रोडवेज कर्मियों का सरकार को 15 जनवरी तक का अल्टीमेटम, 16 से पूर्ण कार्यबहिष्कार की चेतावनी
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रोडवेज कर्मचारियों ने शासन के आश्वासन पर मांगों पर कार्रवाई के लिए 15 जनवरी तक की मोहलत दी है। अपर मुख्य सचिव से वार्ता के बाद कर्मचारियों ने चार जनवरी को प्रस्तावित सचिवालय कूच स्थगित कर दिया है।
शासन ने वेतन भुगतान समेत अन्य मदों में परिवहन निगम को तीन दिन में 22 करोड़ रुपये जारी करने पर सहमति जताई है। कर्मचारियों ने कुमाऊं में रोडवेज के रूट पर निजी बस संचालकों को परमिट जारी करने की अधिसूचना निरस्त करने समेत अन्य मांगों पर फैसला नहीं होने की स्थिति में 16 जनवरी से प्रदेश स्तरीय कार्यबहिष्कार की चेतावनी दी है।
उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि परिवहन सचिव शैलेश बगौली अवकाश पर हैं, उनके आते ही सभी मुद्दों पर वार्ता होगी।
वार्ता में 300 नई बसें खरीदने के लिए आ रही दिक्कतों को दूर कर जल्द खरीदने की बात पर सहमति बनी। इस मौके पर निगम प्रबंधन की ओर से अपर मुख्य सचिव के अलावा अपर सचिव परिवहन एचसी सेमवाल, प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार संत, वित्त नियंत्रक पंकज तिवारी तथा महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन मौजूद रहे।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति
वहीं, मोर्चा की ओर से उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी, रोडवेज संयुक्त परिषद के महामंत्री दिनेश पंत, उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष सहदेव सिंह, इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री भोला जोशी, मोर्चा के संयोजक विपिन बिजल्वाण, दयाकिशन पाठक आदि मौजूद रहे।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति
- कल्याणकारी योजनाओं के मद में शासन ने 17 करोड़ 13 लाख रुपये स्वीकृत किए, जिससे लंबित वेतन का भुगतान किया जाएगा।
- आपदा के मद में चार करोड़ 66 लाख के लंबित भुगतान के लिए कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।
- पर्वतीय मार्गों पर संचालन से हो रहे घाटे की पूर्ति के लिए एक सप्ताह में उच्च स्तर पर वार्ता के बाद निर्णय लिया जाएगा।
- अवैध वाहनों के संचालन को लेकर होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाएगी।