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उत्तराखंड में मौसम की मार: 24 घंटे की अतिवृष्टि से गढ़वाल और कुमाऊं में पांच की मौत, कई घायल

Fri, 21 May 2021 12:30 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/हल्द्वानी Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 21 May 2021 12:30 AM IST
सार

उत्तराखंड में बुधवार से ही बारिश का दौर जारी है। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक बारिश ने तबाही मचाई है। वहीं, बारिश के कारण पिछले 24 घंटे में प्रदेश में पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है। 

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Uttarakhand weather news: five People Died after 24 Hours Heavy Rainfall in Garhwal and Kumaon
उत्तराखंड में बारिश - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में मौसम विभाग की चेतावनी सही साबित हुई। लगभग पूरे उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में भारी बारिश हुई। कई स्थानों पर बारिश ने गर्मी में भी सर्दी का अहसास कराते हुए मई माह का वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ डाला। मौसम की मार से चकराता में तीन और ऊधम सिंह नगर में दो लोगों की जान चली गई। कई स्थानों पर मार्ग बाधित हो गए। बिजली गुल होने से परेशानी बढ़ गई। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटों में पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा और नैनीताल में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

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कुदरत का कहर: चकराता में अतिवृष्टि से छानियों पर गिरा भारी मलबा, पिता-बेटी समेत तीन की दबने से मौत, तस्वीरें...
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चकराता तहसील के लाखामंडल के ग्राम कोल्हा के खेड़ा बिजनाड़ छानी में सुबह लगभग 8:00 बजे गांव से कुछ ऊपर जंगल में अतिवृष्टि से तेज आवाज के साथ भारी मलबा नीचे की ओर आने लगा। देखते ही देखते मलबे ने तीन आवासीय छानियों को चपेट में ले लिया। मलबे में दबने से मुन्ना दास (32), उनकी पुुत्री साक्षी (13) और काजल पुत्री शीशपाल (13) की मौत हो गई।
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बादलों का कहर: मलबा आने से बंद हुआ बदरीनाथ हाईवे, कई मशीनें दबीं, अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा, तस्वीरें...

हादसे में मृतक मुन्ना दास की पत्नी बालो देवी, बेटा मुकुल, बालो देवी पत्नी शीशपाल और ऊषा देवी पत्नी विक्रम घायल हो गईं। मलबे में करीब 27 मवेशी भी दब गए। इनमें 15 बकरियां, पांच बैल, पांच गाय और एक घोड़ा शामिल है। एसडीएम चकराता संगीता कनौजिया और तहसीलदार पूरण सिंह तोमर ने नुकसान का जायजा लिया। एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची और राहत बचाव कार्य में जुट गई।

ऊधमसिंह नगर के केलाखेड़ा में एक ईट भट्ठे के स्टॉक गोदाम की दीवार ढहने से दबकर ठेकेदार शंकर (28) और मुकेश (40) की मौत हो गई। सितारगंज के बलीनगर में कच्चे घर का टिनशेड गिरने से इसके नीचे सोए दंपती समेत परिवार के पांच लोग दबकर घायल हो गए।

भँग्युल गांव का पुल फिर बह गया

बीती सात फरवरी को तपोवन में आई आपदा के बाद चमोली के भँग्यूल गांव के लोगो के आपदा के जख्म भरे भी नही थे, कि धौली गंगा का आज फिर जलस्तर बढ़ गया। जिसके कारण देश दुनिया से जोड़ने वाला लोक निर्माण विभाग द्वारा दो माह पहले बनाया गया एक मात्र झूला पुल फिर बह गया है।  इसके चलते  भँग्यूल गांव का एक बार फिर देश दुनियां से संपर्क टूट गया है।

हिमखंड टूटने से बदरीनाथ और माणा में मची अफरातफरी
भारी बारिश के दौरान देश के अंतिम गांव माणा के पास के गदेरे और बदरीनाथ में सेना कैंप के ठीक सामने नाले में हिमखंड टूटकर आने से अफरातफरी मच गई। माणा के ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा ने बताया कि क्षेत्र में बुधवार रात से भारी बारिश हो रही थी। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 11 बजे माणा गांव के समीप गदेरे के शीर्ष भाग में हिमखंड टूटकर गदेरे में आ गया, जिससे गदेरे का पानी दूधिया रंग का हो गया।

इसी दौरान सेना हेलीपैड के ठीक सामने की चट्टान से भी एक अन्य हिमखंड टूटकर नीचे आ गया, जिससे नाले में बर्फ के साथ अलकनंदा का जलस्तर भी बढ़ गया। बदरीनाथ धाम में रह रहे लोग अपने कमरों में दुबक गए, हालांकि दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो गई। बसुधारा के पास भी हिमखंड टूटता दिखाई दिया। 

नैनीताल में मूसलाधार बारिश ने तोड़ा 107 वर्षों का रिकॉर्ड

नैनीताल जिले में मई की औसत बारिश 67.5 मिलीमीटर है और 20 मई 2021 तक 146 मिली मीटर बारिश हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में 90 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गई है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल का कहना है कि 107 वर्षों बाद मई में इतनी बारिश हुई है और मई माह सबसे ठंडा रहा। वर्ष 1916 में 71 मिली मीटर बारिश 24 घंटों में हुई थी।

नुकसान पर सीएम तीरथ ने जिलाधिकारियों से ली रिपोर्ट
प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने संबंधित जिलाधिकारियों से फोन पर रिपोर्ट ली। उन्होंने प्रभावितों तक तुरंत सहायता पहुंचाने तथा घायलों के समुचित इलाज और बेघर लोगों के भोजन व रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही अधिकारियों को नुकसान का आकलन करते हुए प्रभावितों को अविलंब सहायता राशि उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को कहा कि वे किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कर शीघ्र मुआवजा दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने और राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर आवागमन सुचारू करने के लिए राज्य सरकार समुचित प्रबंध कर रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न स्थानों पर अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही राजस्व पुलिस, पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गई हैं।

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