।
मंगल राम पुत्र बहादुर राम के घर में मलबा घुसा है। दयाल राम पुत्र हरि राम मकान के ऊपर मलबा आया है। गरुड़-ग्वालदम सड़क पर भूस्खलन से विपिन सनवाल का मकान खतरे की जद में आ गया है। ग्राम पंचायत बास्ती में बास्ती-सनगाड़ मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त होने से राजेंद्र सिंह, आनंद सिंह, गोपाल सिंह, प्रताप सिंह, बहादुर सिंह, मोहन सिंह, राजेश सिंह, मेहरमान सिंह, भूपाल सिंह के मकानों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। बास्ती के ग्राम प्रधान केदार महर ने बताया कि चार परिवारों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है।
बागेश्वर में 14 सड़कों में यातायात बाधित
बुधवार को बागेश्वर जिले की 14 सड़कों में यातायात बाधित रहा। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पालड़ीछीना-जैनकरास, सानिउडियार-कुचौली, जिंतोली-सलखन्यारी, बागेश्वर-दफौट, रवाईखाल-कमौल, शामा-लीती, सानिगाड़-बास्ती, धपोली-जेठाई, कमेड़ीदेवी-भैंस्यूड़ी, जखेड़ा-लमचूला, शामा-लीती-गोगिना, हरसिला-पुड़कुनी, कपकोट-कर्मी-बघर, रिखाड़ी-वाछम में यातायात बाधित है। बुधवार सुबह तक जिले में 25 सड़कें बंद थीं। 11 सड़कों में यातायात बहाल हो गया था।
कौसानी, गरुड़ के कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप
कौसानी में मंगलवार की शाम को शॉल फैक्ट्री के पास बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने से पिंगलकोट, गेवाड़, सीमा, रतोड़ा, द्योरड़ा, बोरगांव, भोजगण, खडरिया, रतमटिया, कौलाग, सिडुंगरी, बद्रीनाथ, मोलीधार की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बीती रात गरुड़ में बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने से लाइन ध्वस्त हो गई। चीतरोईयां, डंडाखाल, मुंगराऊ समेत 4 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता भाष्कर पांडेय ने बताया है कि लाइन की मरम्मत का काम चल रहा है।
क्षति का मूल्यांकन करने नहीं आए एसडीएम, आक्रोश
आपदाग्रस्त लाहुरघाटी में क्षति का जायजा लेने आपदा के 48 घंटे बीतने के बाद क्षति का आकलन करने एसडीएम और तहसीलदार के मौके पर न आने से आपदा प्रभावितों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार ऐलान किया है कि क्षति का जायजा लेने एसडीएम और तहसीलदार शीघ्र मौके पर नहीं आये तो वह सैलानी में आपदा प्रभावितों के साथ उपवास में बैठने को मजबूर होंगे।
लाहुरघाटी में मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन से खारी गांव निवासी पूरन सिंह, उम्मेद सिंह, दान सिंह, मोहन सिंह, हीरा सिंह, सुंदर सिंह, पुष्कर सिंह, भूपाल सिंह, खिलाफ सिंह, मदन सिंह निवासी खारी सुरेश सिंह, राजेंद्र सिंह निवासी घटबगड़ का आवासीय मकान खतरे की जद में आ गया था। प्रभावित परिवार डर से रात में पड़ोसियों के घरों में शरण लेने को मजबूर है। डंगोली सैलानी मोटर मार्ग सैलानी से आगे बंद होने से क्षेत्र के कई गांवों में आवश्यक वस्तओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार दो दिन से आपदाग्रस्त गांवों के दौरे पर है। परिहार का कहना है कि आपदा की घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पटवारी को छोड़कर एसडीएम, तहसीलदार, पीएमजीएसवाई ईई, जिला कृषि अधिकारी, जल संस्थान के अधिकारी के मौके पर नहीं आने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने ऐलान किया है कि एसडीएम, तहसीलदार और जिला स्तर के अधिकारी क्षति का आंकलन करने मौके पर नहीं आये तो वह आपदा प्रभावित ग्रामीणों के साथ घाटी में उपवास शुरू करने को मजबूर होंगे।
पटवारी केवलानंद कांडपाल ने खारी सहित कुछ और गांवों में हुई क्षति का आंकलन किया। उधर घेटी में गोविंद बल्लभ कांडपाल का आवासीय मकान बारिश से पूर्ण रुप से ध्वस्त हो गया है। नायब तहसीलदार तितिक्षा जोशी पटवारी तारा देवी ने क्षति का मूल्यांकन किया। राजस्व पुलिस ने प्रभावित परिवार को पंचायत घर में शिफ्ट कर दया है।
उफनाई गंगा, कई बीघा फसलें जलमग्न
रुड़की में भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी तटबंध को पार कर आधा दर्जन गांवों की करीब दस हजार बीघा कृषि भूमि पर खड़े गन्ने, धान और हरे चारे की फसलों में फैल गया है। इदरीशपुर गांव के बाहर बनी झोपड़ियों तक बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बाढ़ के खतरे के मद्देनजर बुधवार को एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ गंगा किनारे स्थित गांवों का दौरा कर राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं, हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर गंगनहर को मंगलवार रात को बंद करना पड़ा। रात में गंगा में दो लाख क्यूसेक पानी बढ़ने से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था। बुधवार सुबह तक जलस्तर कम हो गया और गंगनहर में फिर से पानी छोड़ दिया।
भारी बारिश से थल, नाचनी क्षेत्र में कई मकान खतरे की जद में
पिथौरागढ़ में मंगलवार रात थल क्षेत्र में बारिश ने जमकर कहर बरपाया। अठखेत गांव में गोविंदी भैसोड़ा के मकान की सुरक्षा दीवार गिरने से खतरा हो गया है। गोल गांव के टिमटोड़ा में लक्ष्मण राम के मकान के पीछे भूस्खलन होने से मकान में मलबा घुस गया। मलबे में दबने से घोड़े की मौत हो गई। मलबा आने से कई सड़कें बंद हो गईं, जबकि दर्जनों मकान खतरे में आ गए हैं।
थल के कौली गांव में बिशन दत्त पुनेठा के मकान के आंगन की दीवार गिर गई। कमला देवी के मकान की आंगन की दीवार भी धंस गई है। हीपा गांव में जगत सिंह कार्की के मकान में मलबा घुसने से घर का सारा सामान दब गया है। बारिश से थल-पांखू मार्ग पांच घंटे बंद रहा।
सिल्दू- नैनीपातल के पास जमीन दरकने से चीड़ के पेड़ धराशायी हो गए। इससे एक पिकप वाहन मलबे के साथ बह गया, जबकि एक मैक्स जीप क्षतिग्रस्त हो गई। लोनिवि के बेड़ीनाग डिविजन ने सुबह मलबा हटाकर सड़क खोली। उधर, हल्द्वानी से सामान लेकर थल आ रहा एक ट्रक बरड़ बैंड के पास सड़क धंसने से रोड के किनारे ही पलट गया।
थल-मुनस्यारी सड़क मलबा आने से बंद
थल-मुनस्यारी सड़क रिंगुनिया, नयाबस्ती में मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गई। नाचनी-बांसबगड़ दस किमी सड़क घटन, सरमौता, हुपुलि, झीलोड़ी और दुलियाबगड़ आदि स्थानों पर मलबे से पटी है। हुपुलि से कोटयूडा सड़क पर भूस्खलन हुआ है। राया गांव के प्रधान गजेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के खरानी, भुखेत, मलानी, तल्ला धूरा तोकों के कई मकानों में दरारें आ गई हैं।
पॉलीटेक्निक कॉलेज बांसबगड़ का पचास मीटर संपर्क पैदल मार्ग बह गया है। बाथी गूठ गांव के प्रेम सिंह बथियाल ने बताया कि भूस्खलन होने से सात मकान खतरे की जद में आ गए हैं। प्रभावितों ने खतरे की सूचना राजस्व उप निरीक्षक कार्यालय में दर्ज कर दी है। भैंसखाल गांव के हरड़िया तोक में नारायण राम के मकान के नीचे भूस्खलन से मकान को खतरा पैदा हो गया है। बोरागांव- नाचनी, भैसकोट- नाचनी गांव, बमोरी से धामी-फल्याटी गांव की पेयजल लाइनें भी बंद हैं।