देवस्थानम बोर्ड: तीर्थ पुरोहितों का आक्रोश नहीं हो रहा कम, प्रदर्शन के बाद अब अनशन की चेतावनी
- गंगोत्री धाम व मुखबा में धरना दे रहे तीर्थ पुरोहितों ने दी चेतावनी
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देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के खिलाफ तीर्थ पुरोहितों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गंगोत्री धाम में तीर्थ पुरोहितों ने दूसरे दिन भी सरकार और बोर्ड के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। तीर्थ पुरोहितों के गांव मुखबा में भी धरना आंदोलन शुरू हो गया है। उन्होंने शीघ्र बोर्ड रदद नहीं किए जाने पर अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को दूसरे दिन भी गंगोत्री धाम में मौजूद तीर्थ पुरोहितों ने मंदिर परिसर में धरना दिया। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि सरकार देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के माध्यम से सदियों से चली आ रही सनातन परंपराओं को ध्वस्त करने की साजिश कर रही है।
सरकार को धामों की व्यवस्था से कुछ लेना देना नहीं है, सिर्फ धामों से जुड़ी परिसंपत्तियों पर कब्जे के लिए यह बोर्ड बनाया गया है। इस मौके पर राकेश सेमवाल, अरुण सेमवाल, गोवर्द्धन सेमवाल, विष्णु सेमवाल, संजीव सेमवाल, प्रेमवल्लभ सेमवाल, अनुज सेमवाल, सुनील सेमवाल आदि तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे।
इधर, शुक्रवार को तीर्थ पुरोहितों के गांव मुखबा में भी गंगा मंदिर के समक्ष धरना आंदोलन शुरू किया गया। मां गंगा के पुजारी सुधांशु सेमवाल ने कहा कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड तीर्थ पुरोहितों के हक हकूकों पर सीधा हमला है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर प्रदीप सेमवाल, सुमेश सेमवाल, योगेश सेमवाल, जीवानंद सेमवाल, द्वारिका प्रसाद, ज्योतिशरण, संजय, कपिल, प्रवेश सेमवाल, प्रेमचंद आदि ने धरना दिया।
केदारनाथ तीर्थ पुरोहितों ने भी किया चारधाम यात्रा का विरोध
केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों ने कोरोना संक्रमण में चारधाम यात्रा संचालन का विरोध किया है। उन्होंने सरकार द्वारा यात्रा को लेकर समय-समय पर दिए जा रहे बयानों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड के विरोध में आंदोलन तेज किया जाएगा।
केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने कहा कि उत्तराखंड विकास परिषद के उपाध्यक्ष द्वारा 15 जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू करने की बात कही गई है, जिसका तीर्थ पुरोहित समाज विरोध करता है।
तीर्थ पुरोहित किशन बगवाड़ी, लक्ष्मीनारायण जुगराण, विजेंद्र शर्मा, कुबेर नाथ पोस्ती का कहना है कि प्रदेश सरकार ने तीर्थ पुरोहितों को विश्वास में लिए बगैर चारधाम यात्रा संचालन का निर्णय करती आ रही है, जो उचित नहीं है। दूसरी तरफ तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी का देवस्थानम के विरोध में केदारनाथ मंदिर परिसर में 15वें दिन भी धरना जारी रहा।