फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Secretariat Employees will use Wood chair made by prisoners for remove Back pain

उत्तराखंड: सचिवालय कर्मचारियों के ‘दर्द’ का इलाज बनेंगी बंदियों की बनाई कुर्सियां

Wed, 29 Jan 2020 01:26 PM IST
अलका त्यागी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 29 Jan 2020 01:26 PM IST
सार

  • आरामदायक कुर्सियों से अफसर कर्मचारी ‘बैक पेन’ से परेशान
  • जिला कारागार देहरादून को कुर्सियों का ऑर्डर देगा सचिवालय प्रशासन विभाग

विज्ञापन
Uttarakhand Secretariat Employees will use Wood chair made by prisoners for remove Back pain
बंदियों द्वारा बनाई गई कुर्सियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला कारागार देहरादून के बंदियों के हाथों से तैयार लकड़ी की कुर्सियां अब उत्तराखंड सचिवालय कर्मचारियों के ‘दर्द’ का इलाज बनेंगी। सचिवालय का हर तीसरा अफसर व कर्मी ‘बैक पेन’ से परेशान हैं। बैठने के गलत तरीके के साथ आरामदायक और गद्देदार कुर्सियां इस दर्द की मुख्य वजह मानी जा रही है।

विज्ञापन


समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि सचिवालय कर्मियों को कुर्सियां बदलने की मांग उठानी पड़ी है। उनकी इस मांग पर सचिवालय प्रशासन विभाग ने पहल शुरू कर दी है। सुद्धोवाला स्थित जिला कारागार से लकड़ी से तैयार कुर्सियों के सैंपल मंगाए गए हैं, जिनकी सार्वजनिक नुमाइश करने के बाद अब ऑर्डर देने की तैयारी है।
विज्ञापन


 उत्तराखंड सचिवालय में 1200 से अधिक अफसर कर्मचारी हैं। सहायक समीक्षा अधिकारी तक के सभी अफसर व कर्मी लगातार घंटों बैठकर काम करते हैं। कई अनुभागों में कुर्सियां पुरानी और नए डिजाइन की हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन पर लंबे समय तक बैठकर काम करने से कमर पर दबाव बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड सचिवालय संघ के महासचिव राकेश जोशी कहते हैं,‘ कई कर्मचारी बैक पेन से परेशान हैं। इसकी एक प्रमुख वजह आरामदायक कुर्सियां हैं। डॉक्टर भी सलाह दे रहे हैं कि कुर्सी लचीली होने के बजाय सख्त होनी चाहिए। जोशी के मुताबिक, सचिवालय का हर तीसरा कर्मचारी कमर के दर्द से परेशान है।

इसकी पुष्टि सचिवालय में संचालित हो रहे अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. बिमलेश जोशी भी करते हैं। वह कहते हैं,‘ कि उनके पास कमर दर्द से पीड़ित कर्मचारी इलाज के लिए आ रहे हैं और इनकी संख्या बढ़ रही है।’ इसकी वजह वे भी बैठने के गलत तरीके और कुर्सियों को मान रहे हैं।

उनकी मानें तो सख्त सपोर्ट वाली कुर्सी ‘बैक पेन’ से बचाने में मददगार हो सकती है। अपर सचिव (सचिवालय प्रशासन) विनोद कुमार सुमन का कहना है कि जिला कारागार में बंदियों द्वारा तैयार की गई लकड़ियों की कुर्सियों के सैंपल सचिवालय में रखे गए हैं। सभी ने इसे देख लिया है। 

आरामदायक कुर्सी का ‘दर्द’
चिकित्सकों के मुताबिक, आरामदायक और गद्देदार कुर्सी पर गलत तरीके से बैठने पर रीढ़ की हड्डी पर दबाव बनता है। जिससे कमर दर्द और स्पांडिलाइटिस का खतरा बढ़ता है। इससे जकड़न या कमर में छूने पर और कूल्हे में दर्द होता है।

सचिवालय संघ ने भी सचिवालय प्रशासन की पहल का समर्थन किया है। लकड़ी से बनी कुर्सियों से कर्मचारियों को बैक पेन से छुटकारा दिलाने में मदद मिलेगी।
- दीपक जोशी, अध्यक्ष, उत्तराखंड सचिवालय संघ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed