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संयुक्त निदेशक व चार अफसरों से पूछताछ की अनुमति की फाइल विभागीय मंत्री को भेजी
Sat, 15 Jun 2019 02:59 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 15 Jun 2019 02:59 PM IST
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छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक जीआर नौटियाल व चार अफसरों से एसआईटी को पूछताछ की अनुमति देने की फाइल सचिव समाज कल्याण ने विभागीय मंत्री को भेज दी है। माना जा रहा था कि न्याय विभाग से परामर्श मिलने के बाद सचिव स्तर पर एसआईटी को विवेचना अनुमति मिल जाएगी।
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छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को शासन से विवेचना की अनुमति मांगे 20 दिन से अधिक हो गए हैं। इस दौरान सचिव समाज कल्याण एल फैनई ने अनुमति की फाइल को न्याय विभाग के पास परामर्श के लिए भेज दिया था। न्याय विभाग ने परामर्श दिया कि सचिव विवेचना की अनुमति दे सकते हैं। सचिव ने न्याय विभाग के परामर्श के साथ फाइल विभागीय मंत्री यशपाल आर्य को भेज दी। अनुराग शंखधर के प्रकरण में फाइल विभागीय मंत्री तक इसलिए नहीं भेजी गई, क्योंकि उस समय तक लोकसभा चुनाव की आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रभावी थी।
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विभागीय अधिकारियों की मानें तो विभागीय मंत्री के कार्यालय से अभी तक फाइल नहीं लौटी है। एसआईटी को संयुक्त निदेशक के अलावा पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी दीप राज अग्निहोत्री, सहायक समाज कल्याण अधिकारी सोम प्रकाश, विनोद कुमार व मुनीष त्यागी के नाम शामिल हैं। इनके अलावा विभाग के दो अन्य अधिकारियों के नाम एसआईटी ने भेजे हैं, जिनका निधन हो चुका है।
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एसआईटी के पास पर्याप्त साक्ष्य
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ की अनुमति लेने से पहले एसआईटी ने पांचों अधिकारियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटा लिए हैं। माना जा रहा है कि अनुमति के बाद विवेचना में यदि अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी हो सकती है।