उत्तराखंड: बीआरओ ने 14 हजार फीट की ऊंचाई पर खोली गुंजी से आदि कैलाश जाने वाली सड़क
35 किलोमीटर सड़क एईई अमन और जेई दीपक के नेतृत्व में खोली गई। पहले गुंजी से कुटी तक 18 किलोमीटर सड़क पर आए ग्लेशियर हटाए गए और फिर कुटी से ज्योलीकांग-आदि कैलाश की 17 किलोमीटर सड़क सुचारू की। अब सड़क खुल जाने पर सड़क निर्माण के अन्य कार्य में तेजी आएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीआरओ की 65-आरसीसी ने 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित बर्फ से पटी 35 किलोमीटर लंबी गुंजी, कुटी, ज्योलीकांग, आदि कैलाश जाने वाली सड़क खोल दी है। इससे बीआरओ के साथ ही माइग्रेशन और सेना के जवानों को चेकपोस्टों पर जाने में आसानी होगी। इसके अलावा आदि कैलाश की यात्रा पर जाने वाले स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।
इस बार हुई भारी बर्फबारी से उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित गुंजी-कुटी सड़क बंद हो गई थी। इससे माइग्रेशन पर जाने वाले लोग आगे नहीं जा पा रहे थे। इसके अलावा अग्रिम चौकियों पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को भी आवागमन में असुविधा हो रही थी। बीआरओ के कमांडर कर्नल एनके शर्मा ने बताया कि सीमा के अंतिम माइग्रेशन गांव कुटी के लोगों और सीमा पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को आवागमन में हो रही दिक्कत को देखते हुए सड़क खोलने के लिए तेजी से काम किया गया।
उत्तराखंड में बादलों का कहरः पौड़ी में तड़के फटा बादल, मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बंद
उन्होंने बताया कि बीआरओ ने पिछले साल गुंजी, कुटी, ज्योलीकांग तक की सड़क का निर्माण कर दिया था। शीतकाल में सुरक्षाकर्मी और गांव के लोग नीचे की घाटियों पर आ जाते हैं। सड़क खुल जाने से आदि कैलाश पर्वत को दर्शन को जाने वाले स्थानीय लोगों के साथ सुरक्षा कर्मियों को भी राहत मिलेगी। व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों को पूजा पाठ और अपने मृत परिजनों की अस्थियां विसर्जित करने ज्योलीकांग तीर्थ स्थल तक जाने में आसानी होगी।
मलबा आने से पांच घंटे बंद रहा थल-मुनस्यारी मार्ग
तेज अंधड़ और भारी बारिश से थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग सहित लिंक मार्ग बंद हो गए। नाचनी बांसबगड सड़क पर हुपली के पास ठेकेदार का ट्रैक्टर मय ट्रॉला के नाले में पलट गया। भारी मात्रा में मलबा आने से रविवार सुबह भी थल-मुनस्यारी सड़क पर पांच घंटे यातायात बाधित रहा।
शनिवार शाम और रविवार सुबह नाचनी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान तेज अंधड़ चला। जिससे कोट्यूड़ा गांव में गणेश सिंह के मकान की छत उड़ गई। गनीमत रही कि परिवार के किसी भी सदस्य को इस घटना में चोट नहीं पहुंची। मूसलाधार बारिश के बाद शनिवार शाम मुनस्यारी सड़क पर आया मलबा शाम छह बजे हटाया गया था।
इसके बाद रात को सड़क खुली रही। रविवार सुबह फिर से मूसलाधार बारिश के कारण छह बजे फिर सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। लोनिवि ने सुबह 11 बजे मलबा हटाने के बाद सड़क यातायात के लिए खोली। मुनस्यारी सड़क से जुड़े कुछ लिंक मार्ग भी बंद हो गए जिन्हें दोपहर तक यातायात के लिए लिए खोल दिया था। रविवार सुबह जिला मुख्यालय सहित जनपद के अन्य हिस्सों में हल्के बादल छाये रहे। इसके बाद दिन भर तेज धूप रही। जिले के घाटी वाले क्षेत्रों में उमस होने लगी है।
मसमोली- भातड़ सड़क कैंटर फंसने से बंद
मसमोली भातड़ मोटर मार्ग पर कुकरौली के पास रविवार सुबह हुई तेज बारिश में एक कैंटर फंस गया। कैंटर राशन के लिए हल्द्वानी जा रहा था। कैंटर के सड़क पर फंसने से अन्य वाहनों के साथ ही शवदाह के लिए जा रहे वाहन भी फंस गए। इसके चलते शव यात्रा में शामिल लोग 10 किमी पैदल चलकर घाट तक पहुंचे। सड़क के बंद हो जाने से द्योकली, धिंगतड़, चल्मोड़ी, मेलती, भातड़, कुकरौली सहित दो दर्जन गांव का यातायात दिन भर ठप रहा। उधर थल-पांखू मोटर मार्ग पर भी सुबह पांच बजे की बारिश से गेल्थी गाड़ा के पास गधेरे से मलबा आ गया। इससे सड़क बंद हो गई। तत्काल सूचना मिलते ही लोनिवि के एई संजय वर्मा और जेई महेश चंद ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन से सड़क खोल कर यातायात बहाल कराया।
चंपावत और पाटी में हल्की बारिश से ठंड
चंपावत। चंपावत और पाटी क्षेत्र में रविवार रात हल्की बारिश हुई। चंपावत में दो और पाटी में दस मिमी बारिश हुई। वहीं बादल और धुंध के चलते रविवार को भी ठंड रही। इससे न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा।