Uttarakhand Weather: बारिश के कहर से मुनस्यारी में होटल जमींदोज, 12 मकान ध्वस्त, कई पुल बहे
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मूसलाधार बारिश से मुनस्यारी में एक बार फिर काफी नुकसान हुआ है। नदी-नाले उफान पर आने से आवागमन के लिए बनाए गए लकड़ी के पुल भी बह गए हैं। कैठी बैंड पर एक होटल ध्वस्त हो गया। इन दिनों होटल बंद होने से कोई जनहानि नहीं हुई। धापा और जोशा गांव में 12 आवासीय मकान ध्वस्त हो गए हैं, जबकि तीन मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 18 और 19 जुलाई की बारिश से धापा गांव पूरी तरह से खतरे में आने से कुछ ग्रामीण राहत शिविर में और टेंटों में रह रहे हैं।
मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर तहसील मुख्यालय से लगभग 15 किमी दूर कैठी बैंड में सोबन सिंह ढोकटी का होटल था। कोरोना के कारण यह होटल कई दिन से बंद था। रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। इससे भूस्खलन होने के कारण यह होटल ध्वस्त हो गया।
मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर जिस स्थान पर 18 जुलाई की रात मोटर पुल बह गया था, उस स्थान पर बीआरओ ने 28 जुलाई को आवागमन के लिए लकड़ी का पुल बनाया था यह पुल भी रात में बह गया। इसके चलते लोगों की पैदल आवाजाही भी बंद रही। दरकोट, दरांती, धापा, सेविला, सेरासुरैधार समेत कई गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। अब बीआरओ इस स्थान पर एक बार फिर लकड़ी का पुल बना रहा है। मंगलवार से इस पर पैदल आवागमन शुरू होने की उम्मीद है।
तहसील आपदा कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत धापा में मनीष जोशी, महेश जोशी, केदार सिंह, कृष्पाल सिंह, महिमन सिंह, विनोद सिंह, इंद्र राम, जय राम, मनोहर सिंह, गंगा सिंह एवं ग्राम पंचायत दरांती में देवेंद्र सिंह, ग्राम गोलमा में भगत राम का आवासीय भवन ध्वस्त हो गया है।
बिजली के पोलों तकदी का पानी आ गया
ग्राम पपड़ी में त्रिलोक सिंह, बुंगा नईबस्ती में देवराज, हरकोट में योगेश सेमियां का मकान आंशिक क्षतिग्रस्त हुआ है। ग्राम पंचायत जोशा के दुतियाबगड़ गधेरे में बनी पुलिया बह गई है। उपजिलाधिकारी भगत फोनिया ने बताया कि पैदल और सड़क यातायात बहाल करने के लिए संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिया गया है।
इधर, नाचनी में भारी बारिश से थल-मुनस्यारी सड़क फल्याटी, नया बस्ती और रातिगाड़ में बंद रही। फल्याटी और रातिगाड़ में मलबा हटाने के बाद दिन में 12 बजे सड़क खुली। नया बस्ती में लगभग एक सौ मीटर तक सड़क मलबे से पट गई। नाचनी- भैसकोट, नाचनी- बांसबगड़, बांसबगड़- कोटा हुपलि कोट्यूड़ा बंद है।
रामगंगा के जल स्तर में भारी वृद्धि होने से भैसखाल गांव का खेल मैदान रामगंगा की चपेट में आ गया है। सुरक्षा दीवारें बह गई हैं। यूपीसीएल की बिजली लाइन के पोलों तक भी नदी का पानी आ गया।
रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से थल घाट में शव दाह में आने वाले यात्रियों के लिए बनाया विश्राम भवन भी डूब गया। उधर, धारचूला, जौलजीबी, बलुवाकोट से लेकर झूलाघाट तक काली नदी उफान पर रही। इधर, जिला मुख्यालय में भी सोमवार को बारिश हुई।
सरयू के टापू पर फंसे मवेशियों और लोगों को पुलिस ने निकाला
बेड़ीनाग पुलिस ने सेराघाट के पास सरयू नदी पर एक टापू पर फंसे 40 मवेशी और आठ लोगों को रेस्क्यू किया। सोमवार को कुछ ग्रामीण महिला पुरुष अपने मवेशियों को सरयू पर बने एक टापू पर घास चराने ले गए थे। मूसलाधार बारिश होने से इस दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया।
इसके चलते सभी ग्रामीण और मवेशी वहीं फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही बेड़ीनाग पुलिस के जवान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने उफनती सरयू नदी पार कर टापू में फंसे आठ लोगों, 30 बकरियों और 10 गाय-बैलों को रेस्क्यू कर सकुशल निकाला।
मदनपुर नैनी पुल का टेंडर तीन बार लग चुका है। पहले दो बार में किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला अब तीसरी बार टेंडर हुआ है। ठेकेदार का अनुबंध भी गठित हो गया है, विभाग को जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं।
- मीना गंगोला, विधायक गंगोलीहाट।