Uttarakhand Weather: तीन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, मसूरी में ठंड बढ़ने के साथ छाने लगा कोहरा
होटल मैनेजर अरविंद सेमवाल ने बताया कि बारिश के कारण शहर में पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। मसूरी में पिछले कुछ दिन से रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
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नैनीताल, चमोली और बागेश्वर जिले में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इसी के साथ शासन, जिला प्रशासन के साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़े अफसरों को 24 घंटे सतर्क रहने को कहा गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि अगले 24 घंटे के दौरान नैनीताल, चमोली और बागेश्वर जिले में नदियों, नालों के किनारे बसे लोगों के साथ ही भूस्खलन आशंकित इलाकों के लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
वहीं, मसूरी में पिछले कुछ समय से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण ठंडक बढ़ गई है। वहीं क्षेत्र में पर्यटकों की कमी के कारण सन्नाटा पसरने लगा है। शुक्रवार सुबह भी क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई। जिससे ठंड बढ़ने के साथ ही हर तरफ कोहरा छा गया। जिससे वाहनों की रफ्तार भी धीमी पढ़ गई। होटल मैनेजर अरविंद सेमवाल ने बताया कि बारिश के कारण शहर में पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। मसूरी में पिछले कुछ दिन से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जिससे जगह-जगह मार्ग अवरुद्ध होने के साथ ही शहर में भी जलभराव की समस्या खड़ी हो रही है। जिससे पर्यटक अब मसूरी से दूरी बना रहे हैं।
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राष्ट्रीय व राज्य मार्ग खुले, 87 ग्रामीण सड़कें अभी बंद
प्रदेश में 83 ग्रामीण सड़कें, दो मुख्य जिला मार्ग और एक अन्य जिला मार्ग कुल 87 सड़कों को छोड़कर अन्य को खोल दिया गया है। बीते दिनों बारिश थमने के कारण बंद सड़क मार्गों को खोलने का काम तेजी से हुआ। लोक निर्माण विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को कुल 34 मार्ग अवरुद्ध हुए। 53 मार्ग एक दिन पहले से अवरुद्ध थे। इनमें 40 मार्ग खोले गए, जबकि शेष 47 पर आवागमन अभी भी ठप है। इनमें दो मुख्य जिला मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग और 43 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।
पीएमजीएसवाई के तहत शुक्रवार को एक भी मार्ग अवरुद्ध नहीं हुआ, जबकि 56 मार्ग एक दिन पहले से बंद थे। कुल 56 मार्गों में 16 को खोला गया। 40 अवरुद्ध मार्गों को खोलने की कार्रवाई की जा रही है। राजमार्गों पर 28 मशीन, मुख्य जिला मार्गो पर नौ, अन्य जिला मार्गों पर पांच और ग्रामीण मार्गों पर 65, कुल 107 मशीन सड़कों को खोलने के काम में लगाई गई हैं। इसके अलावा पीएमजीएसवाई के मार्गों पर 55 मशीन कार्य कर रही हैं।
तवाघाट-लिपुलेख सड़क दो दिन से बंद
तवाघाट-लिपुलेख सड़क मलबा आने के कारण मलघाट में बंद हो गई है। इस कारण आदि कैलाश जाने वाले 19वें दल के 27 यात्री बुंदी में फंसे हैं। बीआरओ के अनुसार पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने से सड़क खोलने में दिक्कत आ रही है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में अब भी मूसलाधार बारिश हो रही है। दो दिन पहले मलघाट नामक स्थान पर पहाड़ी दरकने से तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर मलबा आ गया। इसके चलते यातायात ठप है और आदि कैलाश की यात्रा पर गया 19वां दल दो दिन से बुंदी में फंसा है। आवाजाही ठप होने से स्थानीय लोग भी परेशान हैं। सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
केएमवीएन धारचूला के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट ने बताया कि मलघाट में दो दिन से सड़क बंद होने के कारण 19वें दल के 27 यात्री बुंदी में फंसे हैं। 20वें दल के 24 यात्रियों को दर्शन के लिए नारायण आश्रम भेजा है। 18वें दल के 15 यात्रियों को डीडीहाट में रोका गया है।
इधर बीआरओ के एक अधिकारी ने बताया कि मलघाट में चट्टान से बोल्डर और मलबा आने के कारण सड़क खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने दो से तीन दिन में सड़क खुलने की उम्मीद जताई है। मलघाट में बोल्डर और मलबा गिरने से पैदल आवाजाही भी काफी जोखिम भरी बनी हुई है। लोगों ने बीआरओ से सड़क पर जमा मलबा हटाकर यातायात सुचारु करवाने की मांग की है।