उत्तराखंड: तबीयत बिगड़ने से सैनिक की मौत, सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
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14 राष्ट्रीय राइफल (आरआर) में तैनात नलधूरा निवासी लांस नायक रमेश चंद्र जोशी (34) की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। शनिवार को गांव पहुंचे पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ पिंडर और कैल नदी के संगम पर कर दिया गया।
सैनिक की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर है। शोक में लोगों ने बाजार बंद रखे और सैनिक को श्रद्धांजलि दी। ब्लाक के नलधूरा के ख्यालीराम जोशी और पदमा देवी का पुत्र रमेश चंद्र जोशी 3 जुलाई 2003 को सेना के 6 गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे।
इस दौरान तीन सालों के लिए 14 आरआर में जम्मू कश्मीर के बंदीपुरा इलाके में तैनात थे। जम्मू एंड कश्मीर इंफैंट्री (जैक्लाई) के कर्नल अजय ठाकुर ने बताया कि 23 नवंबर को रमेश की तबीयत खराब होने पर उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराने के बाद दिल्ली के आरआर अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान रमेश ने दम तोड़ दिया।
सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम सलामी
रमेश के निधन की खबर से उनके पिता ख्याली राम जोशी, मां पदमा देवी (68 साल) और पत्नी हेमलता सदमे में हैं। उनका बड़ा बेटा दीपांशु (8) कक्षा 3 और हिमांशु (6) कक्षा 1 में देहरादून में पढ़ता है।
शनिवार को सैनिक का पार्थिव शरीर गांव पहुंचाया गया। कैल और पिंडर नदी के संगम पर जैक्लाई के 80 सैनिकों की टीम ने सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। दीपांशु और हिमांशु ने उन्हें मुखाग्नि दी।
इस दौरान डीसीबी के निदेशक महावीर बिष्ट, ज्येष्ठ उपप्रमुख हरेंद्र कोटेड़ी, व्यापार संघ के अध्यक्ष केडी मिश्रा, लखन रावत, सैनिक कल्याण विभाग के सुरेंद्र कुनियाल, आलम सिंह, नरेंद्र बिष्ट, रविंद्र बिष्ट, राजेंद्र भंडारी, लीलाधर जोशी, आनंद कुनियाल, बीना जोशी, रघुबीर रावत, घनश्याम दत्त, विजय प्रसाद, गोपाल दत्त, हीरा बल्लभ, भुवन जोशी, दिनेश चंद्र, राजेंद्र बिष्ट आदि मौजूद रहे।