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उत्तराखंड: मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से कई जगह फसलें तबाह, मलबे में दबकर बालक की मौत

Fri, 13 Mar 2020 10:17 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 13 Mar 2020 10:17 PM IST
सार

  • काशीपुर में बिजली गिरने से लिंटर ध्वस्त, मलबे में दबकर बालक की मौत
  • मौसम खराब होने से नैनीसैनी से चार उड़ानें रद्द

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Uttarakhand weather: Heavy Hail Storm and rainfall destroy crops, One Boy Killed
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड में शुक्रवार को दिनभर हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण प्रदेश में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कुमाऊं में बारिश, ओलावृष्टि से कई क्षेत्रों में फसलें चौपट हो गईं। वहीं, देहरादून और हरिद्वार में भी फसलों और बागवानी को काफी नुकसान हुआ। 

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काशीपुर में बिजली गिरने से एक मकान का लिंटर ध्वस्त हो गया, जिसके मलबे में दबकर बालक की मौत हो गई। मौसम खराब होने से नैनीसैनी से चार उड़ानें रद्द कर दी गईं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मार्च के दूसरे सप्ताह में 11 साल बाद बारिश हुई है। शनिवार को भी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर में ओलावृष्टि और बारिश की संभावना है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। चोटियों पर बर्फबारी की संभावना है।
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शुक्रवार सुबह आठ बजे बारिश के दौरान काशीपुर (ऊधमसिंह नगर) के बांसफोड़ान निवासी मोहम्मद यूसुफ के मकान पर बिजली गिर गई, जिससे लिंटर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। मलबे में दबकर यूसुफ का 12 पुत्र शाकिब गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि पुत्री सोनिका भी चोटिल हो गई। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शाकिब की मौत हो गई। 
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इधर, नैनीताल में दिनभर मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। सुबह से हल्की बूंदाबांदी हो रही थी। शाम छह बजे तेज बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई और सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी और धारचूला की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ। जिले के अन्य क्षेत्रों में बारिश हुई। जिसका असर उड़ानों पर भी पड़ा। सुबह देहरादून से यात्रियों को लेकर नैनीसैनी पहुंचा विमान मौसम की खराबी के कारण देहरादून नहीं जा सका। इसके बाद हिंडन के लिए भी उड़ान रद्द कर दी गईं। तीन बजे मौसम सामान्य होने पर विमान यात्रियों को लेकर देहरादून के लिए उड़ा। 

कुमाऊं के चंपावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर में भी मौसम खराब रहा। बारिश और ओलावृष्टि से कई क्षेत्रों में फसलें चौपट हो गईं। पहाड़ों में सब्जी की फसल को नुकसान हुआ। फलों में डिफानिया रोग और मटर व आलू में फंगस लगने की आशंका जताई जा रही है। तराई में गेहूं, लाही, सरसों और मटर समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

देहरादून में बेमौसम बारिश से आम, खुबानी, आड़ू को नुकसान 

बेमौसम बारिश के कारण जिले में बागवानी किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ज्यादातर बागवानी की फसलों पर फूल आते ही बारिश ने कहर बरपा दिया है। उद्यान विभाग के अनुसार यह बारिश इन फसलों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। इससे जिले में इस बार आम, आड़ू, खुबानी, पुलम (आलू बुखारा) आदि फसलों के उत्पादन में भी गिरावट की आशंका है। 

जिला उद्यान अधिकारी मीनाक्षी जोशी ने बताया कि बारिश के कारण हो रहे नुकसान का अभी आंकलन नहीं कराया गया है। बारिश के बाद ही नुकसान का आंकलन कराया जा सकता है, लेकिन वर्तमान में फील्ड कर्मचारियों की प्राथमिक रिपोर्ट है कि इससे उद्यानी फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में आड़ू, खुबानी जैसी फसलों पर आया बोर (फूल) काफी हद तक नष्ट हो चुके हैं। इसके अलावा निचले इलाकों में आम पर भी बोर आना शुरू हो गया है। इस बीच इस बारिश और ओलावृष्टि से बागानों में बोर नष्ट हो गया है। 

 इधर, बारिश से सामान्य फसलों मसलन गेहूं, सरसों आदि को खतरे की बात सामने नहीं आई है। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि गेहूं की फसल जवान हो चुकी है। इसके पकने में देरी हो सकती है, लेकिन फिलहाल इस बारिश से नुकसान की आशंका नहीं है। हालांकि, फील्ड कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे किसानों के संपर्क में रहें, ताकि किसी भी स्थिति का तात्कालिक जायजा लिया जा सके।

