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उत्तराखंड छात्रवृत्ति घोटाले में मुन्ना लाल नौटियाल की गिरफ्तारी पर रोक

Thu, 14 Feb 2019 12:06 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 14 Feb 2019 12:06 PM IST
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Uttarakhand Scholarship scam stay on Munna Lal Nautiyal arresting
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नैनीताल हाईकोर्ट ने कम आय के प्रमाण पत्र के आधार पर छात्रवृत्ति लेने के मामले में आरोपी पिता मुन्ना लाल नौटियाल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। बेटे मयंक नौटियाल को इस मामले में पहले ही राहत मिल चुकी है। हाईकोर्ट ने सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। नौटियाल के अधिवक्ता ने आयकर रिटर्न को लेकर आपत्ति जताते हुए अपना पक्ष रखा।

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एसआईटी जांच के बाद अधिवक्ता चंद्रशेखर करगेती की तरफ से डोईवाला कोतवाली में कम आय के प्रमाण पत्र के आधार पर छात्रवृत्ति वसूलने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि मयंक नौटियाल ने निजी संस्थान में पिता के कम आय के प्रमाण पत्र के आधार पर पांच साल तक फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति वसूली है। इस मामले में मयंक नौटियाल, उसके पिता मुन्ना लाल नौटियाल, नोडल अधिकारी आईटी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, तहसीलदार और लेखपाल को आरोपी बनाया गया था। मयंक नौटियाल की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है।
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इस मामले की विवेचना सीओ डालनवाला और एसआईटी से जुड़ी जया बलूनी की अगुवाई में हो रही है। मयंक नौटियाल के पिता और ठेकेदार मुन्ना लाल नौटियाल ने मुकदमे पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के बाद उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। मुन्नालाल नौटियाल के अधिवक्ता नवनीत कौशिक ने बताया कि हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
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कौशिक का कहना था कि मयंक नौटियाल ने 2013-14 में दाखिला लिया था। उस वर्ष मुन्ना लाल नौटियाल की आयकर रिटर्न दो लाख 48 हजार रुपये थे। जबकि तथ्य छिपाते हुए रिटर्न अगले वित्तीय वर्ष का दर्शाया गया है। नियम यह भी है कि प्रवेश के साल ही आय का प्रमाण पत्र जमा करने का प्रावधान है। तहसील से आय का प्रमाण पत्र भी प्रक्रिया के तहत बनवाया गया है।

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