उत्तराखंड : तीन दिन से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी, अप्रैल महीने में भी पड़ रही जनवरी जैसी ठंड
अगले 24 घंटे में दून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में तेज गर्जना के साथ बारिश की संभावना।
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विस्तार
राजधानी दून समेत राज्य के विभिन्न इलाकों में गुरुवार को तड़के बारिश के साथ ही ओले पड़ने से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया और मौसम का ये मिजाज राज्यभर में शुक्रवार को भी जारी रहा। देहरादून सहित अन्य शहरों में देर रात से शुक्रवार सुबह तक बारिश का दौर जारी है। जिस वजह से ठंड बढ़ गई है। लोग गरम कपड़े पहने हुए दिख रहे हैं। मसूरी शहर में देर रात से बारिश जारी है।
यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम बर्फ से हुए लकदक
उत्तरकाशी जिले की निचली घाटियों में रुक-रुक कर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। तापमान में गिरावट आने से जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
शुक्रवार को भी जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में झमाझम बारिश हुई, जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत उपला टकनौर के हर्षिल, धराली, मुखबा, सुक्की, झाला, गीठ पट्टी के खरसाली, नारायणपुरी, जानकीचट्टी, हरकीदून घाटी के ओसला, गंगाड़, ढाटमीर, सौड़, सांकरी आदि गांवों में जमकर बर्फबारी हुई। धामों में बर्फ की करीब एक फीट मोटी चादर बिछ गई है। हालांकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत सभी सड़कों पर यातायात सुचारु है। अप्रैल माह में भारी बर्फबारी से लोग हैरान हैं।
केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य चार दिन से ठप
केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य भी चार दिन से ठप पड़े हैं। साथ ही तापमान गिरने से केदारपुरी में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहीं, निचले इलाकों में दिनभर रूक-रूककर तेज बारिश होती रही, जिससे जनजवीन प्रभावित रहा।
केदारनाथ में लगभग एक फीट बर्फ जम गई है जबकि इससे पहले तीन दिनों में हुई बर्फबारी से धाम में डेढ़ फीट तक बर्फ जमा हो रखी है।वहीं, द्वितीय केदार मद्महेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, चंद्रशिला व हरियाली डांडा में भी बर्फबारी हुई। दूसरी तरफ जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, गुप्तकाशी, अगस्त्यमुनि, जखोली में तेज बारिश हुई।
रूपकुंड, वेदनी व आयजनटॉप बर्फ से ढके
दो दिनों से हो रही बारिश के कारण कर्णप्रयाग सहित आसपास के क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है जिससे लोगों ने फिर से गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए हैं। सिमली, लंगासू, गौचर, आदिबदरी, गैरसैंण में भी दिनभर बारिश होती रही। बेनीताल, नौटी, नंदासैंण, छोंतेश्वर व एंड गांव में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
देवाल के पर्यटन स्थल रूपकुंड, आली, वेदनी, बगुवावास, ब्रहमताल, बगजी बुग्याल व आयजनटॉप बर्फ से ढक गए हैं। वन विभाग के डिप्टी रेंजर टीएस बिष्ट ने कहा कि सभी बुग्याल बर्फ से ढक गए हैं। उन्होंने लोगों से मौसम खुलने तक बुग्याल में न जाने की अपील की।
वहीं थराली के ब्रह्मताल, सूपताल, बमोटिया में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई हैै। थराली-देवाल मार्ग पर पानी जमा होने से आवाजाही में दिक्कत हुई।
ओलावृष्टि से गेहूं, मटर, सेब की फसलों को नुकसान
भारी ओलावृष्टि से काश्तकारों की गेहूं, मटर, सेब, चुल्लू एवं टमाटर की पौध को भारी नुकसान हुआ है। पहले बारिश कम होने से फसल नहीं हो पा रही थी जो हुई भी वह इस ओलावृष्टि से खराब हो गई। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे हुई ओलावृष्टि ने काश्तकारों की फसल चौपट कर दी, जिससे काश्तकारों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है।
पुरोला क्षेत्र के कुमोला, पुजेली, छिबाला, देवढुंग, मखना, कोटी, धामपुर, मोल्टाड़ी, खलाड़ी, करड़ा, नेत्री, चंदेली, छाड़ा, कुरड़ा आदि गांवों में भारी ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसल को भारी नुकसान हुआ है। भाजपा नेता नवीन गैरोला ने प्रशासन से शीघ्र क्षतिग्रस्त फसल का आंकलन कर मुआवजा देने की मांग की।
वहीं चमोली जिले के पोखरी में भी बारिश से गेहूं, जौ, मसूर सहित अन्य फसल प्रभावित हो गई है। पहले कम बारिश होने से फसल कम हो रही थी, जो थोड़ी बहुत हुई वह अब पकने के कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन ओलावृष्टि और बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं और जौ की फसल खराब हो गई है। काश्तकारों का कहना है लगातार बारिश से गेहूं काला पड़ने लग गया है।
वहीं टिहरी जिले में भी ओलावृष्टि से फसलों और फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से गेहूं, जौ की फसलों और सेब, आडू, पुलम और खुमानी के पौधों को नुकसान पहुंचा है जबकि सेब, आडू, पुलम, खुमानी और नाशपाती के फलदार पेड़ों पर खिले फूल ओलावृष्टि से झड़ गए हैं। नवहीं रुद्रप्रयाग जिले में तुंगनाथ व मद्महेश्वर घाटी के गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे काश्तकारों की वर्षभर की मेहनत पर पानी फिर गया है।
केदारनाथ में डेढ़ फीट बर्फ जमा, घाटी क्षेत्रों में बारिश
अल्मोड़ा में गुरुवार रात से बारिश जारी है। ये बारिश का लगातार तीसरा दिन है। अभी भी बादल छाए हैं। तेज ठंडी हवाएं चल रहीं हैं। पिथौरागढ़ में धूप खिली है। चौखुटिया में रात से बारिश जारी है, कृषकों को गेंहू कटाई में दिक्कत हो रही है। रुद्रपुर में मौसम साफ है। नैनीताल में रात में बारिश थी, अभी बादल छाए हैं। लोहाघाट में बूंदाबादी हुई, चंपावत में बादल छाए हैं। द्वाराहाट में रात में जमकर बारिश हुई। अभी भी घने बादलों के साथ गर्जना व हल्की बारिश हो रही है।
बगोन मेले में चार लोग आकाशीय बिजली गिरने से घायल
नई टिहरी में थौलधार ब्लॉक के बगोन में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोग घायल हो गए। घायलों को स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ में भर्ती करवाया गया, जहां सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शासन-प्रशासन से घायलों के उपचार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
थौलधार के बंस्यूल के जिला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह रावत ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि 21 अप्रैल को बगोन गांव में बैसाखी पर लगे मेले में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग पहुंचे थे, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम खराब होने के कारण आकाशीय बिजली गिरी, जिसमें चार लोग घायल हो गए।
बताया कि घायलों में पूनम (16) पुत्री सब्बल सिंह, सुरभि (12) पुत्री रोशन लाल, मनीषा (11) पुत्री प्रेम लाल ग्राम बगोन और हरीश सिंह (35) पुत्र कमल सिंह ग्राम महेड़ा शामिल है। बताया कि सभी घायलों का स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ में इलाज चल रहा है।