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उत्तराखंड: लंबे समय बाद टांडा के जंगल में दिखा बाघ, संजय वन में लगे ट्रैप कैमरे में हुआ कैद

Fri, 12 Jun 2020 09:28 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 12 Jun 2020 09:28 PM IST
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Uttarakhand: Tiger seen in Tanda forest after a long time, captured in trap camera
- फोटो : फाइल फोटो

उत्तराखंड के रुद्रपुर के तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज स्थित संजय वन में लगे कैमरे में एक बाघ ट्रैप हुआ है। लंबे अरसे बाद जंगल में बाघ की उपस्थिति दर्ज होने से अधिकारी और कर्मचारी गदगद हैं।  जंगलों में घुसपैठ करने वाले तस्करों और वन गूजरों की हर गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग रेंजों में ट्रैप कैमरा लगाए गए थे।

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तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज के संजय वन क्षेत्र में भी एक ट्रैप कैमरा लगाया गया था। रुद्रपुर रेंज अधिकारी पंकज शर्मा ने बताया कि संजय वन में लगे कैमरे में एक बाघ ट्रैप हुआ है। तराई के जंगलों में बाघों की संख्या कार्बेट पार्क के मुकाबले बहुत कम है।
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संजय वन क्षेत्र में लंबे अरसे बाद बाघ दिखाई दिया है, जो कि काफी सकारात्मक है। उन्होंने बताया कि तराई में अमूमन तेंदुए देखे जाते हैं जो जंगलों के साथ ही आबादी क्षेत्र में गन्नों के खेतों में रहना पसंद करतेहैं। इसके अलावा हाथियों की संख्या में भी अब बढ़ोतरी दर्ज हुई है। 

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एलायंस सिटी वन में दोबारा नहीं दिखे तेंदुए

एलायंस सिटी में बीते सोमवार को दिखाई दिए तीन तेंदुए दोबारा नहीं दिखने से लोगों ने राहत की सांस ली है। अचानक तेंदुओं के दिखने से लोगों में डर का माहौल था। सुरक्षा को ध्यान में रखकर वन विभाग ने एक पिंजरा लगाने के साथ ही गश्त बढ़ाई थी। रेंजर पंकज शर्मा ने बताया कि पिंजरे लगने के बाद से तेंदुए नहीं दिखे है। संभवत: वह आबादी से निकलकर जंगल की ओर चले गए हैं। 

तराई केंद्रीय वन प्रभाग में बाघ दिखाई देना वन विभाग के लिए अच्छी खबर है। इस क्षेत्र में हाथी, तेंदुए, चीतल, सांभर समेत अन्य वन्यजीवों का वास है। संजय वन को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। 
- टी बिजुलाल, डीएफओ
 

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