{"_id":"6690e710a5eb37c4fe0d56c5","slug":"uttarakhand-weather-irritability-fatigue-and-restlessness-increasing-due-to-humidity-2024-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand Weather: उमस से बढ़ रहा चिड़चिड़ापन, थकान और बेचैनी, बारिश थमने के बाद लोगों को कर रही परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand Weather: उमस से बढ़ रहा चिड़चिड़ापन, थकान और बेचैनी, बारिश थमने के बाद लोगों को कर रही परेशान
Fri, 12 Jul 2024 01:50 PM IST
रेनू सकलानी
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 12 Jul 2024 01:50 PM IST
सार
बारिश थमने के बाद बढ़ रही उमस लोगों को परेशान कर रही। पसीना अधिक आने पर डिहाइड्रेशन के साथ ही बेचैनी बढ़ रही है।
विज्ञापन
बारिश थमने के बाद अब उमस बढ़ी
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भीषण गर्मी के बाद हुई बारिश से तापमान तो गिरा, लेकिन बारिश थमने के बाद अब उमस बढ़ गई है। इससे लोगों में थकान, बेचैनी और चिढ़चिढ़ापन बढ़ गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उमस भरा मौसम शरीर के लिए सहना मुश्किल होता है। इस दौरान पसीना अधिक आता है इसलिए पानी की कमी न होने दें। ज्यादा नमी शरीर को प्रभावी रूप से ठंडा होने से भी रोक सकती है, इससे चिपचिपाहट होती है।
विज्ञापन
दून मेडिकल कॉलेज, अस्पताल की इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. एनएस बिष्ट ने बताया कि उमस के मौसम में धूप में, घर के बाहर खुले में काम करने वाले लोगों विशेष रूप से मजदूरों को अधिक ध्यान रखने की जरूरत है। शरीर में पानी की कमी बिल्कुल न होने दें। शरीर ज्यादा गर्म होता है, तो यह त्वचा की सतह पर पानी और नमक का मिश्रण भेजता है।
विज्ञापन
गर्मी कम होने पर करें वर्कआउट
यह पसीने के रूप में बाहर निकलता है। अधिक पसीना आने पर पानी की कमी हो जाएगी। इससे थकावट, कमजोरी, डिहाइड्रेशन के साथ ही बेचैनी बढ़ सकती है। डॉ. बिष्ट ने बताया कि इस मौसम में तेज गतिविधि शरीर को ज्यादा गर्म कर सकती है। इसलिए वॉक, साइकिलिंग या वर्कआउट का समय बदल देना चाहिए। सुबह या शाम गर्मी कम होने पर वर्कआउट करें।
विज्ञापन
वहीं, दून मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंकुर पांडेय ने बताया कि उमस से चिपचिपाहट, गीलापन, त्वचा संबधी दिक्कतें और पित्त बढ़ने की समस्या हो सकती है। ऐसे में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। चिपचिपाहट दूर करने के लिए स्नान करें।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: यूसीसी की रिपोर्ट जारी, बोले- समिति के अध्यक्ष- चार खंडों में उपलब्ध....इस वेबसाइट पर जाकर देखें
स्किन को सूखा रखने के लिए पाउडर का उपयोग करें। डॉ. अंकुर ने बताया कि पानी पीते रहें। घर में हवा आने-जाने के रास्ते खुले रखें। बच्चे, बुजुर्ग, डायबिटीज और दिल के मरीजों का विशेष ध्यान रखें। धूप से बचाव करें। चक्कर आएं, भ्रम हो या शब्द उच्चारण गड़बड़ लगे तो डॉक्टर से सलाह लें।