Uttarakhand: भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बदरीनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे बंद, नदियोंं का जलस्तर बढ़ा
Uttarakhand Weather Update: चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले के कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है। केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिन पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं।
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उत्तराखंड में आज भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई इलाकों में दिन की शुरुआत बारिश के साथ हुई। वहीं, मौसम विभाग ने आज कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार आज चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले के कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है। केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि अगले कुछ दिन पूरे राज्य में तेज बारिश और बिजली चमकने के आसार हैं। बारिश से होने वाले भूस्खलन से संवेदनशील इलाकों में सड़क मार्ग और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। ऐसे में मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही यात्रा की योजना बनाए।
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उफान पर बह रही नदियां
यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में रात से हो रही बारिश से यमुना नदी, हनुमान गंगा, बडियार नदी उफान पर चल रही है। उधर, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है।
ऋषिकेश में चेतावनी रेखा से मात्र 20 सेमी नीचे बह रही गंगा
पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश से मैदानी इलाकों में गंगा और उसकी सहायक नदिया उफान पर हैं। त्रिवेणी घाट में गंगा चेतावनी रेखा 339.50 मीटर से मात्र 20 सेमी 339.30 मीटर नीचे बह रही है। बुधवार को लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनि की रेती, तपोवन और त्रिवेणी घाटों पर पुलिस कर्मी श्रद्धालुओं को सुरक्षित जगहों पर ही स्नान करने की अपील करते नजर आए। लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम आदि क्षेत्रों में गंगा घाटों से ऊपर बह रही थी। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक दोपहर दो बजे गंगा का जलस्तर 339.37 मीटर और शाम छह बजे 339.30 मीटर दर्ज किया गया। स्थानीय प्रशासन की ओर से लगातार गंगा के जलस्तर पर निगरानी बनी रहे। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने के लिए अलर्ट किया गया।
शारदा लदी का जलस्तर बढ़ा, रेड अलर्ट
शारदा नदी का जलस्तर बुधवार को दोपहर बाद एक लाख क्यूसेक से अधिक हो गया। इस पर यूपी सिंचाई विभाग के शारदा बैराज प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर बैराज से वाहनों का संचालन रोक दिया। बुधवार को बनबसा में 42 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद बनबसा में शारदा का जलस्तर बढ़ने लगा। सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 67,459 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे जलस्तर 97,893 हो गया। दोपहर दो बजे जलस्तर बढ़कर 1,10,181 क्सूसेक पहुंच गया। शारदा बैराज प्रभारी जेई रोहित चौधरी ने बताया कि सुरक्षा के तहत बैराज पर वाहनों का संचालन रोक दिया गया है। बताया नदी में पानी एक लाख क्यूसेक से कम होने पर ही बैराज के गेट वाहनों के लिए खोले जा सकेंगे। बनबसा शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि नदी में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी प्रवाहित होने पर बैराज पर से वाहनों के संचालन बंद करने का नियम करीब पांच दशक पुराना है।
यमुनोत्री हाईवे पर रानाचट्टी में कई भवनों को खतरा
भारी बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे से लगे गीठ पट्टी के राना गांव, बाडिया गांव में कई आवासीय भवनों को खतरा पैदा हो गया है। बाडिया गांव में दो परिवारों ने घर छोड़ दिए। वहीं, राना गांव के मुकेश चौहान ने बताया कि गांव के बीचों-बीच आने वाले गदेरे व निर्माणाधीन राना निषणी सड़क के मलबे ने गांव साथ ही यमुनोत्री हाईवे व राना चट्टी के होटल व्यवसायियों की नींद उड़ा दी है। मलबा होटल, घरों, हाईवे पर पसरा हुआ है।
गंगोत्री हाईवे का पांच मीटर हिस्सा धंसा
मनेरी-सिलकुरा के समीप गंगोत्री हाईवे पर भू- कटाव शुरू हो गया है। हाईवे का करीब पांच से सात मीटर हिस्सा धंस गया है। वहीं सड़क के अंदर से पानी रिस रहा है।
बदरीनाथ हाईवे कई जगह बंद
मंगलवार रात भारी बारिश से कर्णप्रयाग सहित पिंडर घाटी में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कर्णप्रयाग में उमा महेश्वर आश्रम के पास बदरीनाथ हाईवे पर रात नौ बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के कारण सड़क बंद है। यहां पर करीब 30 से 40 वाहन फंसे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों पर मलबा आने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कत हो रही है।
बदरीनाथ हाईवे पर कमेड़ा में सड़क खोलने का काम जारी है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे नलगांच, नारायणबगड़ में परखाल तिराहा, हरमनी, मल्यापौड़ व बैनोली बैंड में मलबा आने से बंद है। उधर, नादायणबगड़ में अस्पताल के सामने मलबा भर गया है । साथ ही चार दुकानों के अंदर मलबा व पानी चला गया है।
कुमाऊं में नदी-नहर में डूबने से तीन की मौत
नदी, नहर और गधेरे में डूबने की चार अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। अल्मोड़ा में स्कूल जा रही छात्रा सुयाल नदी में बह गई। समय रहते लोगों ने उसे बचा लिया रुद्रपुर में छतरपुर कॉलोनी निवासी अमरनाथ का ढाई साल बेटा शिवम घर के पास ही नहर में जा गिरा। जब तक परिवार के लोग पहुंचते उसकी डूबकर मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि परिवार के लोग उसे आंगनबाड़ी केंद्र छोड़ गए थे। हालांकि केंद्र संचालक का कहना है कि अभी उसका दाखिला नहीं हुआ था।
अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील क्षेत्र के भंवरी गांव में लकड़ी लेने जंगल गए दिग्विजय सिंह भंडारी (28) पुत्र जगत सिंह भंडारी गधेरे में अचेतावस्था में मिला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस गधेरे में गिरने से मौत की आशंका जता रही है। गांव में सामूहिक पूजा के कारण वह लकड़ी लेने गया था। उसने पिछले साल ही बीटेक पूरा किया था। उधर, अल्मोड़ा जिले के ही लमगड़ा विकासखंड के ठाणा मटैना गांव की नौवीं की छात्रा ममता पुत्री शंकर राम स्कूल जाते समय
भैंसियाछाना विकासखंड के धन्यान गांव में सुयाल नदी में बह गई। आसपास के ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उसे बाहर निकाल लिया। बताया जा रहा है कि पुल न होने के कारण लोग नदी में पड़े पत्थरों और बोल्डरों के जरिए जान हथेली पर रखकर आर-पार जा रहे हैं। 13 साल पहले आपदा में सुयाल नदी का पुल बह गया था।
नेपाल के दार्चुला जिले के ब्यास गांव पालिका-4 टोंक में काली नदी किनारे भी किशोरी का शव मिला है। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। दार्चूला पुलिस के सूचना अधिकारी ज्ञानेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मौत के कारणों का भी पता नहीं चल सका है।