हरिद्वार: 3:30 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार
दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी बाहरी जिलों के कॉलेजों की जांच के बाद जिले के कॉलेजों की जांच कर रही है।
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3:30 करोड़ रुपए के छात्रवृत्ति घोटाले में पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार को हरिद्वार में यह कार्रवाई की गई। जिसके तहत पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपराज सेवानिवृत्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एससी-एसटी छात्रों का फर्जी प्रवेश दिखाकर करोड़ों रुपये गबन करने का आरोप
करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की एसआईटी जांच कर रही है। घोटाले में जनपद हरिद्वार में दर्ज हुए 51 मामलों में एसआईटी तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी हरिद्वार व वर्तमान उप परियोजना निदेशक (निलंबित) अनुराग शंखधर, तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी देहरादून राम अवतार, तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी हरिद्वार सोमप्रकाश, तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी हरिद्वार मुनीष त्यागी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपराज अग्निहोत्री निवासी निवासी 3/215 विष्णुपुरी नवाबगंज कानपुर उत्तर प्रदेश हाल निवासी 71 बी त्रिलोक नगर कनखल के खिलाफ एसआईटी ने जांच के दौरान 12 मुकदमे दर्ज कराए थे। आरोप है कि दीपराज अग्निहोत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान 33 करोड़, 51 लाख 2 हजार 468 करोड़ रुपये स्ववित्त पोषित शैक्षणिक संस्थानों के स्वामी/संचालकों के साथ मिलकर गबन किए। इस मामले में दीपराज अग्निहोत्री को एसआईटी ने अपना पक्ष रखने के लिए कई बार नोटिस भी दिया। लेकिन वह एसआईटी के सामने प्रस्तुत नहीं हुआ।
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अधिवक्ता चंद्रशेखर करगेती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
नैनीताल हाईकोर्ट ने अधिवक्ता चंद्रशेखर करगेती की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 10 नवंबर से पूर्व ट्रायल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर करने की छूट दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका को नहीं सुना था लेकिन हाईकोर्ट की ओर से उन पर लगाए गए दो लाख रुपये के जुर्माने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी।
न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार चंद्र शेखर करगेती के विरुद्ध समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल ने वर्ष 2016 में अनुसूचित जाति /जनजाति के प्रावधानों के अंतर्गत थाना बसंत विहार देहरादून में मुकदमा दर्ज करवाया था। विवेचना के बाद करगेती के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई थी।
इस चार्जशीट को निरस्त कराने तथा ट्रायल कोर्ट के समन आदेश व गैरजमानती आदेश को निरस्त कराने की मांग को लेकर याचिकाकर्ता चंद्रशेखर ने 2017 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी । हाईकोर्ट ने 2018 में उनकी याचिका को खारिज करते हुए चंद्रशेखर करगेती पर कोर्ट के समक्ष झूठे तथ्य पेश करने पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया गया था।
इधर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की ओर से लगाए गए दो लाख रुपये के जुर्माने को करगेती के अधिवक्ता के अनुरोध पर माफ कर दिया। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने करगेती की विशेष जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दायर की थी।