उत्तराखंड आपदा: कुमाऊं में सात और लोगों के शव हुए बरामद, मृतकों की संख्या 58 पहुंची
बुधवार को मौसम खुला तो मलबे में दबे लोगों की खोजबीन का काम शुरू हुआ। इस दौरान कुमाऊं से सात लोगों के शव बरामद किए गए।
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कुमाऊं में बेमौसम बारिश के कहर से सात और गढ़वाल में तीन और लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही आपदा की भेंट चढे़ लोगों की संख्या अब 58 हो गई है।
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ताजा मामले में भारी बारिश के साथ आए मलबे की चपेट में आने से लोहाघाट ब्लॉक में नेपाल सीमा से लगे सुल्ला गांव के कैलाश सिंह (32) उनकी पत्नी चंचला देवी (28), उनके दो बेटों रोहित सिंह (12) और भुवन सिंह (8) की मौत हो गई है। 18 घंटे की मशक्कत के बाद शवों को मलबे से निकाला जा सका। पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील के दारमा घाटी के ग्राम चल के बुग्याल गए दो लोगों की बर्फ में दबकर मौत हो गई। ग्राम लदुआ ढिकुली में ऊंट की सवारी कराने वाले बिजनौर निवासी इस्लामुद्दीन उर्फ मुंशी की सात वर्षीय बेटी आलिया रामनगर में कोसी नदी के तेज बहाव में बह गई।
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बुधवार को ओखलकांड के थलाड़ी में एक व्यक्ति की मौत का पता चला। मलबे में ढूंढखोज के दौरान उसका शव बरामद हुआ। इसके अलावा मंगलवार को मलबे में दबे चार और लोगों के शव मलबे में खोजबीन के दौरान निकाले गए। इनमें दो शव कैंची धाम और दो शव बोहराकोट से निकाले गए।
सीएम धामी ने ट्रैक्टर पर सवार होकर आपदाग्रस्त इलाकों का जायजा लिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधरवार को खटीमा, चंपावत और नैनीताल जिले के रामगढ़ क्षेत्र में आपदाग्रस्त इलाकों का जायजा लिया। खटीमा में उन्होंने ट्रैक्टर पर बैठकर जलभराव क्षेत्रों का जायजा लेकर पीड़ितों का जाना हाल। इस दौरान किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सीएम की फ्लीट में शामिल पुलिस पेट्रोलिंग कार नौसर सड़क पर पानी के तेज बहाव में बह गई थी।
बचाव में जुटे वायुसेना के एमआई-17 समेत पांच हेलीकॉप्टर
आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए पंतनगर एयरपोर्ट को एयरबेस बनाया गया है। एमआई-17 समेत वायुसेना के पांच हेलीकॉप्टरों को बचाव कार्य में लगाया गया है।
आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से मदद मांगी थी, जिसके बाद प्रदेश में बचाव अभियान चलाने के लिए एयरफोर्स को तैनात किया गया है। केंद्र सरकार से भेजे गए पांच हेलीकॉप्टरों सहित लगभग चालीस सैनिकों ने कुमाऊं प्रभारी आईएएस अधिकारी हरबीर सिंह के नेतृत्व में मंगलवार से बचाव कार्य शुरू कर दिया था।
हरबीर सिंह ने बताया कि सेना व एयरपोर्ट के समन्वय से बुधवार को सात उड़ानों के माध्यम से एनडीआरएफ के 26 जवानों और डॉक्टरों की टीम को ओखलकांडा के खलाड़ी गांव भेजा गया, जिन्होंने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और डॉक्टरों ने मौके पर ही मृतकों का पोस्टमार्टम किया।
बताया कि दो उड़ानें हर्षिल के लिए भरी थीं, जिनमें जवानों ने वहां फंसे पर्वतारोहियों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। जरूरत पड़ने पर रात्रि में भी बचाव कार्य किया जाएगा।
नैनीताल जिले में बारिश से 8242 लाख रुपये का नुकसान
