उत्तराखंड: सतत विकास लक्ष्य में उत्तराखंड ने किया सुधार, एसडीजी इंडेक्स में देश में पाया चौथा स्थान
कोरोना महामारी के कारण प्रदेश को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा है। इसके बावजूद प्रदेश में एसडीजी लक्ष्य में सुधार किया है। यह इस बात का संकेत है कि पर्वतीय राज्य कोरोना जैसी महामारी का मुकाबला कर सकता है।
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कोविड महामारी के बावजूद उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर का सामना करने के बाद भी राज्य ने सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) में सुधार किया है, जो इस बात का संकेत है कि उत्तराखंड में कोरोना जैसी महामारी का मुकाबला कर सकता है। आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की रिपोर्ट में सतत विकास लक्ष्य में आठ अंकों का सुधार का देश भर में चौथा स्थान हासिल किया है।
वर्ष 2019-20 की तुलना में उत्तराखंड ने सतत विकास के लिए निर्धारित 17 लक्ष्यों में आठ अंकों का सुधार किया है। एसडीजी इंडेक्स 2020-21 में राज्य ने कुल 72 अंक हासिल कर देश भर में चौथा स्थान हासिल किया है। कोरोना महामारी के कारण प्रदेश को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा है। इसके बावजूद प्रदेश में एसडीजी लक्ष्य में सुधार किया है। यह इस बात का संकेत है कि पर्वतीय राज्य कोरोना जैसी महामारी का मुकाबला कर सकता है। लॉकडाउन से जहां प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ पर्यटन उद्योग ठप रहा है। इन तमाम आर्थिक चुनौतियों के बाद भी राज्य ने स्वास्थ्य समेत अन्य क्षेत्रों में अवस्थापना विकास और सुविधाओं में सुधार किया है।
कोई गरीब नहीं लक्ष्य में पूरे अंक मिले
एसडीजी इंडेक्स रिपोर्ट के अनुसार कोई गरीबी नहीं लक्ष्य में उत्तराखंड ने शत प्रतिशत स्कोर हासिल किए। इसके अलावा स्वच्छ जल और स्वच्छता में 85 अंक प्राप्त किए हैं। हालांकि लैंगिग समानता में उत्तराखंड की प्रदर्शन कमजोर रहा है। लेकिन सतत विकास के अन्य 16 लक्ष्यों में बेहतर प्रदर्शन कर आठ अंकों का सुधार किया है।
ये हैं सतत विकास के लक्ष्य
- कोई गरीब व निर्धन नहीं
- कोई भूखा नहीं
- अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- लैंगिक समानता
- स्वच्छ जल और स्वच्छता
- वहनीय और स्वच्छ ऊर्जा
- अच्छा काम और आर्थिक विकास
- जलवायु संबंधी कार्रवाई
- उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा
- असमानता में कमी
- संधरणीय शहर और समुदाय
- जिम्मेदारीपूर्ण खपत और उत्पादन
- पानी के नीचे जीवन
- भूमि पर जीवन
- शांति, न्याय और मजबूत संस्थाएं
- वैश्विक भागीदारी