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Uttarakhand Cabinet : पहाड़ों में बनेगी टनल पार्किंग, भूस्खलन से भी होगा बचाव, पढ़ें कैबिनेट के अन्य फैसले
Thu, 28 Jul 2022 09:16 AM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 28 Jul 2022 09:16 AM IST
सार
कैबिनेट बैठक में लगी मुहर, पार्किंग निर्माण के लिए तीन संस्थाएं नामित, भू-स्खलन प्रबंधन के लिए देहरादून में बनेगा केंद्र।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
पर्यटन प्रदेश उत्तराखंड में पार्किंग की समस्या अब दूर होगी। सरकार ने पर्वतीय इलाकों के पर्यटन स्थलों के पास टनल पार्किंग का निर्माण कराएगी। प्रदेश कैबिनेट ने बुधवार को इसकी मंजूरी देते हुए इसके लिए तीन कार्यदायी संस्थाएं नामित की हैं। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की समस्या का समाधान करने के लिए देहरादून में एक केंद्र स्थापित करने के लिए उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटीगेशन एंड मैनेजमेंट सेंटर की नियमावली को मंजूरी दे दी गई।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट में कुल 36 प्रस्ताव आए। इनमें से 35 को मंजूरी दी गई। एक प्रस्ताव पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। बकौल मुख्य सचिव, पर्यटन सीजन, चारधाम यात्रा जैसे मौकों पर पार्किंग की समस्या पहाड़ में सबसे चुनौतीपूर्ण है।
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इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने प्रदेशभर में करीब 180 पार्किंग स्थल चिह्नित किए हैं। इनमें से तमाम स्थल ऐसे हैं, जहां जल विद्युत परियोजनाओं की तर्ज पर पहाड़ के भीतर टनल बनाई जा सकती है। इसके लिए सरकार ने टिहरी बांध बनाने वाली टीएचडीसी, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन में टनल बनाने वाली रेलवे विकास निगम लिमिटेड और उत्तराखंड के बांधों में टनल बनाने वाले यूजेवीएनएल को कार्यदायी संस्था नामित किया है।
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अभी तक एनएचआईडीसीएल ही कार्यदायी संस्था थी। ये उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के संयुक्त मुख्य प्रशासक पीसी दुम्का ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 12 टनल पार्किंग चिन्ह्ति की जा चुकी हैं। हर साल होने वाले भू-स्खलन का अध्ययन कर उसका उपचार सुझाने के साथ ही संभावित स्थानों
को चिन्ह्ति करके उसे पहले से ही बचाव के इंतजाम करने के लिए देहरादून में उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटीगेशन एंड मैनेजमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में इस सेंटर की नियमावली को मंजूरी दे दी गई। इस सेंटर में डायरेक्टर जनरल से लेकर पूरे स्टाफ के कुल 75 पद स्वीकृत किए गए हैं।
मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने को समान शुल्क
प्रदेशभर में अभी तक तमाम निकायों, ग्राम पंचायतों ने मोबाइल टावर स्थापना के अलग नियम व अलग-अलग शुल्क तय किए हुए हैं। केंद्र सरकार ने इसके लिए एक समान शुल्क की व्यवस्था की है, जिसे बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में स्वीकार कर लिया गया। अब प्राधिकरण क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापना का शुल्क 50 हजार, नगर पंचायतों में 25 हजार, मैदानी क्षेत्रों में दस हजार और पर्वतीय क्षेत्रों में महज पांच हजार रुपये होगा।
सोनप्रयाग का मास्टर प्लान केदारनाथ की योजना बनाने वाली संस्था बनाएगी
केदारनाथ पुनर्निर्माण मास्टर प्लान बनाने वाली फर्म को सोनप्रयाग में भी मास्टर प्लान बनाने की जिम्मेदारी दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा तय किया गया कि बदरीनाथ केदारनाथ में कार्य करने वाली पीएमसी का यूटीडीवी के साथ एग्रीमेंट था। अब यूटीडीवी के बजाय बदरीनाथ केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ एग्रीमेंट होगा। साथ ही केदारनाथ बदरीनाथ में नए मास्टर प्लान के तहत कंसलटेंसी शुल्क तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत करने को मंजूरी दी गई।
बैठक में यह भी हुए फैसले...
- हरिद्वार जिला पंचायत चुनाव के आरक्षण निर्धारण के लिए जस्टिस डीएस वर्मा की अध्यक्षता में एकल सदस्य आयोग गठित
- एमएसएमई 2015 की नीति के तहत सब्सिडी के लिए बिना पूर्व रजिस्ट्रेशन वाले 100 लाभार्थियों को सब्सिडी की राहत
- एमएसएमई के तहत प्लॉट ऑफ सैड के बिक्री को सर्किल रेट से लिंक करने की मंजूरी
- रूरल बिजनेस इंक्यूबेटर सेंटर से संबंधित नियमावली, मार्गदर्शी सिद्धांत को मंजूरी
- देहरादून मसूरी रोपवे में टर्मिनल निर्माण में ऊंचाई वृद्धि के लिए छूट को मंजूरी
- मेट्रो स्टेशन के समीप व्यवसायिक उंचे भवनों को सैद्धांतिक अनुमति
- आवास विभाग में ट्रांसफेरेबल डेवलपमेंट राइट्स को लागू किया जाएगा
- कुमाऊं में एम्स के सेटेलाइट सेंटर के लिए किच्छा के समीप 100 एकड़ भूमि भारत सरकार को निशुल्क देने की मंजूरी
- मल्लीताल, नैनीताल में लैंडयूज के संबंध में सिंगल आवासीय मद को स्वीकृति दी गई
- वर्ष 2019 ऊधमसिंह नगर कलेक्ट्रेट कर्मियों के छह दिन के बहिष्कार अवधि का वेतन अर्जित अवकाश के रूप में आहरण हेतु मंजूरी
- किच्छा शुगर मिल से सम्बन्धित वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर रखने की मंजूरी दी गई
- चीनी मिल गदरपुर की सरप्लस भूमि को सरकारी विभागों की आवश्यकता पूरी करने के बाद अन्य के लिये निस्तारण की मंजूरी
- योजना आयोग, राजपत्रित संशोधन सेवा से संबंधित दो नियमावलियों को अनुमोदन
- सिंचाई विभाग के तहत उत्तराखंड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड को कार्यदायी संस्था के रूप में मंजूरी
- एक्स-रे टेक्नीशियन पद के लिए अब केवल 100 अंको के टेक्निकल टेस्ट को मंजूरी दी गई
- कैबिनेट ऑफिस भी ई-ऑफिस के रूप में कार्य करने की मंजूरी
- सेवा का अधिकार आयोग से संबंधित वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर रखने की मंजूरी
- विधानसभा सत्रावसान को मंजूरी
- कौशल एवं सेवायोजन विभाग से संबंधित अनुदेशक सेवा नियमावली 2007 संशोधन की मंजूरी
- अधीनस्थ चयन आयोग समीक्षा अधिकारी, वैयक्तिक सहायक एवं सहायक लेखाकार पदों का संविलियन सेवा नियमावली को मंजूरी
- उत्तराखंड इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापन मान्यता संशोधन सेवा नियमावली को मंजूरी
- विद्युत नियामक प्राधिकरण से संबंधित प्रतिवेदन विधानसभा पटल पर रखा जाएगा