जिले में बागवानी फसलों की स्थिति 
आम- 6337 हेक्टेयर 
पुलम (आलू बुखारा)- 990 हेक्टेयर 
आड़ू - 505 हेक्टेयर 
खुबानी- 1158 हेक्टेयर  

हरिद्वार में करीब 1.17 लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान 

हरिद्वार में बेमौसमी बारिश के साथ ओलावृष्टि से जनपद हरिद्वार की 1.17 लाख हेक्टेयर भूमि में खड़ी फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा करीब 18 हजार हेक्टेयर बागवानी के बौर झड़ गए हैं। फसलों में करीब 44 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल तो अधिकांश तौर पर खराब हो चुकी है, जबकि 25 फरवरी को हुई ओलावृष्टि से करीब 800 हेक्टेयर भूमि में खड़ी फसलें खराब हो गई थी। किसानों को पिछले नुकसान का मुआवजा तक नहीं मिला। अब फिर से आसमान से आफत बनकर बरसी बारिश और ओलों ने बड़ा नुकसान किया है। 

किसान 25 फरवरी की रात को ओलावृष्टि के नुकसान से उबरे ही नहीं थे कि बृहस्पतिवार की रात 10 बजे से शुक्रवार की सुबह 10 बजे तक तेज बारिश के साथ चार बार ओलावृष्टि हो गई। इससे किसानों की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। इस समय गेहूं की फसल में बाल पूरी तरह से बन गई थी, लेकिन बारिश, हवा और ओलावृष्टि से गेहूं जमीन पर गिर गई। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीकेश की मानें तो जनपद में 44 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल खड़ी है। इसी के साथ अन्य दाल दलहन की फसलें भी तैयार हो चुकी थीं, उनमें भी नुकसान हुआ।

इसी के साथ करीब 1200 हेक्टेयर में बोई गई सरसों और मटर में अधिक नुकसान हुआ है। मसूर की फसल तो बुरी तरह से खराब हो गई। ग्राम अंबूवाला के किसान धर्मेंद्र प्रधान, अर्जुन चौहान, देवेंद्र सिंह, धर्म सिंह, सुखदेव सिंह, जनरैल सिंह, गुरप्रीत सिंह व बग्गा सिंह आदि ने बताया कि गेहूं व सरसों के साथ बागवानी में बड़ा नुकसान हुआ है। प्याज, आलू, गोभी व टमाटर के साथ अन्य सब्जियों की फसलों को ओले और ज्यादा पानी भरने से नुकसान हुआ है। वहीं, किसानों के सामने चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। 

गन्ने की बुआई को नहीं मिलेगा बीज 

15 दिन के अंतराल पर दो बार ओलावृष्टि होने से गन्ने की फसल का नुकसान हुआ है। इसमें सबसे बड़ा नुकसान गन्ने की आंखें खराब होने से हुआ है। इससे जनपद का गन्ना बुआई लायक नहीं रह गया है। धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि होली पर गन्ने की बुआई शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार लगातार बारिश होने से एक महीने की देरी से गन्ना बुआई होगी। सबसे बड़ी बात तो यह है कि अब गन्ने का बीज कहां से लाएंगे। गन्ना समिति भी जनपद के एक दूसरे क्षेत्र से ही गन्ना उपलब्ध कराते थे। 
  
औसत उपज के आधार पर मुआवजा मिले : अंबरीष 
यूनियन भवन पर किसानों के साथ बैठक करते हुए पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने फसलों के नुकसान के बदले में न्यूनतम समर्थन मूल्य और औसत उपज के आधार पर मुआवजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों ने सहकारी संस्थाओं से कर्ज लेकर फसलें तैयार की थीं। वह मेहनत मिट्टी में मिल गई है। अधिकारी निरीक्षण करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुआवजा नहीं मिला तो सरकार के विरुद्ध आंदोलन होगा। इस मौके पर मास्टर जगपाल, जगपाल सिंह, कुंवर पाल, अजमोद मोदी, जसवंत चौहान, नंदलाल राणा, क्षेत्रपाल चौहान, इसम सिंह बच्चन, साजिद, इकबाल, धनश्याम, सुखबीर, सलीम, रवि, वकील व इसरार आदि शामिल हुए। 

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