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छात्रवृत्ति घोटाला : समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी
Tue, 22 Sep 2020 10:42 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 22 Sep 2020 10:42 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक जगमोहन कफोला के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति शासन ने दे दी है। सचिव (समाज कल्याण) एल फैनई ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही कफोला पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक गई है।
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उनसे पहले भी अभियोजन की मंजूरी के बाद संयुक्त निदेशक और एक जनजातीय कल्याण के उपनिदेशक को गिरफ्तार कर लिया गया था। कफोला पर नैनीताल जिले में जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए छात्रवृत्ति योजना में कथित अनियमितता का आरोप है। उनके कार्यकाल के दौरान एसआईटी को छात्रवृत्ति के आवंटन में गड़बड़ी के साक्ष्य मिले हैं।
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जिसके आधार पर पुलिस उपाधीक्षक शांतनु पाराशर को विवेचक बनाया गया। उन्होंने शासन से सात जुलाई 2020 और 11 जुलाई 2020 को पत्र भेजकर कफोला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 466, 468, 471, 120 बी तथा 13(1) डी व 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभियोजन की मंजूरी मांगी थी।
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न्याय विभाग के परामर्श के बाद शासन ने जांच अधिकारी से प्रकरण की केस डायरी तलब की। केस डायरी प्राप्त होने के बाद सोमवार को सचिव ने आदेश जारी कर दिए। इस तरह समाज कल्याण विभाग का एक और अधिकारी छात्रवृत्ति घोटाले की जांच की गिरफ्त में आ गया है।
घोटाले की जांच से झुलसे विभाग के कई अधिकारी
छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीता राम नौटियाल को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पांच तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारियों पर भी अभियोजन की कार्रवाई चलाई गई। जनजातीय कल्याण निदेशालय के उपनिदेशक अनुराग शंखधर भी अभियोजन के दौरान जेल गए।