Uttarakhand: मोटे अनाजों की संभावनाओं पर मसूरी में कल से मंथन, 13 राज्यों से प्रतिनिधि पहुंचे
प्रदेश सरकार और राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सहयोग से मसूरी में 11 से 13 अप्रैल तक मोटे अनाजों पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
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मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए पहली बार मसूरी में आज से तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू होगा। इस सम्मेलन में उत्तराखंड समेत 13 राज्यों के कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष और वैज्ञानिक मोटे अनाजों की संभावनाओं पर मंथन करेंगे। आज पहले दिन कई राज्यों से डेलीगेट्स पहुंच गए हैं। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि प्रदेश सरकार और राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सहयोग से मसूरी में 11 से 13 अप्रैल तक मोटे अनाजों पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे, जबकि मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल विशेष रूप से उपस्थित होंगे। उन्होंने बताया कि असम, गोवा, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर से राज्य मार्केटिंग बोर्ड के अध्यक्ष व प्रतिनिधि भाग लेंगे।
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मंत्री जोशी ने कहा कि सम्मेलन में मोटे अनाजों का उत्पादन और मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रबंधन सिस्टम विकसित करने पर चर्चा की जाएगी। साथ ही भारतीय मिलेट अनुसंधान संस्थान हैदराबाद, भारतीय चिकित्सा संयंत्र विपणन संघ, कृषि क्षेत्र के वैज्ञानिक भी जानकारी देंगे।
सेना के लिए खरीद जाने वाले राशन में 25 प्रतिशत मोटे अनाज निर्धारित
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के लिए कुल क्रय किए जाने वाले राशन में 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी मोटे अनाज की तय की है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां सरकार ने मंडुवे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 35.78 रुपये प्रति किलो. तय किया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल जिले में राशन कार्ड धारकों को मंडुवा वितरण किया जाएगा।