फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand vigilance probe on Suspended former assembly secretary Singhal

Uttarakhand: विजिलेंस जांच के घेरे में आए निलंबित पूर्व विधानसभा सचिव सिंघल, भ्रष्टाचार का लगा आरोप

Tue, 17 Jan 2023 12:43 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 17 Jan 2023 12:43 PM IST
सार

सिंघल पर आरोप है कि उन्होंने विधानसभा में 32 पदों पर भर्ती परीक्षा के लिए विवादित एजेंसी आरएम टेक्नो साल्यूशंस का चयन किया। परीक्षा कराने के बाद एजेंसी को बिल प्राप्त होने के दो दिन के भीतर 59 लाख का भुगतान कर दिया।

विज्ञापन
Uttarakhand  vigilance probe on Suspended former assembly secretary Singhal
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तराखंड विधानसभा के पूर्व सचिव मुकेश सिंघल सतर्कता (विजिलेंस) जांच के घेरे में आ गए हैं। राज्यस्तरीय सतर्कता समिति ने सिंघल के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में जांच की अनुमति दे दी है। सिंघल के अलावा समिति ने ऊधम सिंह नगर में तैनात सब इंसपेक्टर कविंद्र शर्मा के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन


सिंघल पर आरोप है कि उन्होंने विधानसभा में 32 पदों पर भर्ती परीक्षा के लिए विवादित एजेंसी आरएम टेक्नो साल्यूशंस का चयन किया। परीक्षा कराने के बाद एजेंसी को बिल प्राप्त होने के दो दिन के भीतर 59 लाख का भुगतान कर दिया।
विज्ञापन


Uttarakhand: भर्तियों में घपलों के विरोध में कांग्रेस का हल्ला बोल, प्रदेशभर में किया धरना प्रदर्शन
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य सचिवालय में सोमवार को मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु की अध्यक्षता में सतर्कता समिति की बैठक में कार्मिक सतर्कता विभाग ने दो लोकसेवकों के खिलाफ सतर्कता जांच की अनुमति का मामला रखा था। सतर्कता विभाग ने इन दोनों राजपत्रित अधिकारियों के मामले में शासन से जांच की इजाजत चाही है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, समिति ने विधानसभा के पूर्व सचिव मुकेश सिंघल के मामले को गंभीर मानते हुए विजिलेंस जांच की अनुमति दे दी। एक अन्य मामले में ऊधम सिंह नगर जिले में तैनात एक सब इंसपेक्टर विजिलेंस जांच के घेरे में आ गए हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत है। समिति ने उनके खिलाफ जांच कराए जाने की अनुमति दे दी है।

निलंबन, डिमोशन और अब सतर्कता जांच
विधानसभा के पूर्व सचिव मुकेश सिंघल की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। बैकडोर भर्ती मामले में विशेष जांच समिति ने उनकी भूमिका पर सवाल उठाए थे। समिति की रिपोर्ट के आधार पर स्पीकर ने उन्हें विस सचिव पद से निलंबित कर दिया था। इसी मामले में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। बाद में उन्हें पदावनत (डिमोट) कर संयुक्त सचिव बना दिया गया। अब सिंघल विजलेंस जांच के घेरे में आ गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed