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Uttarakhand News: ई-कचरा प्रबंधन करने में उत्तराखंड देश में दूसरे स्थान पर, यहां देखिए टॉप 10 राज्यों की सूची

Sun, 30 Jul 2023 10:15 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 30 Jul 2023 10:15 AM IST
सार

उत्तराखंड  में डेढ़ लाख ई-कचरा इकट्ठा कर रिसाइकिल करने की क्षमता है। ई-कचरा प्रबंधन में उत्तराखंड देश में दूसरे स्थान पर है।

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Uttarakhand ranks second in the country in e-waste management read more Update in hindi
E-Waste

विस्तार

पर्यावरण और समाज के लिए भविष्य में बड़े खतरे के तौर पर सामने आ रहे इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रबंधन, एकत्रीकरण और पुनर्चक्रण के मामले में उत्तराखंड देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में 51541.12 मीट्रिक टन ई-कचरे को रिसाइकिल किया जा रहा है।

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यह आंकड़ा राज्य में ई-कचरे को रिसाइकिल करने की क्षमता से आधे से भी कम है। राज्य में 1.58 लाख मीट्रिक टन ई-कचरे के पुनर्चक्रण की क्षमता है। यानी और अधिक कोशिशों से उत्तराखंड के पास ई-कचरे को रिसाइकिल करने के मामले में देश में नंबर एक बनने का अवसर भी है।

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राज्यसभा में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के आधार पर दी गई जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु सरीखे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ा है। हिमालयी राज्यों में हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर ईृ-कचरा एकत्र कर उसको रिसाइकिल करने के मामले में बहुत पीछे है।

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सभी राज्यों पर लागू हैं ई-कचरा के दिशा-निर्देश

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के लिए ई-कचरा के एकत्रीकरण, प्रबंधन और पुनर्चक्रण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश विद्युत व इलेक्ट्रानिक कचरे के उत्पादक, निर्माता, उपयोगकर्ता और पुनर्चक्रण और इसके थोक उपभोक्ता पर लागू होते हैं।

क्या होता है ई कचरा

ऐसे विद्युत और इलेक्ट्रानिक उत्पाद जो काम नहीं कर रहे हैं या उपयोग के अपने अंतिम समय में हैं। जैसे कंप्यूटर, टेलीविजन, फोटो कॉपियर, फैक्स मशीन, विद्युत उपकरण, फ्रिज सरीखे इलेक्ट्रानिक उत्पाद।

क्या हैं खतरे

हिमालयी राज्य उत्तराखंड पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। ई-कचरा राज्य के लिए भविष्य की बहुत बड़ी चुनौती है। इसके गैर वैज्ञानिक ढंग से एकत्रीकरण करने, जलाने व बेतरतरीब ढंग से जहां-तहां फेंकने से हवा और पानी के प्रदूषित होने का खतरा रहता है।

केंद्र सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइड लाइन के आधार पर हम ई-कचरा प्रबंधन को लागू कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि ई कचरा के एकत्रीकरण को बढ़ाया जाए। इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए आईटीडीए ई-कचरा प्रबंधन नीति बना रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नीति के संबंध में सुझाव दे दिए गए हैं। -आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव (वन) व अध्यक्ष राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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ई-कचरा एकत्र करने वाले टॉप टेन राज्य

रैंक राज्य एकत्र व पुनर्चक्रित कचरा

1 हरियाणा 245015.82 (मीट्रिक टन)

2 उत्तराखंड 51541.12

3. तेलंगाना 42297.68

4. कर्नाटक 39150.63

5. तमिलनाडु 31143.77

6. गुजरात 30569.32

7. पंजाब 28375.27

8. राजस्थान 27998.77

9. महाराष्ट्र 18559.30

10. केरल 1249.61

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