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उत्तराखंड: साढ़े तीन हजार रोडवेज कर्मचारियों को मिली राहत, चिकित्सा सुविधा हुई शुरू
Tue, 05 Jan 2021 11:05 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 05 Jan 2021 11:05 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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उत्तराखंड परिवहन निगम में कार्यरत विशेष श्रेणी और संविदा के करीब साढ़े तीन हजार कर्मचारियों को राहत मिल गई है। निगम प्रबंधन की ओर से ईएसआई से वार्ता करने के बाद कर्मचारियों के लिए फिलहाल चिकित्सा सुविधा बहाल कर दी गई है।
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परिवहन निगम में करीब 3500 कर्मचारी संविदा या विशेष श्रेणी के तहत अपनी सेवाएं दे रहे हैं। निगम हर महीने उनके वेतन से ईएसआई का अंशदान काटने के बाद वेतन जारी करता है। यह अंशदान सीधे ईएसआई में जमा करा दिया जाता है। इससे इन सभी कर्मचारियों को चिकित्सा लाभ मिलता है, लेकिन विभिन्न डिपो में काम कर रहे कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि उन्हें अब ईएसआई का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जब उन्होंने इस संबंध में ईएसआई अधिकारियों से बात की तो पता चला था कि परिवहन निगम उनका अंशदान ही जमा नहीं करा रहा है। इस वजह से उन्हें चिकित्सा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी ने इस संबंध में रोडवेज एमडी को ज्ञापन दिया था। रोडवेज प्रबंधन ने ईएसआई अधिकारियों से वार्ता कर 15 दिन में अंशदान जमा कराने को कहा। लिहाजा, सभी कर्मचारियों के लिए ईएसआई चिकित्सा लाभ सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।
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अपर मुख्य सचिव से मिले परिवहन निगम कर्मचारी
राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ और परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त परिषद का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को सचिवालय में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से मिला। उन्होंने विभिन्न मांगें उनके सामने रखीं, जिस पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन मिला।
परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से कार्मिकों की समस्या जैसे- चार माह का वेतन, ऑडिट के नाम पर किया जा रहा कर्मचारी उत्पीड़न समाप्त करने, सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों के देयकों के भुगतान कराने, कार्मिकों की स्थायी नियुक्ति, राज्य कार्मिकों की भांति मकान किराया भत्ता देने आदि समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे आंदोलन को लेकर वार्ता की। इस पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव परिवहन को शीघ्र समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि तीन माह पूर्व प्रबन्ध निदेशक को बैठक में निगम को घाटे से उबारने के लिए कार्ययोजना बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया था लेकिन अभी तक इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने शीघ्र बैठक कर समस्याओं को समाधान करने को कहा। वार्ता में अध्यक्ष दिनेश गौसाई, महासचिव बीएस रावत मौजूद रहे।