उत्तराखंड: बारिश और मलबे से अब तक 1100 से अधिक सड़कों को नुकसान, अब भी बंद पड़ी हैं 92 सड़कें
- अब भी बंद पड़ी हैं 92 सड़कें, मलबा हटाने में जुटा लोनिवि
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उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के बाद से अब तक 1150 सड़कों को नुकसान पहुंचा है। बारिश और भूस्खलन से बंद हो गईं इन सड़कों में से 1067 को खोला जा चुका है, लेकिन इन्हें पुरानी स्थिति में लाने के लिए लोनिवि को करोड़ों रुपये खर्च करने होंगे।
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों की ग्रामीण सड़कों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। बंद होने वालीं 80 फीसदी ग्रामीण सड़कें हैं, जिन्हें नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और जिला मोटर मार्गों की तुलना में देरी से खोला जाता है। जगह जगह मार्ग पर मलबा होने के कारण उन्हें खोलने में मशीनरी को ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है। जैसे-जैसे दिन गुजर रहे हैं, मौसम के तेवर तीखे हो रहे हैं।
गढ़वाल मंडल में सड़कों को अधिक नुकसान हुआ है। उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी में अब तक 544 सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इनमें से 520 मार्ग खोली जा चुकी हैं और बाकी मार्गों को खोलने के प्रयास जारी हैं। पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा और बागेश्वर में अब तक 239 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिनमें से 229 सड़कों को खोला जा चुका है। बारिश से पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त मार्गों को पुरानी स्थिति में लाने के लिए 294 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।
92 सड़कें अब भी बंद
प्रदेश में 92 सड़कें अब भी बंद हैं। इनमें दो नेशनल हाईवे, दो स्टेट हाईवे, 38 ग्रामीण सड़कें भी शामिल हैं। लोनिवि के विभागाध्यक्ष हरिओम शर्मा के मुताबिक इन सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। विभाग ने जगह जगह मशीनें तैनात की हैं।
डोबराचांठी पुल का मुआयना करेंगे सचिव
टिहरी जिले में तकरीबन निर्मित हो चुके डोबराचांठी पुल का निरीक्षण करने के लिए शासन स्तर से सचिव लोनिवि आरके सुधांशु जल्द दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री से इस अनूठे डिजाइन वाले पुल का उद्घाटन करने का अनुरोध किया है। सरकार को पीएमओ से हरी झंडी का इंतजार है। इस बीच पुल निर्माण से जुड़ीं सभी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए सचिव दो, तीन दिन में टिहरी रवाना हो जाएंगे।