जिला प्रशासन ने दैवीय आपदा से हुए नुकसान का प्रारंभिक आंकड़ा जारी कर दिया है। डीएम की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जिले को दैवीय आपदा से 8342 का नुकसान हुआ है। इसमें सबसे अधिक नुकसान सिंचाई और लोक निर्माण विभाग को हुआ है। डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि ये प्रारंभिक आंकड़ा है, एक सप्ताह में पूरे नुकसान की सही स्थिति का पता चल जाएगा।
हल्द्वानी-लालकुआं तहसील में 102 परिवार बेघर
बारिश के कारण जलभराव होने से हल्द्वानी-लालकुआं तहसील में 102 परिवारों का खाने का सामान बरबाद हो गया। इन्हें तहसील प्रशासन की ओर से गुरुद्वारा सहित अन्य स्थानों पर ठहराया गया है। साथ ही तत्काल 3800-3800 रुपये की आर्थिक मदद भी दी है। तहसीलदार नीतेश डागर ने बताया कि प्रभावितों को तत्काल सहायता राशि दे दी गई है। लालकुआं में एक पक्का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है।
बंडिया में पुल बहा, बैराज के गेट टूटे
बंडिया की हंसली नदी पर बना पुल बह गया और बैराज के दो गेट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये। इधर, मंगलवार रात पुल पार करते समय एक युवक नदी में बह गया। अल्मोड़ा के भनोली निवासी कुंदन राम (25) पुत्र रमेश राम दो वर्ष से बंडिया क्षेत्र में किराये पर रहता था। वह किसी होटल में काम करता था। मंगलवार रात दस बजे वह घर लौट रहा था। टूटा पुल पार करते समय नदी में बह गया। दिन भर एनडीआरएफ की टीमें युवक को पानी में खोजती रही, लेकिन उसका कुछ भी पता नही चला। पुल टूटने से क्षेत्र में आवाजाही बंद रही।
पुलभट्टा क्षेत्र में बाढ़ राहत शिविर से वापस लौटे सैकड़ों लोगों को अपने घर क्षतिग्रस्त मिले घरेलू सामान पानी में बह गया। क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। पीड़ित परिवार जब अपने घरों को वापस लौटे तो सब कुछ तबाह हो चुका था।
घरों का सामान, पलंग, सिलेंडर, बिस्तर, चारपाई, अनाज सब कुछ पानी के तेज बहाव में बह गया था। दर्जनों लोगों के मिट्टी बने घर धराशाही मिले। यहां पर सूरज तालुकदार, सतपाल सिंह, गोपाल बाला, मालती बाला, सुच्चा सिंह, जोगेंद्र सिंह, भजन कौर, गोपाल बाला, सम्पूर्ण सिंह, सुशील, शोभा मजूमदार, सुरेंद्र, गौतम, लालता, गंगा, आमियो फौजदार के घरों का सामान पानी में बह गया जबकि घर टूट गये। टीन के बने घरों में पानी बहता मिला। लोगों ने प्रदेश सरकार से मदद की गुहार की है।
कल्याणी नदी के तेज बहाव में कई मकान बहे
मूसलाधार बारिश से रुद्रपुर में बने बाढ़ जैसे हालात से सबसे अधिक प्रभावित कल्याणी के किनारे बसे लोग हुए हैं। कल्याणी नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से कई मकान बह गए हैं। गनीमत रही कि परिवार के लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले गए। उनका घरेलू सामान और अनाज के साथ ही कई लोगों का कीमती सामान पानी की भेंट चढ़ गया। प्रशासन नुकसान के आकलन में जुटा है।
कल्याणी नदी के पास बसे जगतपुरा, भूतबंगला, शिव नगर, मुखर्जी नगर, रविंद्र नगर, पहाड़गंज आदि मोहल्लों में बारिश ने सबसे अधिक कहर बरपाया। कल्याणी नदी के कहर से उफनाया पानी मकानों में घुस गया। कई लोगों के पूरे मकान डूब गए थे। बुधवार को पानी उतरने के बाद लोग दिनभर अपने घरों की सफाई करने और सामान को सुखाते नजर आए। गलियों और छतों में लोग अपना भीगा हुआ सामान सुखाते दिखे। कई लोगों के मकानों में पानी के साथ ही कीचड़ भी घुस गया। किराना स्टोरों में पानी घुसने से सामान खराब हो गया।
भूतबंगला में कल्याणी नदी के तेज बहाव से चार लोगों के मकान बह गए। शिव नगर में भी एक व्यक्ति का मकान टूट गया। मलिन बस्ती ट्रांजिट कैंप में कीचड़ की सबसे अधिक समस्या रही। जगतपुरा और भूतबंगला के लोगों ने बताया कि सोमवार की शाम सात बजे से कल्याणी नदी का जल स्तर बढ़ना शुरू हुआ और 10 बजे रात तक कई मकान पानी में डूब चुके थे। इधर, रुद्रपुर की सिविल लाइन और अग्रेसन चौक से बरसाती पानी की निकासी न होने के कारण बुधवार को भी जलभराव की समस्या रही। आसपास व्यापारी इस असुविधा के लिए नगर निगम को कोसते नजर आए।
नारायणबगड़: आल्यूं तोक में भूस्खलन से दो लोग मलबे में दबे
बारिश के दौरान ग्राम पंचायत डुंग्री के आल्यूं तोक में भूस्खलन हुआ जिसमें दो लोग मलबे में दब गए। दोनों लोग गांव की पेयजल लाइन ठीक करने गए थे। ग्राम प्रधान ने प्रशासन को इसकी सूचना दी, जिस पर पुलिस और प्रशासन की टीम पैदल ही घटना स्थल के लिए रवाना हुई।
ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश से डुंग्री गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से गांव में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई थी। गांव के भरत सिंह (48) पुत्र गुमान सिंह व बिरेंद्र सिंह (33) पुत्र किशन सिंह मंगलवार दोपहर को पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए जंगल की ओर गए। रास्ते में अचानक पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में आकर दोनों मलबे में दब गए। जब देर शाम तक दोनों लोग घर नहीं पहुंचे तो उनकी खोज की गई।
इनमें से एक पूर्व सैनिक है, जो वर्तमान में डीएसी में दिल्ली में कार्यरत है और आजकल छुट्टी पर घर आया हुआ था। सभी ग्रामवासी मलबे में दबे युवकों को ढूंढने में लगे हैं। बुधवार को ग्राम प्रधान ने जिला प्रशासन को घटना की सूचना दी और मलबे में दबे युवकों को खोजने की गुहार लगाई। पुलिस व प्रशासन की टीम घटनास्थल के ओर रवाना हुई लेकिन नारायणबगड़-परखाल डुंगरी रोड बंद होने के कारण टीम को पैदल ही गांव के लिए जाना पड़ा। छैकुडा गांव में बारिश से कुशलानंद तथा उर्वीदत्त का मकान भरभराकर गिर पड़ा। ऐसे में प्रभावितों ने सुरक्षित स्थान पर शरण ली हुई है। इसके साथ ही बिजली और नेटवर्क कनेक्टिविटी न होने से नारायणबगड़ में सभी प्रकार की बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं। डाकघर में भी कामकाज नहीं हुआ।
सेना ने चलाया रामगढ़ तल्ला में बचाव अभियान
भारी बारिश से मची तबाही के बीच सेना के जवान लगातार राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। मंगलवार को सेना ने नैनीताल के तल्लीताल और टनकपुर में अभियान चलाकर करीब 30 सौ लोगों को बचाया था। बुुधवार को सेना ने रामगढ़ तल्ला में बचाव अभियान चलाकर कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
जीओसी सब एरिया उत्तराखंड मेजर जनरल संजीव खत्री ने बताया कि रामगढ़ में सड़कों पर मलबा आने और भूस्खलन के कारण कई लोग फंसे हुए थे। इसमें राजस्थान में तैनात एक सैन्य अधिकारी और उनका परिवार भी शामिल था। सुबह करीब साढ़े नौ बजे सेना का बचाव दल रामगढ़ तल्ला पहुंचा और। वहां कई परिवार फंस हुए थे।
फंसने वालों में राजस्थान में तैनात एक सेना अधिकारी और उनका परिवार जिसमें तीन महिलाएं, तीन बुजुर्ग और एक बच्चा शामिल था। सेना के बचाव दल ने सैन्य अधिकारी सहित उनके पूरे परिवार के साथ ही अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। देर शाम तक फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य जारी रहा।